अप्रैल 5, 2026 10:00 अपराह्न

INS दुनागिरी ने भारत की नौसेना शक्ति को मज़बूत किया

करेंट अफेयर्स: INS दुनागिरी, प्रोजेक्ट 17A, आत्मनिर्भर भारत, भारतीय नौसेना, स्टेल्थ फ्रिगेट, GRSE कोलकाता, ब्रह्मोस मिसाइल, MRSAM सिस्टम, नौसेना का आधुनिकीकरण

INS Dunagiri Strengthens India Naval Power

INS दुनागिरी का शामिल होना

भारतीय नौसेना ने 30 मार्च, 2026 को INS दुनागिरी को अपने बेड़े में शामिल किया, जो स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह प्रोजेक्ट 17A कार्यक्रम के तहत पाँचवाँ नीलगिरिश्रेणी का स्टेल्थ फ्रिगेट है।
यह युद्धपोत गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), कोलकाता में बनाया गया था, जो भारत की बढ़ती जहाज़ निर्माण क्षमता को दिखाता है। यह शामिल होना रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप है।
स्टैटिक GK तथ्य: कोलकाता भारत में जहाज़ निर्माण का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ GRSE स्थित है, जो अग्रणी रक्षा शिपयार्ड में से एक है।

विरासत और नामकरण का महत्व

नई INS दुनागिरी अपने पूर्ववर्ती की विरासत को आगे बढ़ाती है, जो एक लिएंडरश्रेणी का फ्रिगेट था और जिसने 1977 से 2010 तक भारत की सेवा की थी। दुनागिरी नाम उत्तराखंड के एक पर्वत से लिया गया है, जो शक्ति और सहनशक्ति का प्रतीक है।
नामों को दोबारा इस्तेमाल करने की यह परंपरा निरंतरता को दर्शाती है और पहले के नौसैनिक जहाज़ों की सेवा का सम्मान करती है।

स्टेल्थ फ्रिगेट की विशेषताएं

INS दुनागिरी को एक बहुमिशन स्टेल्थ युद्धपोत के रूप में डिज़ाइन किया गया है जो आधुनिक समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम है। इसमें रडार पर दिखाई देने की संभावना को कम करने और जीवित रहने की क्षमता को बढ़ाने के लिए उन्नत स्टेल्थ तकनीक शामिल है।
यह जहाज़ लगभग 75% स्वदेशी सामग्री से बनाया गया है, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की प्रगति को दर्शाता है। इसमें कुशल संचालन के लिए उच्च स्वचालन और एकीकृत युद्ध प्रणालियाँ भी हैं।
स्टैटिक GK टिप: युद्धपोतों में स्टेल्थ तकनीक रडार क्रॉससेक्शन को कम करती है, जिससे दुश्मन प्रणालियों द्वारा उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

प्रोजेक्ट 17A की प्रगति

प्रोजेक्ट 17A, पहले के शिवालिकश्रेणी (प्रोजेक्ट 17) के फ्रिगेट का एक उन्नत संस्करण है। इन जहाज़ों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया है।
यह प्रोजेक्ट एकीकृत निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है, जिससे निर्माण का समय कम होता है और दक्षता में सुधार होता है। विशेष रूप से, INS दुनागिरी लगभग 80 महीनों में पूरा हो गया था, जो पहले के जहाज़ों की तुलना में तेज़ था, जिन्हें लगभग 93 महीने लगे थे।

हथियार और युद्ध प्रणालियाँ

INS दुनागिरी आधुनिक हथियारों और सेंसर प्रणालियों से लैस है, जो इसे एक ज़बरदस्त नौसैनिक संपत्ति बनाती है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल लगी है, जो ज़मीनी लक्ष्यों पर तेज़ गति से सटीक हमले करने में सक्षम है।
जहाज़ में निगरानी के लिए MF-STAR रडार प्रणाली और हवाई खतरों से सुरक्षा के लिए MRSAM वायु रक्षा प्रणाली भी लगी है। इसके अलावा, इसमें 76 mm सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) भी है।
स्टेटिक GK तथ्य: ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में से एक है, जिसे भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है।

प्रणोदन और परिचालन दक्षता

यह युद्धपोत CODOG (कंबाइंड डीज़ल या गैस) प्रणोदन प्रणाली का उपयोग करता है, जिससे गति और ईंधन दक्षता में लचीलापन आता है। यह प्रणाली जहाज़ को परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर डीज़ल इंजनों और गैस टर्बाइनों के बीच स्विच करने की सुविधा देती है।
इस तरह की आधुनिक प्रणोदन प्रणाली विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में जहाज़ की सहनशक्ति और मिशन क्षमताओं को बढ़ाती है।

सामरिक महत्व

INS दुनागिरी का शामिल होना भारत की समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करता है और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में काम करने की उसकी क्षमता को बढ़ाता है। यह एक क्षेत्रीय नौसैनिक शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को भी मज़बूत करता है।
बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और समुद्री चुनौतियों को देखते हुए, राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए इस तरह के आधुनिक युद्धपोत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
युद्धपोत का नाम आईएनएस दुनागिरी
शामिल होने की तिथि 30 मार्च 2026
परियोजना प्रोजेक्ट 17A
जहाज वर्ग नीलगिरि-श्रेणी स्टील्थ फ्रिगेट
शिपयार्ड गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड
स्वदेशी सामग्री लगभग 75%
प्रमुख मिसाइल ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
रडार प्रणाली MF-STAR
वायु रक्षा MRSAM प्रणाली
प्रणोदन CODOG प्रणाली
INS Dunagiri Strengthens India Naval Power
  1. INS दूनागिरी को 30 मार्च, 2026 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
  2. यह प्रोजेक्ट 17A कार्यक्रम के तहत पाँचवाँ नीलगिरिश्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट है।
  3. इसे GRSE कोलकाता में बनाया गया है, जो भारत की बढ़ती जहाज़ निर्माण क्षमता को दिखाता है।
  4. इसे शामिल करना रक्षा निर्माण क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत‘ को बढ़ावा देता है।
  5. यह युद्धपोत पहले के लिएंडरश्रेणी के फ्रिगेट के सेवा इतिहास की विरासत को आगे बढ़ाता है।
  6. दूनागिरी‘ नाम उत्तराखंड के एक पहाड़ से लिया गया है, जो शक्ति और सहनशक्ति का प्रतीक है।
  7. इस जहाज़ को एक बहुमिशन स्टील्थ युद्धपोत के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, जो आधुनिक समुद्री खतरों से निपट सकता है।
  8. इसमें उन्नत स्टील्थ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे रडार पर इसकी मौजूदगी और पकड़े जाने की संभावना कम हो जाती है।
  9. इसमें लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति को दिखाता है।
  10. प्रोजेक्ट 17A में ‘इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन‘ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे जहाज़ बनाने में लगने वाला समय काफी कम हो गया है।
  11. INS दूनागिरी को लगभग 80 महीनों में पूरा कर लिया गया, जो पिछले जहाज़ों की तुलना में काफी तेज़ है।
  12. यह तेज़ गति से सटीक हमले करने के लिए ‘ब्रह्मोससुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल से लैस है।
  13. इसमें उन्नत निगरानी और ट्रैकिंग क्षमताओं के लिए ‘MF-STARरडार प्रणाली लगी है।
  14. इसमें ‘MRSAMवायु रक्षा प्रणाली भी शामिल है, जो हवाई खतरों से प्रभावी ढंग से सुरक्षा करती है।
  15. इस जहाज़ पर 76 mm की ‘सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM)‘ प्रणाली भी लगी है।
  16. इसमें ‘CODOGप्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है, जिससे जहाज़ को अपनी गति में लचीलापन मिलता है और ईंधन की बचत होती है।
  17. यह हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग तरह की समुद्री परिस्थितियों में जहाज़ की परिचालन क्षमता को बढ़ाता है।
  18. यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक मौजूदगी को मज़बूत करता है।
  19. यह वैश्विक स्तर पर एक उभरती हुई क्षेत्रीय नौसेना शक्ति के तौर पर भारत की भूमिका को और भी अहम बनाता है।
  20. बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और समुद्री चुनौतियों के इस दौर में, ऐसे उन्नत युद्धपोत बेहद महत्वपूर्ण हैं।

Q1. INS Dunagiri किस वर्ग के युद्धपोत से संबंधित है?


Q2. INS Dunagiri का निर्माण किस शिपयार्ड में किया गया था?


Q3. INS Dunagiri पर कौन-सी मिसाइल प्रणाली स्थापित है?


Q4. INS Dunagiri में कौन-सा प्रोपल्शन सिस्टम उपयोग किया गया है?


Q5. INS Dunagiri में लगभग कितना स्वदेशी सामग्री है?


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