दक्षिण कोरिया में वैश्विक प्रस्तुति
आंध्र प्रदेश ने विश्व जलवायु शहर फोरम 2026 में, जो येओसु, दक्षिण कोरिया में आयोजित हुआ, अपनी एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति का प्रदर्शन किया। राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण (TUDA) के अध्यक्ष सी. दिवाकर रेड्डी ने किया।
यह नीति एन. चंद्रबाबू नायडू के 2047 तक नेट–ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने के दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह स्थिरता लक्ष्यों के साथ-साथ किफायती और विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर देती है।
स्टेटिक GK तथ्य: दक्षिण कोरिया पूर्वी एशिया की एक प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्था है, जिसकी राजधानी सियोल है।
नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार को बढ़ावा
यह नीति सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जैव ईंधन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बड़े पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा देती है। यह ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर भी प्रकाश डालती है।
निवेश आकर्षित करने के लिए, राज्य प्रोत्साहन, सिंगल–विंडो क्लीयरेंस और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) का विकास प्रदान करता है। इन उपायों का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में औद्योगिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
स्टेटिक GK टिप: SEZ ऐसे निर्दिष्ट क्षेत्र होते हैं जहाँ निर्यात और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक नियम लागू होते हैं।
रणनीतिक नेट-ज़ीरो दृष्टिकोण
2047 तक नेट–ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है। नेट–ज़ीरो का तात्पर्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कार्बन कैप्चर जैसे निष्कासन तंत्रों के साथ संतुलित करना है।
राज्य नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को औद्योगिक विकास के साथ एकीकृत करने की योजना बना रहा है, जिससे पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हो सके। यह दृष्टिकोण भारत के कम–कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण का समर्थन करता है।
जलवायु-लचीली ग्रामीण पहलें
TUDA अपने क्षेत्र के भीतर जलवायु–लचीले गांवों को विकसित करने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कंदुलवारिपल्ली ग्राम पंचायत में एक मॉडल पहल लागू की जा रही है, जिसका मुख्य ज़ोर टिकाऊ बुनियादी ढांचे और जलवायु अनुकूलन पर है।
इन परियोजनाओं में जलवायु जोखिमों के प्रति ग्रामीण लचीलेपन को बेहतर बनाने के लिए कई विभागों के बीच समन्वय शामिल है। इसमें जल प्रबंधन, हरित बुनियादी ढांचा और टिकाऊ आजीविका पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
स्टेटिक GK तथ्य: ग्राम पंचायत, पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्रामीण भारत में स्थानीय स्व–शासन का सबसे निचला स्तर है।
तिरुपति में शहरी चुनौतियाँ
तिरुपति शहर को हर साल लगभग 18 मिलियन (1.8 करोड़) विज़िटर्स के भारी आवागमन के कारण अनोखी पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्ट, एनर्जी और पब्लिक यूटिलिटीज़ पर दबाव पड़ता है, खासकर त्योहारों के समय।
टूरिज़्म को बढ़ावा देते हुए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को मैनेज करना एक मुख्य चिंता का विषय है। अधिकारी आर्थिक गतिविधियों और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने के लिए सस्टेनेबल शहरी प्लानिंग पर ध्यान दे रहे हैं।
पॉलिसी का महत्व
यह पहल आंध्र प्रदेश को एक संभावित वैश्विक क्लीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करती है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में उप–राष्ट्रीय सरकारों की बढ़ती भूमिका को भी उजागर करती है।
यह पॉलिसी दिखाती है कि कैसे रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाना, निवेश–अनुकूल नीतियाँ और स्थानीय जलवायु कार्रवाई मिलकर लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता के लिए काम कर सकते हैं।
स्टेटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| आयोजन | वर्ल्ड क्लाइमेट सिटीज़ फोरम 2026 |
| स्थान | येओसु, दक्षिण कोरिया |
| नीति | एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति |
| लक्ष्य | 2047 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन |
| प्रमुख प्राधिकरण | तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण |
| प्रौद्योगिकियाँ | सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, भंडारण प्रणालियाँ |
| ग्रामीण पहल | जलवायु-सहिष्णु गाँव |
| शहरी फोकस | तिरुपति स्थिरता चुनौती |





