नियुक्ति और महत्व
अनुभवी अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी NITI Aayog के उपाध्यक्ष बनने जा रहे हैं, जो उच्च-स्तरीय नीति–निर्माण में उनकी वापसी का संकेत है। उनकी नियुक्ति से भारत के आर्थिक सुधार एजेंडे और दीर्घकालिक विकास योजना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण भूमिका में वह सुमन बेरी की जगह लेंगे।
उपाध्यक्ष के तौर पर, लाहिड़ी नीति–निर्माण का मार्गदर्शन करेंगे, राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और केंद्र सरकार को मैक्रोइकोनॉमिक रणनीतियों पर सलाह देंगे। यह पद भारत के आर्थिक रोडमैप को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।
अशोक लाहिड़ी का परिचय
अशोक लाहिड़ी एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री हैं, जिन्हें सरकार, शिक्षा जगत और वैश्विक संस्थानों में काम करने का व्यापक अनुभव है। वह भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़े रहे हैं, जिससे उनकी अकादमिक और नीतिगत विशेषज्ञता में राजनीतिक अनुभव भी जुड़ गया है।
वह मुख्य रूप से सार्वजनिक वित्त और मैक्रोइकोनॉमिक नीति की अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें इस नेतृत्वकारी भूमिका के लिए एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
स्टेटिक GK तथ्य: मुख्य आर्थिक सलाहकार वित्त मंत्रालय के आर्थिक प्रभाग के प्रमुख होते हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में भूमिका
लाहिड़ी ने 2002 से 2007 तक मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में कार्य किया; यह वह दौर था जब देश ने मजबूत आर्थिक विकास दर्ज किया था। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में काम किया और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी अपनी सेवाएं जारी रखीं, जो उनकी विशेषज्ञता पर दोनों पक्षों के भरोसे को दर्शाता है।
अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने राजकोषीय नीति सुधारों और भारत के मैक्रोइकोनॉमिक ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया। उनके कार्यों ने भारत को उच्च विकास पथ की ओर अग्रसर करने में सहायता की।
शैक्षणिक और वैश्विक योगदान
अशोक लाहिड़ी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी प्रभावशाली है और उनके संबंध Presidency University तथा Delhi School of Economics जैसे संस्थानों से रहे हैं। वैश्विक स्तर पर उनके अनुभव में World Bank, International Monetary Fund और Asian Development Bank जैसे संगठनों के साथ किया गया कार्य शामिल है।
उन्होंने Bandhan Bank और National Institute of Public Finance and Policy जैसे संस्थानों के माध्यम से वित्तीय नीति के क्षेत्र में भी योगदान दिया है।
स्टेटिक GK टिप: International Monetary Fund की स्थापना 1944 में ब्रेटन वुड्स समझौते के तहत की गई थी।
NITI Aayog के बारे में
NITI Aayog भारत सरकार का प्रमुख नीतिगत थिंक टैंक है। इसकी स्थापना 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग की जगह पर की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना, राज्यों को नीति–निर्माण में शामिल करना और शासन में नवाचार को बढ़ावा देना है। यह संस्था सरकारी कार्यक्रमों की निगरानी और मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्टेटिक GK तथ्य: भारत के प्रधानमंत्री NITI Aayog के अध्यक्ष होते हैं।
कार्य और संरचना
NITI Aayog के मुख्य कार्यों में नीति–निर्माण, केंद्र–राज्य समन्वय को बढ़ावा देना और एक ‘नॉलेज हब (ज्ञान केंद्र)‘ के रूप में कार्य करना शामिल है। यह प्रमुख योजनाओं का मूल्यांकन भी करता है और सतत विकास को बढ़ावा देता है।
इसकी गवर्निंग काउंसिल में प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य निर्णय–निर्माण प्रक्रिया में अपना योगदान देते हैं।
स्टैटिक उस्थादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| नियुक्ति | अशोक लाहिड़ी नीति आयोग के उपाध्यक्ष बनेंगे |
| उत्तराधिकारी | सुमन बेरी का स्थान लेंगे |
| पूर्व भूमिका | मुख्य आर्थिक सलाहकार (2002–2007) |
| प्रमुख विशेषज्ञता | सार्वजनिक वित्त और व्यापक आर्थिक नीति |
| वैश्विक अनुभव | आईएमएफ, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक |
| संस्था | नीति आयोग (स्थापना 2015) |
| नीति आयोग की भूमिका | नीति विचार मंच और सहकारी संघवाद निकाय |
| अध्यक्ष | भारत के प्रधानमंत्री |





