योजना का अवलोकन
नमो ड्रोन दीदी योजना (NDDY) एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी–आधारित कृषि के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना है। यह स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को कृषि सेवाओं के लिए ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देने पर केंद्रित है।
यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित होती है। यह उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देती है, जिससे कार्यक्षमता में सुधार होता है और शारीरिक श्रम कम होता है।
स्थैतिक GK तथ्य: DAY-NRLM को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
उद्देश्य और लक्ष्य
इस योजना ने 2024–25 और 2025–26 के दौरान महिला SHGs को 15,000 ड्रोन वितरित करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसर पैदा करना है।
कृषि में ड्रोन को एकीकृत करके, यह कार्यक्रम सटीक खेती (precision farming) का समर्थन करता है, जिससे उत्पादकता बढ़ती है और संसाधनों की बर्बादी कम होती है। यह भारत के कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में भी योगदान देता है।
वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण
सरकार ड्रोन की खरीद के लिए 80% वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसकी सीमा प्रति ड्रोन ₹8 लाख निर्धारित है। शेष 20% राशि कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) के तहत ऋण के माध्यम से वित्तपोषित की जा सकती है, जिस पर 3% ब्याज सबवेंशन (छूट) मिलता है।
प्रत्येक SHG 15-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एक सदस्य का चयन करता है। इसमें ड्रोन पायलट प्रमाणन और कृषि छिड़काव तकनीकों में विशेष प्रशिक्षण शामिल है।
स्थैतिक GK सुझाव: कृषि अवसंरचना कोष को 2020 में फसल कटाई के बाद की अवसंरचना और सामुदायिक कृषि संपत्तियों का समर्थन करने के लिए शुरू किया गया था।
कर्नाटक की भूमिका
कर्नाटक इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। इसने इस पहल के तहत सबसे अधिक संख्या में महिला ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षित किया है।
यह कृषि में प्रौद्योगिकी को अपनाने और महिला सशक्तिकरण के प्रति राज्य के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह अन्य राज्यों के लिए भी अनुसरण करने हेतु एक आदर्श स्थापित करता है।
संस्थागत ढांचा
इस योजना को कई विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है। इनमें कृषि और किसान कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और उर्वरक विभाग शामिल हैं।
लीड फर्टिलाइज़र कंपनियाँ भी इसमें सहयोग देती हैं, जिससे तकनीकी सहायता और काम का सुचारू रूप से लागू होना सुनिश्चित होता है। कई एजेंसियों वाला यह तरीका काम को पूरा करने और लोगों तक पहुँच बनाने को मज़बूत बनाता है।
भारत के लिए इसका महत्व
यह योजना महिला सशक्तिकरण, डिजिटल समावेश और खेती के आधुनिक तरीकों को बढ़ावा देती है। यह हाथ से किए जाने वाले काम पर निर्भरता कम करती है और खेती के कामों में कुशलता बढ़ाती है।
यह भारत के बड़े लक्ष्यों, जैसे किसानों की आय दोगुनी करना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, के भी अनुरूप है। यह पहल दिखाती है कि कैसे तकनीक ग्रामीण लोगों की आजीविका में बदलाव ला सकती है।
स्टेटिक GK तथ्य: भारत दुनिया में खेती से जुड़े उत्पादों के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है; यहाँ लगभग 50% कामकाजी आबादी खेती के काम में लगी हुई है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | नमो ड्रोन दीदी योजना |
| प्रकार | केंद्रीय क्षेत्र योजना |
| लक्षित लाभार्थी | महिला स्वयं सहायता समूह |
| कुल ड्रोन लक्ष्य | 15,000 (2024–25 से 2025–26) |
| सब्सिडी | 80% तक ₹8 लाख |
| ऋण सहायता | कृषि अवसंरचना कोष के तहत 3% ब्याज सब्सिडी |
| प्रशिक्षण अवधि | 15 दिन का प्रमाणित प्रशिक्षण |
| प्रमुख राज्य | कर्नाटक अग्रणी कार्यान्वयन |
| कार्यान्वयन मंत्रालय | कृषि, ग्रामीण विकास, उर्वरक |
| मुख्य उद्देश्य | महिला सशक्तिकरण और सटीक कृषि |





