वैश्विक मंच पर नामांकन
समृद्ध ग्राम पहल को ‘सक्षम वातावरण (Enabling Environment)‘ श्रेणी के तहत WSIS पुरस्कार 2026 के लिए नामांकित किया गया है। यह मान्यता ग्रामीण डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भारत के प्रयासों को उजागर करती है। चयन प्रक्रिया में विशेषज्ञों द्वारा अंतिम मूल्यांकन से पहले सार्वजनिक ऑनलाइन मतदान शामिल है।
WSIS पुरस्कार सरकारों, निजी संस्थाओं, नागरिक समाज और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी की अनुमति देते हैं। यह बहु–हितधारक दृष्टिकोण डिजिटल विकास में वैश्विक सहयोग सुनिश्चित करता है।
Static GK तथ्य: WSIS का पूर्ण रूप ‘World Summit on the Information Society‘ (सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन) है, जो वैश्विक डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने वाली संयुक्त राष्ट्र समर्थित पहल है।
Phygital मॉडल की अवधारणा
यह पहल एक ‘एकीकृत Phygital सेवा वितरण मॉडल‘ का अनुसरण करती है, जो भौतिक और डिजिटल दोनों मंचों को जोड़ता है। यह हाइब्रिड प्रणाली सुनिश्चित करती है कि डिजिटल रूप से कम जागरूक आबादी भी आवश्यक सेवाओं तक पहुँच बना सके।
इस मॉडल के तहत, ‘समृद्धि केंद्र‘ एक–स्टॉप केंद्रों के रूप में स्थापित किए जाते हैं। ये केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी और निजी सेवाओं के लिए पहुँच बिंदु (access points) के रूप में कार्य करते हैं।
BharatNet बैकबोन की भूमिका
यह पहल BharatNet के बुनियादी ढांचे पर आधारित है, जो भारत की प्रमुख ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना है। BharatNet का उद्देश्य सभी ग्राम पंचायतों को उच्च गति वाले इंटरनेट से जोड़ना है। यह डिजिटल बैकबोन गांवों भर में निर्बाध सेवा वितरण को सक्षम बनाता है।
बेहतर कनेक्टिविटी के साथ, ग्रामीण नागरिक लंबी दूरी की यात्रा किए बिना सेवाओं तक पहुँच सकते हैं। इससे समय, लागत और बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है।
Static GK सुझाव: BharatNet दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक है।
सेवाएँ और लाभ
समृद्ध ग्राम पहल कई क्षेत्रों तक एकीकृत पहुँच प्रदान करती है। इनमें स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि परामर्श, वित्तीय समावेशन और ई–कॉमर्स सेवाएँ शामिल हैं। ऐसा एकीकरण समग्र ग्रामीण विकास सुनिश्चित करता है।
यह मॉडल गांवों में डिजिटल साक्षरता और उद्यमिता को भी बढ़ावा देता है। यह ‘समृद्धि केंद्रों‘ के प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करता है।
WSIS ढांचे के बारे में
‘World Summit on the Information Society (WSIS)‘ एक दो–चरणों वाला वैश्विक शिखर सम्मेलन है। यह समावेशी और जन–केंद्रित सूचना समाजों के निर्माण पर केंद्रित है। जिनेवा चरण (2003) ने डिजिटल सहयोग के फ्रेमवर्क की नींव रखी। ट्यूनिस चरण (2005) ने इसके कार्यान्वयन पर ज़ोर दिया और ‘ट्यूनिस एजेंडा‘ पेश किया, जिसके परिणामस्वरूप ‘इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (IGF)‘ का गठन हुआ।
इस शिखर सम्मेलन का नेतृत्व ‘अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU)‘ करता है, जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
स्टेटिक GK तथ्य: ITU की स्थापना 1865 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है।
आगे की राह
‘समृद्ध ग्राम पहल‘ की सफलता, बुनियादी ढांचे के निरंतर उन्नयन और डिजिटल जागरूकता पर निर्भर करती है। ‘लास्ट–माइल कनेक्टिविटी‘ को मज़बूत बनाना और ग्रामीण उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षित करना इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
इस तरह के मॉडलों को पूरे भारत में बड़े पैमाने पर लागू करने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई को पाटा जा सकता है। यह भारत के ‘डिजिटल रूप से सशक्त समाज‘ बनने के विज़न को साकार करने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।
स्टेटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| पहल | समृद्ध ग्राम पहल |
| मान्यता | WSIS पुरस्कार 2026 के लिए नामांकित |
| मंत्रालय | संचार मंत्रालय |
| मुख्य मॉडल | एकीकृत फिजिटल सेवा वितरण |
| अवसंरचना | भारतनेट नेटवर्क पर आधारित |
| प्रमुख केंद्र | समृद्धि केंद्र |
| सेवाएँ | स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्त, ई-कॉमर्स |
| WSIS चरण | जिनेवा 2003 और ट्यूनिस 2005 |
| प्रमुख परिणाम | इंटरनेट गवर्नेंस फोरम का गठन |
| प्रमुख एजेंसी | अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ |





