मई 18, 2026 9:05 अपराह्न

भारत की स्वास्थ्य सेवा पहुँच में ज़बरदस्त सुधार

करेंट अफेयर्स: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, 80वाँ दौर का सर्वेक्षण, जेब से होने वाला खर्च, आयुष्मान भारत, संस्थागत प्रसव, महामारी विज्ञान संक्रमण, PM-JAY, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, जनऔषधि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

India’s Healthcare Access Shows Strong Improvement

NSO सर्वेक्षण के निष्कर्ष

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने अप्रैल 2026 में स्वास्थ्य पर घरेलू सामाजिक उपभोग पर अपना 80वाँ दौर का सर्वेक्षण जारी किया। इस सर्वेक्षण में पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवा की पहुँच, सामर्थ्य और बीमा कवरेज में हुए बड़े सुधारों पर प्रकाश डाला गया। इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती भूमिका भी दिखाई दी।

सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्षों में से एक था जेब से होने वाले खर्च‘ (OOPE) में कमी। सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने के आधे से ज़्यादा मामलों में खर्च लगभग ₹1,100 ही आया। यह गरीब और कमज़ोर परिवारों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा का संकेत है।

स्टेटिक GK तथ्य: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय , सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन कार्य करता है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा का विस्तार

सर्वेक्षण में सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सुविधाओं में बाह्य रोगी (OPD) उपचार 2014 के 28% से बढ़कर 2025 में 35% हो गया। यह वृद्धि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को मज़बूत करने और सरकारी सुविधाओं के विस्तार के कारण संभव हुई।

1.84 लाख से ज़्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर‘ (AAMs) की स्थापना से ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा की पहुँच में सुधार हुआ। ये केंद्र निवारक स्वास्थ्य सेवा, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और सामान्य बीमारियों के उपचार पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

स्टेटिक GK सुझाव: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को पहले आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के नाम से जाना जाता था।

मातृ स्वास्थ्य सेवा में सुधार

भारत ने संस्थागत प्रसवों के मामले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव बढ़कर 95.6% हो गए, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आँकड़ा 97.8% तक पहुँच गया। यह सुधार मातृ स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के मज़बूत होने और महिलाओं में बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

जननी सुरक्षा योजना‘ (JSY) और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान‘ (PMSMA) जैसी योजनाओं ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ये पहलें वित्तीय सहायता, प्रसवपूर्व देखभाल और सुरक्षित प्रसव सेवाएँ प्रदान करती हैं।

स्टैटिक GK तथ्य: जननी सुरक्षा योजना 2005 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू की गई थी।

गैरसंक्रामक रोगों का बढ़ना

सर्वेक्षण ने भारत में चल रहे महामारी विज्ञान संबंधी बदलाव को उजागर किया। संक्रामक रोग कम हो रहे हैं, जबकि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसे गैरसंक्रामक रोग (NCDs) तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

इस बदलाव के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य देखभाल योजना, जीवनशैली के प्रति जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य उपायों की आवश्यकता है। सरकारी कार्यक्रम अब प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर शीघ्र निदान और पुरानी बीमारियों के प्रबंधन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

स्वास्थ्य बीमा और सस्ती दवाएँ

सरकार द्वारा समर्थित स्वास्थ्य बीमा कवरेज में काफी विस्तार हुआ है। ग्रामीण कवरेज बढ़कर 45.5% हो गया, जबकि शहरी कवरेज 31.8% तक पहुँच गया। प्रमुख योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना‘ (PM-JAY) प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस उपचार कवरेज प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना‘ (PMBJP) और अफोर्डेबल मेडिसिन्स एंड रिलायबल इम्प्लांट्स फॉर TREATMENT’ (AMRIT) जैसी सस्ती दवा योजनाओं ने आम नागरिकों के लिए दवाओं की लागत कम कर दी है। इन पहलों ने आवश्यक दवाओं और चिकित्सा प्रत्यारोपणों तक पहुँच को बेहतर बनाया है।

