द्विपक्षीय संबंधों में रणनीतिक उन्नयन
भारत और दक्षिण कोरिया ने ली जे–म्युंग की 2026 की राजकीय यात्रा के दौरान अपने संबंधों को “भविष्योन्मुखी साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाया। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में नरेंद्र मोदी के साथ हुई वार्ता के परिणामस्वरूप 25 प्रमुख निष्कर्ष सामने आए।
यह उन्नयन पहले से मौजूद “विशेष रणनीतिक साझेदारी (2015)” के ढांचे पर आधारित है। इसका उद्देश्य गहन सहयोग के माध्यम से उभरती हुई भू–राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करना है।
स्टैटिक GK तथ्य: भारत ने 1973 में दक्षिण कोरिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और दशकों के दौरान इन संबंधों को लगातार मजबूत किया है।
भविष्योन्मुखी साझेदारी के मुख्य क्षेत्र
इस संयुक्त दृष्टिकोण में जहाज निर्माण, समुद्री लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और स्थिरता जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। दोनों देश लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने और सुरक्षित ऊर्जा साझेदारियां स्थापित करने के इच्छुक हैं।
इस सहयोग का लक्ष्य उन्नत विनिर्माण और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भी काम करना है। यह व्यापक हिंद–प्रशांत रणनीतिक ढांचे के साथ दोनों देशों के तालमेल को दर्शाता है।
स्टैटिक GK सुझाव: हिंद–प्रशांत क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग 60% समुद्री व्यापार इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है।
प्रमुख समझौते और MoU
विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें बंदरगाहों का बुनियादी ढांचा, इस्पात उत्पादन, लघु एवं मध्यम उद्यम (SMEs), विज्ञान और नवाचार, तथा जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसका एक प्रमुख आकर्षण “भारत–कोरिया डिजिटल ब्रिज” है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और IT पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है। यह पहल दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।
इस तरह के समझौतों का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और नवाचार क्षमता को बढ़ाना है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग
दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, उन्होंने “व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA)” को उन्नत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
नई पहलों में “भारत–कोरिया वित्तीय मंच” का गठन और भारत में “कोरियाई औद्योगिक टाउनशिप” स्थापित करने के प्रस्ताव शामिल हैं। उम्मीद है कि ये कदम विदेशी निवेश और विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को बढ़ावा देंगे।
स्टैटिक GK तथ्य: CEPA समझौते, मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के ही उन्नत रूप होते हैं, जिनमें सेवाओं और निवेश से संबंधित प्रावधान भी शामिल होते हैं।
नए संवाद और वैश्विक जुड़ाव
भारत और दक्षिण कोरिया ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखला की लचीलेपन से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक “आर्थिक सुरक्षा संवाद” की शुरुआत की है। यह वैश्विक व्यवधानों को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
दक्षिण कोरिया, भारत के नेतृत्व वाली पहलों जैसे कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद–प्रशांत महासागर पहल में शामिल हुआ। इस बीच, भारत ‘ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट‘ में हिस्सा लेगा।
ये सहयोग वैश्विक शासन और जलवायु कार्रवाई में दोनों देशों की भूमिका को मज़बूत करते हैं।
स्टेटिक GK तथ्य: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) को भारत और फ्रांस द्वारा वर्ष 2015 में शुरू किया गया था।
सांस्कृतिक और जन–संबंध
यह साझेदारी लोगों के बीच आपसी संबंधों को मज़बूत करने पर भी केंद्रित है। एक ‘सांस्कृतिक आदान–प्रदान कार्यक्रम (2026–2030)‘ पर्यटन, शिक्षा, खेल और रचनात्मक उद्योगों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा।
भारत में कोरियाई संस्कृति और दक्षिण कोरिया में भारतीय सिनेमा के बढ़ते प्रभाव ने दोनों देशों के बीच आपसी समझ को और गहरा किया है। दोनों देश वर्ष 2028–29 को ‘भारत-ROK मैत्री वर्ष‘ के रूप में मनाएंगे।
यह सांस्कृतिक जुड़ाव ‘सॉफ्ट पावर‘ (नरम शक्ति) और दीर्घकालिक कूटनीतिक विश्वास को बढ़ाता है।
स्टेटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| साझेदारी उन्नयन | भारत और दक्षिण कोरिया ने 2026 में भविष्यवादी साझेदारी की घोषणा की |
| प्रमुख परिणाम | व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और संस्कृति में 25 परिणाम |
| व्यापार लक्ष्य | 2030 तक $27 बिलियन से बढ़ाकर $50 बिलियन करना |
| प्रमुख समझौता | CEPA उन्नयन वार्ता पुनः शुरू |
| तकनीकी पहल | एआई और सेमीकंडक्टर के लिए भारत–कोरिया डिजिटल ब्रिज |
| रणनीतिक संवाद | आर्थिक सुरक्षा संवाद शुरू |
| वैश्विक पहल | ISA और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में भागीदारी |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम 2026–2030 |
| विशेष उत्सव | 2028–29 को भारत–ROK मैत्री वर्ष घोषित |
| कूटनीतिक संबंध | भारत–दक्षिण कोरिया संबंध 1973 में स्थापित |





