भारत BRICS कृषि शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटा
भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान, जून 2026 में मध्य प्रदेश के इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। यह दो दिवसीय सम्मेलन सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ वे वैश्विक कृषि चुनौतियों और टिकाऊ खेती के समाधानों पर चर्चा करेंगे।
यह बैठक अंतरराष्ट्रीय कृषि नीति-निर्माण में भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है। उम्मीद है कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र खाद्य सुरक्षा, आधुनिक कृषि तकनीकें, कृषि व्यापार सहयोग और जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ होंगी।
स्टेटिक GK तथ्य: मध्य प्रदेश को अक्सर “भारत का सोयाबीन राज्य” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ सोयाबीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।
खाद्य सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
खाद्य सुरक्षा इस शिखर सम्मेलन के मुख्य विषयों में से एक रहेगी। उम्मीद है कि BRICS देश कृषि उत्पादकता बढ़ाने, भोजन की बर्बादी कम करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत बनाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
सदस्य देश पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती प्रणालियों की भी समीक्षा करेंगे। ये चर्चाएँ इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि BRICS देशों की सामूहिक आबादी और भोजन की खपत वैश्विक स्तर पर एक बड़ा हिस्सा बनाती है।
स्टेटिक GK सुझाव: खाद्य और कृषि संगठन (FAO) का मुख्यालय इटली के रोम में स्थित है।
स्मार्ट कृषि को बढ़ावा
यह शिखर सम्मेलन डिजिटल कृषि और स्मार्ट खेती की तकनीकों पर विशेष ज़ोर देगा। उम्मीद है कि देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, सटीक खेती (precision farming) और ड्रोन–आधारित निगरानी प्रणालियों के उपयोग पर अपने विचार साझा करेंगे।
भारत ने हाल ही में डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, मिट्टी के स्वास्थ्य की निगरानी और मोबाइल–आधारित किसान सलाहकार प्रणालियों के माध्यम से प्रौद्योगिकी-संचालित कृषि पर अपना ध्यान बढ़ाया है। ऐसी तकनीकें फसलों की उत्पादकता बढ़ा सकती हैं और संसाधनों की बर्बादी को कम कर सकती हैं।
जलवायु–अनुकूल खेती पर बढ़ता ध्यान
जलवायु परिवर्तन वैश्विक कृषि के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। इसलिए, BRICS बैठक में जलवायु–अनुकूल खेती की पद्धतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जैसे कि सूखा–प्रतिरोधी फसलें, कुशल सिंचाई प्रणालियाँ और आपदा–तैयार कृषि योजनाएँ।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को अप्रत्याशित मौसम की स्थितियों से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है। चर्चाओं में जल संरक्षण और उर्वरकों के टिकाऊ उपयोग जैसे विषय भी शामिल हो सकते हैं।
स्टेटिक GK तथ्य: भारत में रोज़गार सृजन में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
कृषि व्यापार और सहयोग
BRICS देशों के बीच कृषि व्यापार पर शिखर सम्मेलन के दौरान विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। मंत्री निर्यात प्रोत्साहन, बाज़ार तक पहुँच, खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती जैसे विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।
भारत इस मंच का उपयोग अपने व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करने और अपने कृषि उत्पादों को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए कर सकता है। बीज प्रौद्योगिकी, कृषि मशीनीकरण और अनुसंधान साझेदारी के क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जा सकती हैं।
इंदौर को क्यों चुना गया?
इंदौर अपने मज़बूत शहरी बुनियादी ढाँचे और स्मार्ट सिटी विकास के कारण वैश्विक सम्मेलनों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। यह शहर अपनी स्वच्छता उपलब्धियों और तेज़ी से बढ़ते खाद्य–प्रसंस्करण उद्योगों के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है।
कृषि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में इसके महत्व ने भी इसे BRICS कृषि कार्यक्रम की मेज़बानी के लिए एक उपयुक्त विकल्प बनाया है। इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी से इंदौर की वैश्विक पहचान और बढ़ने की उम्मीद है।
स्टैटिक GK टिप: इंदौर मध्य प्रदेश में सरस्वती और खान नदियों के तट पर स्थित है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| कार्यक्रम | ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक |
| आयोजन स्थल | इंदौर, मध्य प्रदेश |
| तिथि | जून 2026 |
| मेज़बान देश | भारत |
| आयोजन के अंतर्गत | भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता |
| मुख्य फोकस | खाद्य सुरक्षा और स्मार्ट कृषि |
| महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियाँ | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, प्रिसिजन फार्मिंग |
| जलवायु फोकस | जलवायु-सहिष्णु कृषि |
| उल्लेखित अंतरराष्ट्रीय संगठन | एफएओ (FAO) |
| एफएओ मुख्यालय | रोम, इटली |





