IVFRT योजना का विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इमिग्रेशन, वीज़ा, विदेशियों के पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पाँच साल के लिए बढ़ाने की मंज़ूरी दे दी है। इस कदम का मकसद आधुनिक डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल करके भारत के इमिग्रेशन ढांचे को आधुनिक बनाना है।
यह विस्तार इमिग्रेशन और विदेशियों के अधिनियम 2025 के लागू होने के अनुरूप है, जो एक मज़बूत कानूनी आधार प्रदान करता है। यह विदेशी नागरिकों का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाता है।
स्टेटिक GK तथ्य: केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत की कार्यपालिका में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।
एकीकृत डिजिटल मंच
IVFRT योजना एक केंद्रीकृत प्रणाली है जो इमिग्रेशन, वीज़ा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण को एकीकृत करती है। इसे शुरू में 2010 में मैन्युअल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए लॉन्च किया गया था।
यह मंच इमिग्रेशन अधिकारियों के बीच रीयल–टाइम डेटा साझाकरण सुनिश्चित करता है और विदेशी नागरिकों की ट्रैकिंग को बेहतर बनाता है। यह वीज़ा और प्रवेश प्रक्रियाओं में देरी को कम करता है और पारदर्शिता बढ़ाता है।
स्टेटिक GK टिप: भारत में 30 से ज़्यादा प्रमुख इमिग्रेशन चेक पोस्ट (ICP) हैं, जिनमें हवाई अड्डे, समुद्री बंदरगाह और ज़मीनी सीमाएँ शामिल हैं।
तकनीकी आधुनिकीकरण पर ज़ोर
यह नई योजना दक्षता में सुधार के लिए उभरती हुई तकनीकों के इस्तेमाल पर ज़ोर देती है। मोबाइल–आधारित एप्लिकेशन और सेल्फ–सर्विस कियोस्क जैसी सुविधाएँ यात्रियों की तेज़ी से जाँच–पड़ताल (क्लियरेंस) में मदद करेंगी।
स्वचालन (ऑटोमेशन) मज़बूत सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखते हुए मानवीय हस्तक्षेप को कम करता है। ये उन्नयन बढ़ते अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बोझ को संभालने के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
स्टेटिक GK तथ्य: बायोमेट्रिक सत्यापन और स्वचालित सीमा नियंत्रण के लिए दुनिया भर के हवाई अड्डों में सेल्फ–सर्विस कियोस्क का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
बुनियादी ढाँचे और प्रणाली का विस्तार
इस योजना में इमिग्रेशन चेक पोस्ट (ICP) और विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRRO) में बुनियादी ढाँचे को उन्नत करना शामिल है। डेटा केंद्र और नेटवर्क प्रणालियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा।
इस विस्तार का मकसद एक ऐसी मापनीय और मज़बूत प्रणाली बनाना है जो बड़े डेटासेट का प्रबंधन करने में सक्षम हो। यह केंद्रीय और राज्य अधिकारियों के बीच निर्बाध समन्वय का समर्थन करता है।
स्टेटिक GK तथ्य: FRRO इमिग्रेशन ब्यूरो के तहत काम करते हैं, जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
शासन और सेवा वितरण में सुधार
IVFRT योजना एकीकृत डिजिटल सेवाएँ प्रदान करके ई–शासन को बेहतर बनाती है। एक नया एप्लिकेशन सिस्टम वीज़ा प्रोसेसिंग और विदेशियों के पंजीकरण को आसान बनाएगा।
बेहतर निगरानी से आव्रजन कानूनों का बेहतर पालन सुनिश्चित होता है। इससे भारत में आने वाले और यहाँ रहने वाले यात्रियों का अनुभव भी बेहतर होता है।
रणनीतिक महत्व
एक आधुनिक आव्रजन प्रणाली सीमा सुरक्षा को मज़बूत करती है और पर्यटन तथा व्यावसायिक यात्रा जैसी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है। यह भारत को आव्रजन प्रबंधन के वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने में भी मदद करती है।
यह योजना सुरक्षित, कुशल और पारदर्शी अंतर्राष्ट्रीय आवागमन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | इमिग्रेशन, वीज़ा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) |
| अनुमोदन अवधि | 2026 से 2031 |
| प्रारंभिक शुरुआत | 2010 |
| कानूनी समर्थन | इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 |
| प्रमुख संस्थान | एफआरआरओ, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन |
| मुख्य कार्य | इमिग्रेशन और वीज़ा प्रणालियों का एकीकरण |
| प्रौद्योगिकी फोकस | मोबाइल ऐप्स और सेल्फ-सर्विस कियोस्क |
| रणनीतिक लक्ष्य | सीमा प्रबंधन और शासन को मजबूत करना |





