हाल का घटनाक्रम क्या है?
भारत सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी‘ घोषित कर दिया है। इस कदम से इसकी शैक्षणिक स्वायत्तता और संस्थागत दर्जे में बढ़ोतरी हुई है।
इस दर्जे वाली संस्थाओं को विश्वविद्यालयों जैसे ही विशेषाधिकार मिलते हैं, जिनमें कोर्स डिज़ाइन करना और डिग्रियाँ देना शामिल है। यह भारत की शिक्षा प्रणाली को आकार देने में NCERT की भूमिका को और मज़बूत करता है।
डीम्ड यूनिवर्सिटी का अर्थ
‘डीम्ड यूनिवर्सिटी‘ एक ऐसी संस्था होती है जिसे UGC एक्ट, 1956 के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सिफ़ारिश पर केंद्र सरकार द्वारा स्वायत्तता प्रदान की जाती है।
ऐसी संस्थाएँ अपना पाठ्यक्रम खुद तय कर सकती हैं, परीक्षाएँ आयोजित कर सकती हैं और अनुसंधान को बढ़ावा दे सकती हैं। हालाँकि, उन्हें UGC के दिशानिर्देशों का पालन करना होता है और शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना होता है।
स्टैटिक GK तथ्य: भारत में उच्च शिक्षा के मानकों का समन्वय और रखरखाव करने के लिए 1956 में UGC की स्थापना की गई थी।
NCERT के बारे में
नई दिल्ली में मुख्यालय वाली NCERT की स्थापना 1961 में एक स्वायत्त संगठन के रूप में की गई थी। यह शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
इसकी मुख्य भूमिका स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए नीतियों और कार्यक्रमों पर सरकारों को सहायता और सलाह देना है। यह व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली NCERT की पाठ्यपुस्तकों को प्रकाशित करने के लिए भी ज़िम्मेदार है।
स्टैटिक GK टिप: NCERT की पाठ्यपुस्तकों को UPSC और राज्य PSC जैसी परीक्षाओं के लिए मानक संदर्भ सामग्री माना जाता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भूमिका
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत, NCERT को ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा‘ (NCFs) विकसित करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
ये रूपरेखाएँ ‘प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा‘ (ECCE), स्कूली शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं। इससे भारत में पाठ्यक्रम सुधारों में NCERT की भूमिका केंद्रीय हो जाती है।
इसका उद्देश्य एक लचीली, बहु–विषयक और कौशल–आधारित शिक्षा प्रणाली तैयार करना है जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हो।
इस कदम का महत्व
डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से NCERT अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार कर सकेगी, जिसमें डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रम पेश करना भी शामिल है।
इससे शिक्षा और शिक्षण–शास्त्र के क्षेत्र में अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने और शिक्षा प्रणाली का आधुनिकीकरण करने के भारत के लक्ष्य का समर्थन करता है। यह NEP 2020 के व्यापक दृष्टिकोण के भी अनुरूप है।
आगे की राह
NCERT को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, नवीन पाठ्यक्रम डिज़ाइन और प्रभावी शिक्षक प्रशिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए। वैश्विक संस्थानों के साथ सहयोग इसकी क्षमताओं को और बढ़ा सकता है।
आने वाले वर्षों में डिजिटल शिक्षा और समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ बनाना प्रमुख प्राथमिकताएँ होंगी।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| संस्थान | एनसीईआरटी |
| स्थापना वर्ष | 1961 |
| मुख्यालय | नई दिल्ली |
| स्थिति | डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी |
| प्रशासकीय मंत्रालय | शिक्षा मंत्रालय |
| कानूनी आधार | यूजीसी अधिनियम, 1956 |
| एनईपी 2020 में भूमिका | राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा का विकास |
| प्रमुख क्षेत्र | प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE), स्कूली शिक्षा, वयस्क शिक्षा |
| कार्य | पाठ्यक्रम विकास और पाठ्यपुस्तक प्रकाशन |
| महत्व | शैक्षणिक स्वायत्तता और अनुसंधान क्षमता में वृद्धि |





