अप्रैल 17, 2026 10:24 अपराह्न

e-NAM डिजिटल कृषि व्यापार इकोसिस्टम को मज़बूत बनाता है

समसामयिक घटनाएँ: e-NAM, राष्ट्रीय कृषि बाज़ार, APMC सुधार, e-NWR प्रणाली, कृषि व्यापार, SFAC, डिजिटल मंडियाँ, किसानों की आय, WDRA

e-NAM Strengthens Digital Agricultural Trade Ecosystem

कृषि में डिजिटल बदलाव

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM) ने अप्रैल 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से कृषि व्यापार में बदलाव का एक दशक पूरा कर लिया है। यह पूरे भारत में फैला एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे मौजूदा मंडियों को आपस में जोड़ने और एक एकीकृत राष्ट्रीय बाज़ार बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

कृषि लेनदेन को डिजिटल बनाकर, e-NAM ने कमियों को दूर किया है और पारदर्शिता बढ़ाई है। यह किसानों को स्थानीय मंडियों से बाहर भी बेहतर कीमतें पता लगाने का मौका देता है।

स्टेटिक GK तथ्य: कृषि भारत की GDP में लगभग 18% का योगदान देती है और लगभग आधे कार्यबल को रोज़गार देती है

APMC की सीमाओं को पार करना

पारंपरिक कृषि उत्पाद बाज़ार समिति (APMC) मंडियाँ अक्सर किसानों को स्थानीय खरीदारों तक ही सीमित रखती थीं, जिससे प्रतिस्पर्धा कम हो जाती थीe-NAM ने राज्यों के बीच व्यापार और बाज़ार तक व्यापक पहुँच देकर इस समस्या का समाधान किया।

यह सुधार एक राष्ट्र, एक बाज़ार की अवधारणा का समर्थन करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसान भौगोलिक सीमाओं तक ही सीमित रहें। यह बिचौलियों की भूमिका को भी कम करता है।

स्टेटिक GK टिप: APMC अधिनियमों को राज्य सरकारें नियंत्रित करती हैं, जिसके कारण पूरे भारत में कृषि विपणन में भिन्नताएँ देखने को मिलती हैं।

e-NAM की मुख्य विशेषताएँ

e-NAM एक बहुस्तरीय डिजिटल संरचना के माध्यम से काम करता है, जिसमें एक वेब पोर्टल और एक मोबाइल एप्लिकेशन शामिल है। यह उपज की बेहतर ग्रेडिंग के लिए AI-सक्षम गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणालियों को भी एकीकृत करता है।

इस प्लेटफ़ॉर्म को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत लघु किसान कृषिव्यवसाय संघ (SFAC) द्वारा लागू किया गया है। यह 12 भाषाओं में इंटरफ़ेस, लाइव मूल्य डैशबोर्ड और एकलखिड़की सेवाएँ प्रदान करता है।

इलेक्ट्रॉनिक परक्राम्य गोदाम रसीद (e-NWR) प्रणाली के साथ एकीकरण किसानों को WDRA-मान्यता प्राप्त गोदामों में अपनी उपज जमा करने और माल को भौतिक रूप से स्थानांतरित किए बिना डिजिटल रूप से बेचने की सुविधा देता है।

स्टेटिक GK तथ्य: गोदाम विकास और विनियामक प्राधिकरण (WDRA) गोदाम (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2007 के तहत गोदामों को विनियमित करता है

एक दशक की उपलब्धियाँ

e-NAM ने पिछले दस वर्षों में अपनी पहुँच और प्रभाव का काफ़ी विस्तार किया है। कनेक्टेड मंडियों की संख्या 2024 में 1,389 से बढ़कर मार्च 2026 तक 1,656 हो गई

इस प्लेटफॉर्म ने 13.25 करोड़ मीट्रिक टन कमोडिटीज़ की ट्रेडिंग में मदद की, जिससे ₹4.84 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। यह कृषि मार्केटिंग में इसके बढ़ते महत्व को दिखाता है।

इसके अलावा, इसने 1.80 करोड़ से ज़्यादा किसानों, 2.73 लाख व्यापारियों और 4,724 किसानउत्पादक संगठनों (FPOs) को अपने साथ जोड़ा है, जिससे समावेशिता बढ़ी है

स्टैटिक GK टिप: FPOs किसानों के सामूहिक संगठन होते हैं, जिनका मकसद उनकी मोलभाव करने की ताकत और आय को बेहतर बनाना होता है।

