गुजरात में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
गुजरात सरकार ने प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए लगभग 20 ज़्यादा मांग वाली सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटाइज़ किया है। यह सुधार गुजरात प्रशासनिक सुधार समिति (GARC) की सिफारिशों के बाद किया गया है।
इस कदम का उद्देश्य नागरिकों और सरकार के बीच बिना किसी रुकावट के और कम देरी के साथ बातचीत सुनिश्चित करना है। यह राज्य में पूरी तरह से डिजिटल गवर्नेंस की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
स्टेटिक GK तथ्य: गुजरात की राजधानी गांधीनगर है, जबकि अहमदाबाद इसका सबसे बड़ा शहर है।
सुगम डिजिटल गुजरात पहल
ये सेवाएं विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के नेतृत्व में ‘सुगम डिजिटल गुजरात पहल‘ के तहत शुरू की गई हैं। इस पहल का मुख्य फोकस फेसलेस (बिना आमने–सामने आए), पेपरलेस (कागज़–रहित), और कैशलेस (नकद–रहित) सेवा वितरण पर है।
यह ‘डिजिटल इंडिया‘ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देता है। नागरिक अब सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाए बिना ही इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
स्टेटिक GK टिप: ‘डिजिटल इंडिया कार्यक्रम‘ 2015 में भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज में बदलने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
मुख्य सार्वजनिक सेवाओं का कवरेज
पहले चरण में, पांच प्रमुख विभागों की सेवाओं को डिजिटाइज़ किया गया है। इनमें सामाजिक न्याय, राजस्व, कानूनी, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, और जनजातीय विकास विभाग शामिल हैं।
मुख्य सेवाओं में जाति, आय, नॉन–क्रीमी लेयर और EWS प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है। राशन कार्ड से संबंधित सेवाएं, जैसे विवरण जोड़ना, हटाना और सुधार करना भी अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, तैयार हलफनामे और राजस्व रिकॉर्ड को भी इस प्रणाली में एकीकृत किया गया है, जिससे कागज़ी काम में कमी आई है।
प्रौद्योगिकी का एकीकरण और विशेषताएं
‘डिजिटल गुजरात प्लेटफॉर्म‘ कुशल सेवा वितरण के लिए उन्नत डिजिटल उपकरणों को एकीकृत करता है। यह पहचान को सुरक्षित रूप से सत्यापित करने के लिए आधार–आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करता है।
इसकी विशेषताओं में API-आधारित सत्यापन, DigiLocker से जुड़ाव, eSign सुविधा और UPI-आधारित भुगतान शामिल हैं। प्रमाण पत्र QR कोड के साथ जारी किए जाते हैं, जिससे उनका सत्यापन और प्रामाणिकता सुनिश्चित होती है।
कुछ सेवाएं WhatsApp के माध्यम से भी उपलब्ध हैं, जिससे वे उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक हो गई हैं। यह प्रणाली पहले से जमा किए गए डेटा का पुनः उपयोग करने की अनुमति देती है, जिससे डेटा की पुनरावृत्ति (duplication) कम होती है।
स्टेटिक GK तथ्य: UPI (Unified Payments Interface) NPCI द्वारा विकसित एक प्रणाली है जो तत्काल और रियल–टाइम भुगतान को संभव बनाती है।
सेवा वितरण पर प्रभाव
यह प्लेटफ़ॉर्म हर साल लगभग 1.20 करोड़ आवेदनों को संभालता है, जिनमें से लगभग 87 लाख आवेदन इन डिजिटाइज़्ड सेवाओं से जुड़े होते हैं। इससे प्रोसेसिंग का समय काफ़ी कम हो जाता है और सटीकता में सुधार होता है।
नागरिक अब अपने आवेदनों को रियल–टाइम में ट्रैक कर सकते हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। इस पहल से मानवीय हस्तक्षेप कम होता है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएँ घटती हैं।
भविष्य की विस्तार योजनाएँ
गुजरात सरकार इस प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार करने की योजना बना रही है, जिसमें गुजराती भाषा में AI-आधारित सेवाएँ शामिल होंगी। बेहतर तालमेल के लिए विभिन्न विभागों के बीच एकीकरण को और मज़बूत किया जाएगा।
ये सुधार आने वाले वर्षों में शासन–प्रशासन को अधिक सुलभ, कुशल और नागरिक–केंद्रित बनाएँगे।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| पहल का नाम | सुगम डिजिटल गुजरात पहल |
| लॉन्च प्राधिकरण | विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग |
| प्रमुख सुधार निकाय | गुजरात प्रशासनिक सुधार समिति |
| सेवाओं की संख्या | लगभग 20 सेवाएँ डिजिटाइज की गईं |
| शामिल विभाग | सामाजिक न्याय, राजस्व, विधि, खाद्य, जनजातीय |
| उपयोग की गई तकनीकें | आधार, डिजिलॉकर, यूपीआई, क्यूआर कोड |
| वार्षिक आवेदन | लगभग 1.20 करोड़ आवेदन संभाले गए |
| मुख्य उद्देश्य | फेसलेस, पेपरलेस, कैशलेस शासन |





