ग्लोबल गुड़ इंडस्ट्री में भारत सबसे आगे
भारत दुनिया में गुड़ का सबसे बड़ा उत्पादक बनकर उभरा है और ग्लोबल प्रोडक्शन में 70% से ज़्यादा का योगदान देता है। देश में गन्ने की भरपूर खेती और गुड़ बनाने की पुरानी परंपरा ने इसे इस नेचुरल स्वीटनर का प्रमुख सप्लायर बना दिया है।
भारत में गन्ने के कुल प्रोडक्शन का लगभग 20–30% हिस्सा रिफाइंड चीनी के बजाय गुड़ बनाने में इस्तेमाल होता है। बड़ी चीनी मिलों के उलट, गुड़ का प्रोडक्शन काफी हद तक विकेंद्रीकृत (decentralised) है, जिसमें खेती करने वाले समुदायों के पास हज़ारों छोटी प्रोसेसिंग यूनिट्स काम करती हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: ब्राज़ील के बाद भारत दुनिया में गन्ने का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जिससे गन्ना देश की प्रमुख कमर्शियल फसलों में से एक बन गया है।
गुड़ सेक्टर का महत्व
गुड़ इंडस्ट्री लगभग 25 लाख लोगों की आजीविका को सहारा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाती है। यह गन्ना किसानों, छोटे स्तर के प्रोसेसर्स, ट्रांसपोर्ट वर्कर्स, ग्रामीण मज़दूरों और महिलाओं के नेतृत्व वाले फूड एंटरप्राइज़ेज़ को रोज़गार के अवसर देती है।
चूंकि गुड़ की प्रोसेसिंग आमतौर पर खेती वाले इलाकों के पास ही होती है, इसलिए ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम रहता है और ज़्यादा वैल्यू ग्रामीण समुदायों के पास ही रहती है। यह सेक्टर एग्रो–बेस्ड एंटरप्रेन्योरशिप और स्थानीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है।
भारतीय गुड़ की बढ़ती ग्लोबल मांग
नेचुरल और कम प्रोसेस किए गए फूड के लिए ग्राहकों की बढ़ती पसंद के कारण इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय गुड़ की मांग में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई 2015–16 में US$197 मिलियन से बढ़कर 2024–25 में US$406.8 मिलियन हो गई, जो 106% से ज़्यादा की बढ़ोतरी है।
इसे इम्पोर्ट करने वाले प्रमुख देशों में इंडोनेशिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया और नेपाल शामिल हैं। एक्सपोर्ट की बढ़ती मांग ग्लोबल हेल्थ फूड मार्केट में भारत की बढ़ती मौजूदगी को दिखाती है।
स्टैटिक GK टिप: भारत से एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट को कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) बढ़ावा देती है।
रिफाइंड चीनी के बजाय गुड़ को क्यों पसंद किया जाता है?
दुनिया भर में सेहत को लेकर जागरूक लोग रिफाइंड चीनी के नेचुरल विकल्प के तौर पर गुड़ को ज़्यादा चुन रहे हैं। सफ़ेद चीनी के उलट, गुड़ की प्रोसेसिंग बहुत कम होती है और इसे बनाने के दौरान ज़्यादा केमिकल रिफाइनिंग की ज़रूरत नहीं पड़ती।
गुड़ में कई नेचुरल मिनरल बने रहते हैं, जिससे यह न्यूट्रिशन के मामले में रिफाइंड चीनी से बेहतर होता है। हालांकि इसे भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, लेकिन इसे एक ज़्यादा फ़ायदेमंद पारंपरिक स्वीटनर माना जाता है।
गुड़ की न्यूट्रिशनल वैल्यू
गुड़ में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, जिंक, कॉपर और मैंगनीज जैसे ज़रूरी मिनरल होते हैं। आयरन हीमोग्लोबिन के हेल्दी लेवल में मदद करता है, जबकि पोटैशियम दिल के काम करने में मदद करता है और मैग्नीशियम मांसपेशियों की सेहत में भूमिका निभाता है।
मिनरल के अलावा, गुड़ में थोड़ी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी होते हैं, जिससे इसे रिफाइंड चीनी के मुकाबले ज़्यादा हेल्दी विकल्प माना जाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) गुड़ जैसे उत्पादों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों को रेगुलेट करता है।
गुड़ इकोसिस्टम के लिए सरकारी सपोर्ट
भारत सरकार ने गुड़ की वैल्यू चेन को मज़बूत करने और फ़ूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल शुरू की हैं। अहम स्कीम में PM किसान संपदा योजना, PM माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज़ (PMFME) स्कीम, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल, AGMARK सर्टिफ़िकेशन और जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन (GI) टैगिंग शामिल हैं।
GI-टैग वाली मशहूर गुड़ की किस्मों में कोल्हापुर गुड़ (महाराष्ट्र), मुज़फ़्फ़रनगर गुड़ (उत्तर प्रदेश) और मरायूर गुड़ (केरल) शामिल हैं। ये सर्टिफ़िकेशन उत्पाद की असलियत को बढ़ाते हैं, ब्रांडिंग में सुधार करते हैं और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिशन की क्षमता को बढ़ाते हैं।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| गुड़ उत्पादन में वैश्विक अग्रणी देश | भारत |
| विश्व उत्पादन में हिस्सेदारी | 70% से अधिक |
| गुड़ निर्माण में प्रयुक्त गन्ना | लगभग 20–30% |
| समर्थित ग्रामीण आजीविकाएँ | लगभग 25 लाख |
| निर्यात मूल्य (2015–16) | 197 मिलियन अमेरिकी डॉलर |
| निर्यात मूल्य (2024–25) | 406.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर |
| प्रमुख निर्यात संवर्धन संस्था | कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) |
| प्रमुख सरकारी योजनाएँ | प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) |
| प्रसिद्ध भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त किस्में | कोल्हापुर गुड़, मुजफ्फरनगर गुड़ और मरयूर गुड़ |
| खाद्य सुरक्षा नियामक | भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) |