भविष्य की संभावनाएं

e-NAM का भविष्य डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ और गहरे जुड़ाव और भागीदारी के विस्तार में निहित है। प्लेटफ़ॉर्म ऑफ़ प्लेटफ़ॉर्म्स‘ (PoP) जैसी पहलों का मकसद कई कृषि सेवाओं को एक ही सिस्टम के तहत जोड़ना है।

लगातार नीतिगत समर्थन और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास बहुत ज़रूरी होगा। लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज और डिजिटल साक्षरता को मज़बूत करने से इसकी प्रभावशीलता और बढ़ेगी

e-NAM के ज़रिए डिजिटल कृषि की दिशा में भारत का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कुशल कृषि बाज़ारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
लॉन्च वर्ष 2016
प्लेटफ़ॉर्म का नाम राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM)
कार्यान्वयन एजेंसी स्मॉल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम
प्रमुख अवधारणा एक राष्ट्र एक बाज़ार
कानूनी ढांचा वेयरहाउसिंग अधिनियम 2007
जुड़ी मंडियाँ 1,656 (मार्च 2026)
व्यापार मात्रा 13.25 करोड़ मीट्रिक टन
व्यापार मूल्य ₹4.84 लाख करोड़
प्रमुख लाभार्थी किसान, व्यापारी, एफपीओ
e-NAM Strengthens Digital Agricultural Trade Ecosystem
  1. e-NAM प्लेटफ़ॉर्म अप्रैल 2016 में कृषि व्यापार के लिए लॉन्च किया गया था।
  2. यह मंडियों को एक एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल बाज़ार प्रणाली में जोड़ता है।
  3. यह किसानों को पूरे देश में बेहतर मूल्य निर्धारण तक पहुँचने में सक्षम बनाता है।
  4. यह कृषि लेनदेन में कमियों को कम करता है और पारदर्शिता बढ़ाता है।
  5. यह APMC मंडियों की उन सीमाओं को दूर करता है जो किसानों की पहुँच को सीमित करती हैं।
  6. यह एक राष्ट्र, एक बाज़ार की अवधारणा को बढ़ावा देता है।
  7. यह किसानों के लिए बिना किसी भौगोलिक बाधा के अंतरराज्यीय व्यापार को संभव बनाता है।
  8. यह कृषि विपणन प्रक्रियाओं में बिचौलियों पर निर्भरता को कम करता है।
  9. इसे कृषि मंत्रालय के तहत SFAC द्वारा लागू किया गया है।
  10. यह रियलटाइम मूल्य डैशबोर्ड के साथ बहुभाषाई इंटरफ़ेस प्रदान करता है।
  11. यह उपज की ग्रेडिंग के लिए AI-आधारित गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणालियों को एकीकृत करता है।
  12. यह गोदामआधारित व्यापार के लिए e-NWR प्रणाली से जुड़ा हुआ है।
  13. WDRA, वेयरहाउसिंग अधिनियम 2007 के तहत गोदामों को विनियमित करता है।
  14. मार्च 2026 तक पूरे देश में मंडियों की संख्या बढ़कर 1,656 हो गई है।
  15. व्यापार की मात्रा 25 करोड़ मीट्रिक टन वस्तुओं तक पहुँच गई है।
  16. इस प्लेटफ़ॉर्म पर व्यापार का मूल्य ₹4.84 लाख करोड़ के पार पहुँच गया है।
  17. e-NAM पोर्टल पर 80 करोड़ से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।
  18. इसमें व्यापारियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की भागीदारी भी शामिल है।
  19. भविष्य की योजनाओं में प्लेटफ़ॉर्म ऑफ़ प्लेटफ़ॉर्म्सपहल के माध्यम से एकीकरण शामिल है।
  20. डिजिटल कृषि पूरे देश में किसानों की आय और बाज़ार की दक्षता में सुधार करती है।

Q1. e-NAM कब लॉन्च किया गया था?


Q2. e-NAM किस अवधारणा को बढ़ावा देता है?


Q3. e-NAM को कौन-सी एजेंसी लागू करती है?


Q4. वेयरहाउस ट्रेडिंग के लिए e-NAM के साथ कौन-सी प्रणाली एकीकृत है?


Q5. e-NAM की एक प्रमुख उपलब्धि क्या है?


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