बड़ा फंडिंग सहयोग
विश्व बैंक ने आंध्र प्रदेश में अमरावती राजधानी शहर प्रोजेक्ट के पहले चरण (Phase-I) के लिए $340 मिलियन जारी किए हैं। अप्रैल तक अतिरिक्त $130–150 मिलियन मिलने की उम्मीद है, जो लगातार मिल रहे वित्तीय सहयोग को दर्शाता है।
यह फंडिंग भारत की शहरी विकास पहलों में वैश्विक स्तर पर मज़बूत भरोसे का संकेत है। इस प्रोजेक्ट को एशियाई विकास बैंक का भी सहयोग प्राप्त है, जो बहुपक्षीय सहयोग को उजागर करता है।
स्टेटिक GK तथ्य: विश्व बैंक की स्थापना 1944 में ब्रेटन वुड्स समझौते के तहत की गई थी।
कुल वित्तीय प्रतिबद्धता
अमरावती प्रोजेक्ट के लिए कुल $1.6 बिलियन की वित्तीय प्रतिबद्धता हासिल की गई है, जिसे विश्व बैंक और ADB के बीच बराबर–बराबर बांटा गया है। दोनों संस्थाएं इस प्रोजेक्ट में $800 मिलियन का योगदान दे रही हैं।
इसके अलावा, भारत सरकार ने लगभग ₹15,000 करोड़ की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें से ₹1,400 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। यह संयुक्त फंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में लगातार प्रगति सुनिश्चित करती है।
AIUDP ढांचा
यह प्रोजेक्ट अमरावती एकीकृत शहरी विकास कार्यक्रम (AIUDP) के तहत लागू किया जा रहा है। यह ‘प्रोग्राम–फॉर–रिजल्ट्स‘ (PforR) वित्तपोषण मॉडल पर आधारित है।
यह दृष्टिकोण फंड के वितरण को सीधे तौर पर विशिष्ट परिणामों की प्राप्ति से जोड़ता है। यह प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में जवाबदेही, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देता है।
स्टेटिक GK टिप: ‘प्रोग्राम–फॉर–रिजल्ट्स‘ एक वित्तपोषण साधन है जिसका उपयोग विश्व बैंक द्वारा शासन और संस्थागत प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए किया जाता है।
प्रमुख विकास क्षेत्र
अमरावती प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य एक आधुनिक और टिकाऊ राजधानी शहर का निर्माण करना है। विकास के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
• शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
• बाढ़ प्रबंधन प्रणालियां
• शहरी प्रशासन और डिजिटल प्रणालियां
इस पहल का उद्देश्य रोज़गार के अवसरों, कौशल विकास और समावेशी विकास में सुधार लाना भी है। यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव पूंजी, दोनों को मिले।
वित्तीय संरचना और शर्तें
विश्व बैंक द्वारा दिए गए ऋण के साथ पुनर्भुगतान की कुछ निर्धारित शर्तें जुड़ी हुई हैं। बाज़ार की स्थितियों के आधार पर, इसकी ब्याज दर 8% से 8.5% के बीच रहती है।
इस प्रोजेक्ट में 6 वर्षों की ‘ग्रेस पीरियड‘ (छूट अवधि) शामिल है, जिससे पुनर्भुगतान शुरू होने से पहले कुछ समय मिल जाता है। कुल रीपेमेंट की अवधि 29 साल तक है, और रीपेमेंट 15 जून, 2031 से शुरू होंगे।
रणनीतिक महत्व
अमरावती प्रोजेक्ट भारत के शहरी बदलाव और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट की दिशा में एक अहम कदम है। यह दिखाता है कि कैसे ग्लोबल संस्थाएँ उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करती हैं।
परफॉर्मेंस–बेस्ड फाइनेंसिंग का इस्तेमाल बेहतर नतीजे सुनिश्चित करता है और कमियों को दूर करता है। इसका सफल क्रियान्वयन अमरावती को भारत में भविष्य के शहरी नियोजन प्रोजेक्ट्स के लिए एक मॉडल बना सकता है।
स्टैटिक GK तथ्य: तेलंगाना के गठन के बाद 2014 में आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन किया गया था, जिसके कारण एक नई राजधानी की ज़रूरत पड़ी।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| जारी निधि | चरण-I के लिए 340 मिलियन डॉलर |
| अतिरिक्त अपेक्षित | अप्रैल में 130–150 मिलियन डॉलर |
| कुल परियोजना वित्तपोषण | विश्व बैंक और एडीबी द्वारा संयुक्त रूप से 1.6 बिलियन डॉलर |
| भारत का योगदान | ₹15,000 करोड़ |
| कार्यक्रम का नाम | अमरावती एकीकृत शहरी विकास कार्यक्रम |
| वित्तपोषण मॉडल | प्रोग्राम-फॉर-रिजल्ट्स (PforR) |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | अवसंरचना, बाढ़ प्रबंधन, शासन |
| ऋण शर्तें | 6 वर्ष की मोहलत, 29 वर्ष की पुनर्भुगतान अवधि |





