गुजरात ने बड़ी टेक्नोलॉजी पॉलिसी लॉन्च की
गुजरात सरकार ने रिसर्च, इनोवेशन और स्वदेशी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (STI) पॉलिसी 2026–2031 लॉन्च की है। इस पॉलिसी की घोषणा गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की।
इस पॉलिसी की एक महत्वपूर्ण विशेषता ₹1,000 करोड़ का इनोवेशन फंड बनाना है, जो रिसर्च संस्थानों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को समर्थन देगा। इस पहल का उद्देश्य गुजरात को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, रिसर्च टैलेंट और इनोवेशन आधारित आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है।
स्टेटिक GK फैक्ट: गुजरात राज्य का गठन 1960 में बॉम्बे राज्य के विभाजन के बाद हुआ था और इसकी राजधानी गांधीनगर है।
पॉलिसी के तहत मुख्य लक्ष्य
STI पॉलिसी 2026–2031 राज्य की रिसर्च और इनोवेशन क्षमता को मजबूत करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करती है। सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक उभरते टेक्नोलॉजी सेक्टर में 1 लाख अत्यधिक कुशल रिसर्च प्रोफेशनल तैयार किए जाएँ।
एक अन्य प्रमुख उद्देश्य हर वर्ष लगभग 1,000 इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फाइलिंग हासिल करना है, जिनमें कम से कम 500 पेटेंट और 100 अंतरराष्ट्रीय फाइलिंग शामिल होंगी। इसके लिए राज्य में 200 से अधिक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इन उपायों का उद्देश्य टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइज़ेशन, रिसर्च सहयोग और नॉलेज–बेस्ड इंडस्ट्रीज़ को बढ़ावा देना है।
स्टेटिक GK टिप: भारत ने 1958 में अपनी पहली नेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी अपनाई थी, जिसने संगठित वैज्ञानिक विकास की नींव रखी।
रिसर्च के लिए ₹1,000 करोड़ का इनोवेशन फंड
घोषित ₹1,000 करोड़ के इनोवेशन फंड का उपयोग हाई–इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप इनोवेशन और स्वदेशी टेक्नोलॉजी विकास के लिए किया जाएगा। यह फंड विशेष रूप से भारत में सॉफ्टवेयर, मशीनरी और तकनीकी समाधान विकसित करने पर केंद्रित होगा।
इसके साथ ही राज्य रिसर्च और डेवलपमेंट लैब्स की फंडिंग को हर वर्ष 20% बढ़ाने की योजना बना रहा है। इस वित्तीय सहायता से हर साल 100 से अधिक हाई–इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट्स शुरू होने की संभावना है।
यह पॉलिसी महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का प्रयास करती है।
नई टेक्नोलॉजी पर फोकस
इस पॉलिसी में उन कटिंग–एज टेक्नोलॉजी सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है जो भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और 5G तथा 6G कनेक्टिविटी शामिल हैं।
इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी सॉल्यूशन, स्पेस टेक्नोलॉजी और AR/VR/XR जैसी इमर्सिव टेक्नोलॉजी भी प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों से उच्च मूल्य के रोजगार, वैज्ञानिक नवाचार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्टेटिक GK फैक्ट: भारत का सेमीकंडक्टर मिशन 2021 में घरेलू चिप निर्माण क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
पारंपरिक उद्योगों में नवाचार
नई तकनीकों के साथ-साथ यह पॉलिसी गुजरात के पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों को भी आधुनिक बनाने पर जोर देती है। जिन उद्योगों को तकनीकी उन्नयन के लिए प्राथमिकता दी गई है उनमें केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, सिरेमिक्स, इंजीनियरिंग, एग्रो–प्रोसेसिंग और जेम्स एंड ज्वेलरी शामिल हैं।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और रिसर्च इनपुट को शामिल करके इन उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता और वैल्यू एडिशन बढ़ाने की योजना है।
साइंस और टेक्नोलॉजी क्लस्टर
इस पॉलिसी में एकेडेमिया, उद्योग और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए रीजनल साइंस और टेक्नोलॉजी क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। ये क्लस्टर अहमदाबाद–गांधीनगर, वडोदरा–सूरत, राजकोट–भावनगर, जूनागढ़–जामनगर और कच्छ क्षेत्रों में विकसित किए जाएंगे।
इस पॉलिसी के कार्यान्वयन की निगरानी गुजरात सरकार का साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग करेगा, जबकि गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (GUJCOST) इसके संचालन और मॉनिटरिंग में समन्वय करेगा।
इन क्लस्टर्स का उद्देश्य टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, रिसर्च कमर्शियलाइज़ेशन और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को मजबूत करना है, जिससे राज्य में एक सशक्त इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित हो सके।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| नीति | गुजरात विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति 2026–2031 |
| लॉन्च | गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा घोषित |
| प्रमुख वित्तीय प्रावधान | ₹1,000 करोड़ नवाचार कोष |
| अनुसंधान प्रतिभा लक्ष्य | 2031 तक 1 लाख शोध पेशेवर |
| बौद्धिक संपदा लक्ष्य | प्रतिवर्ष 1,000 आईपी दाखिलियाँ |
| पेटेंट लक्ष्य | प्रति वर्ष 500 पेटेंट और 100 वैश्विक दाखिलियाँ |
| प्रौद्योगिकी फोकस | एआई, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, क्वांटम तकनीक |
| उद्योग फोकस | रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, सिरेमिक, एग्रो-प्रोसेसिंग, रत्न |
| क्लस्टर स्थान | अहमदाबाद–गांधीनगर, वडोदरा–सूरत, राजकोट–भावनगर, जूनागढ़–जामनगर, कच्छ |
| कार्यान्वयन एजेंसियाँ | विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग गुजरात तथा GUJCOST |