स्टैटिक GK टिप: PM-JAY दुनिया का सबसे बड़ा सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य आश्वासन कार्यक्रम है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
सर्वेक्षण का नाम स्वास्थ्य पर 80वाँ दौर घरेलू सामाजिक उपभोग सर्वेक्षण
आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
प्रमुख निष्कर्ष जेब से होने वाले स्वास्थ्य व्यय में कमी
ग्रामीण संस्थागत प्रसव 95.6%
शहरी संस्थागत प्रसव 97.8%
प्रमुख स्वास्थ्य योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
बीमा कवरेज प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹5 लाख
सस्ती दवा योजना PMBJP और AMRIT
स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर
प्रमुख स्वास्थ्य प्रवृत्ति गैर-संचारी रोगों में वृद्धि
India’s Healthcare Access Shows Strong Improvement
  1. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने 2026 में अपना 80वाँ स्वास्थ्य सर्वेक्षण जारी किया।
  2. इस सर्वेक्षण में पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की सामर्थ्य और पहुँच में हुए सुधारों पर प्रकाश डाला गया।
  3. पूरे देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य सेवाओं का काफ़ी विस्तार हुआ है।
  4. भारत में अस्पताल में भर्ती होने के इलाज के खर्चों के लिए ‘अपनी जेब से होने वाले खर्च‘ (Out-of-Pocket Expenditure) में कमी दर्ज की गई है।
  5. हाल के समय में, कई मरीज़ों के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज का खर्च लगभग ₹1,100 ही रहा।
  6. 2014 और 2025 के बीच, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज़ों के इलाज (आउटपेशेंट ट्रीटमेंट) में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
  7. 84 लाख से ज़्यादा ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों‘ ने ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाया है।
  8. ये केंद्र पूरे देश में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हैं।
  9. भारत के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में होने वाले प्रसव) की दर बढ़कर 6 प्रतिशत हो गई है।
  10. हाल के आकलन के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव की दर बढ़कर प्रभावशाली 8 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
  11. जननी सुरक्षा योजना‘ ने पूरे देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में काफ़ी सुधार किया है।
  12. PMSMA‘ (प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान) ने गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल और सुरक्षित प्रसव में सहायता प्रदान की है।
  13. भारत में मधुमेह (डायबिटीज़) और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) जैसी गैरसंक्रामक बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।
  14. अब सरकारी कार्यक्रम बीमारियों की शुरुआती पहचान और पुरानी बीमारियों के प्रबंधन की रणनीतियों पर ज़ोर दे रहे हैं।
  15. सर्वेक्षण में शामिल क्षेत्रों में ग्रामीण स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़कर 5 प्रतिशत तक पहुँच गया है।
  16. 2025 में शहरी स्वास्थ्य बीमा कवरेज काफ़ी बढ़कर 8 प्रतिशत तक पहुँच गया है।
  17. PM-JAY‘ (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत हर परिवार को सालाना ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
  18. PMBJP‘ (प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना) और ‘AMRIT‘ (अमृत) योजनाओं ने पूरे देश में आम नागरिकों के लिए दवाओं की कीमतें कम की हैं।
  19. किफ़ायती दवाओं से जुड़ी योजनाओं ने ज़रूरी दवाओं और मेडिकल इंप्लांट्स तक लोगों की पहुँच को आसान बनाया है।
  20. यह सर्वेक्षण भारत की मज़बूत होती सार्वजनिक स्वास्थ्य और बीमा बुनियादी ढाँचा प्रणालियों को दर्शाता है।

Q1. 80वें दौर के घरेलू सामाजिक उपभोग स्वास्थ्य सर्वेक्षण को किस संगठन ने जारी किया?


Q2. NSO स्वास्थ्य सर्वेक्षण का एक प्रमुख निष्कर्ष क्या था?


Q3. सर्वेक्षण में ग्रामीण संस्थागत प्रसव का कितना प्रतिशत दर्ज किया गया?


Q4. कौन-सी प्रमुख योजना प्रति परिवार ₹5 लाख वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है?


Q5. सर्वेक्षण में किस प्रमुख स्वास्थ्य प्रवृत्ति को उजागर किया गया?


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