फ्यूचर सस्टेनेबिलिटी स्किल्स के लिए कोलैबोरेशन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे ने मुंबई में अपने पवई कैंपस में फ्यूचर स्किल्स और इनोवेशन के लिए एक नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए हनीवेल के साथ साझेदारी की है।
यह पहल स्टूडेंट्स को सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी टेक्नोलॉजी और पर्यावरणीय इनोवेशन में प्रशिक्षित करने पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम का लक्ष्य सर्टिफिकेट प्रोग्राम, एडवांस्ड रिसर्च और मजबूत इंडस्ट्री–एकेडेमिया सहयोग के माध्यम से 2030 तक 1,00,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण देना है।
इस सेंटर को आधिकारिक रूप से IIT बॉम्बे–हनीवेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्यूचर स्किल्स एंड इनोवेशन कहा जाएगा।
स्टैटिक GK फैक्ट: IIT बॉम्बे की स्थापना 1958 में हुई थी और इसे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एक्ट, 1961 के तहत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है।
ग्रीन इनोवेशन और पर्यावरणीय टेक्नोलॉजी पर फोकस
यह नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरणीय तकनीक और ग्रीन इनोवेशन में उन्नत विशेषज्ञता विकसित करने के लिए एक नॉलेज हब के रूप में कार्य करेगा।
इसका उद्देश्य छात्रों को क्लाइमेट चेंज, रिसोर्स मैनेजमेंट और एनर्जी ट्रांजिशन जैसी वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
इस पहल के लिए फंडिंग सपोर्ट हनीवेल होमटाउन सॉल्यूशंस इंडिया फाउंडेशन से प्राप्त होगा, जो भारत में हनीवेल की परोपकारी शाखा है।
इस सहयोग के माध्यम से सेंटर सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रीन इकॉनमी ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े इनोवेशन को बढ़ावा देगा।
स्टैटिक GK टिप: हनीवेल इंटरनेशनल इंक. एक मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी है जिसका मुख्यालय शार्लोट, नॉर्थ कैरोलिना (USA) में स्थित है और यह एयरोस्पेस, ऑटोमेशन और एनर्जी टेक्नोलॉजी में योगदान के लिए जानी जाती है।
सर्टिफिकेट प्रोग्राम और इंडस्ट्री–ओरिएंटेड लर्निंग
यह सेंटर सर्टिफिकेट–आधारित अकादमिक प्रोग्राम शुरू करेगा, जो थ्योरेटिकल नॉलेज को प्रैक्टिकल फील्ड एक्सपीरियंस के साथ जोड़ेगा।
ये कोर्स भारत भर के अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल छात्रों के लिए खुले होंगे।
प्रोग्राम में शामिल छात्र रियल–वर्ल्ड सस्टेनेबिलिटी प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे, जिससे उन्हें पर्यावरणीय चुनौतियों और नीतिगत समाधानों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि छात्र तकनीकी दक्षता के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़ी विशेषज्ञता भी विकसित करें।
इस पहल के तहत एडवांस्ड लैब इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक उपकरण, करिकुलम डेवलपमेंट और रिसर्च ग्रांट्स के माध्यम से भी सस्टेनेबिलिटी एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा।
ग्रीन इकॉनमी के लिए मुख्य लर्निंग ट्रैक्स
सेंटर का अकादमिक करिकुलम पाँच प्रमुख लर्निंग ट्रैक्स पर आधारित होगा, जिन्हें ग्रीन इकॉनमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
इन ट्रैक्स में शामिल हैं:
- सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग
- सस्टेनेबल फाइनेंस
- एनर्जी सिक्योरिटी
- सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर
- पॉलिसी एडवोकेसी
ये सभी क्षेत्र पर्यावरणीय शासन (Environmental Governance) और सस्टेनेबल आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं को संबोधित करते हैं।
इन विषयों पर फोकस करके यह कार्यक्रम एक ऐसे वर्कफोर्स को तैयार करना चाहता है जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता के लिए सस्टेनेबल पॉलिसी, फाइनेंशियल मॉडल और तकनीकी समाधान विकसित कर सके।
स्टैटिक GK फैक्ट: सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के हिस्से के रूप में अपनाया था, जिसमें 17 वैश्विक लक्ष्य शामिल हैं।
पायलट फेज़ और ट्रेनिंग टारगेट
यह पहल पहले पायलट फेज़ से शुरू होगी और उसके बाद इसे राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में विस्तार दिया जाएगा।
शुरुआती दो महीनों में सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और विशेष कोर्स मॉड्यूल डिजाइन पर काम करेगा।
पायलट चरण में लगभग 250 छात्रों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके बाद इस पहल का विस्तार करते हुए 2030 तक 1,00,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह सहयोग भारत में सस्टेनेबिलिटी आधारित इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने में शैक्षणिक संस्थानों और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| Topic | Detail |
| पहल | आईआईटी बॉम्बे हनीवेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्यूचर स्किल्स एंड इनोवेशन |
| शामिल संस्थान | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे और हनीवेल |
| स्थान | पवई परिसर, मुंबई |
| लक्षित लाभार्थी | 2030 तक 1,00,000 से अधिक छात्र |
| वित्तपोषण निकाय | हनीवेल होमटाउन सॉल्यूशंस इंडिया फाउंडेशन |
| प्रमुख शिक्षण क्षेत्र | सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग, सस्टेनेबल फाइनेंस, ऊर्जा सुरक्षा, सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति वकालत |
| कार्यक्रम प्रारूप | वास्तविक परियोजनाओं के साथ प्रमाणपत्र कार्यक्रम |
| पायलट चरण प्रशिक्षण | प्रारंभ में लगभग 250 छात्र |
| उद्देश्य | सस्टेनेबिलिटी और हरित नवाचार कौशल विकसित करना |
| वैश्विक प्रासंगिकता | सतत विकास और हरित अर्थव्यवस्था के संक्रमण का समर्थन |





