बड़े कल्चरल प्रोजेक्ट्स शुरू हुए
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु सरकार ने राज्य की कल्चरल हेरिटेज को बचाने के मकसद से कई म्यूज़ियम और मेमोरियल प्रोजेक्ट्स शुरू किए। इन कोशिशों में कई ज़िलों में म्यूज़ियम, मूर्तियाँ, मेमोरियल हॉल और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार शामिल हैं।
ऐसे प्रोजेक्ट्स का मकसद ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बचाना, आर्कियोलॉजिकल खोजों को बढ़ावा देना और तमिल इतिहास व आज़ादी की लड़ाई के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
कीलाडी ओपन एयर म्यूज़ियम
शिवगंगा ज़िले में कीलाडी ओपन एयर म्यूज़ियम एक ज़रूरी कल्चरल प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन ₹24 करोड़ की लागत से हुआ है। यह म्यूज़ियम कीलाडी खुदाई स्थल पर हुई आर्कियोलॉजिकल खोजों को दिखाता है, जिससे पुराने तमिलनाडु में एक एडवांस्ड शहरी सभ्यता के सबूत मिले हैं।
म्यूज़ियम में मिट्टी के बर्तन, ग्रैफ़िटी के निशान, इंडस्ट्रियल औज़ार और शहरी बस्तियों के अवशेष दिखाए गए हैं, जो शुरुआती तमिल समाज की टेक्नोलॉजिकल और कल्चरल कामयाबियों को दर्शाते हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) और बाद में तमिलनाडु स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ आर्कियोलॉजी द्वारा की गई कीलाडी खुदाई में लगभग 6वीं सदी BCE की शहरी बस्तियों का पता चला, जिससे संगम युग की सभ्यता के सबूत और मज़बूत हुए।
राज्य में नए म्यूज़ियम
अलग-अलग ज़िलों में तीन बड़े म्यूज़ियम की नींव रखी गई। इनमें इरोड ज़िले में नोय्याल म्यूज़ियम, मंडपम में नवई म्यूज़ियम और तंजावुर में ग्रैंड चोल म्यूज़ियम शामिल हैं।
ग्रैंड चोल म्यूज़ियम में चोल वंश की कल्चरल कामयाबियों को दिखाया जाएगा, जिसमें आर्किटेक्चर, कांसे की मूर्तियाँ, समुद्री व्यापार और मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। चोलों ने 9वीं से 13वीं सदी CE के बीच दक्षिण भारत पर राज किया और दक्षिण-पूर्व एशिया तक अपना प्रभाव फैलाया।
स्टेटिक GK टिप: तंजावुर में राजराजा चोल I द्वारा बनाया गया बृहदेश्वर मंदिर एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और चोल आर्किटेक्चर का बेहतरीन उदाहरण है।
मेमोरियल और हेरिटेज स्ट्रक्चर
तंजावुर ज़िले में मनोरा मेमोरियल पिलर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और सामने की लाइटिंग का उद्घाटन किया गया। यह स्मारक 1815 की वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन बोनापार्ट पर ब्रिटिश जीत की याद में बनाया गया था।
अरियालुर ज़िले में कीलापझुवुर चिन्नासामी के लिए एक मेमोरियल हॉल का उद्घाटन किया गया। उन्होंने भाषा अधिकार आंदोलन के दौरान हिंदी थोपने के विरोध में अपनी जान दे दी थी।
मूर्तियां और सम्मानित नेता
इरोड ज़िले में स्वतंत्रता सेनानी थेरन चिन्नामलाई की एक कांस्य घुड़सवारी मूर्ति का अनावरण किया गया। उन्होंने पॉलीगर प्रतिरोध आंदोलन के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
करूर ज़िले में पूर्व सांसद सी. मुथुसामी की मूर्ति का अनावरण किया गया। उन्होंने किसानों के अधिकारों और कावेरी जल विवाद से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा, नामक्कल ज़िले में मद्रास प्रेसीडेंसी के पूर्व मुख्यमंत्री पी. सुब्बारायण के एक मेमोरियल हॉल और बस्ट का उद्घाटन किया गया।
पब्लिकेशन और इंडस्ट्रियल पहल
मुख्यमंत्री ने के. राजन और आर. शिवानंदम की लिखी किताब “रॉक आर्ट ऑफ़ तमिलनाडु” का विमोचन किया, जिसमें तमिलनाडु में मिली प्राचीन रॉक पेंटिंग्स पर रोशनी डाली गई है।
सरकार ने चेन्नई के शोलिंगनल्लूर में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ तमिलनाडु लिमिटेड द्वारा डेवलप किए गए ELCOSEZ का भी उद्घाटन किया। इस पहल का मकसद इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और IT सेक्टर की ग्रोथ को बढ़ावा देना है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| सांस्कृतिक परियोजनाएँ | तमिलनाडु भर में कई संग्रहालय और स्मारक लॉन्च |
| कीलाडी संग्रहालय | शिवगंगा ज़िले में ₹24 करोड़ की लागत से खुला ओपन-एयर संग्रहालय |
| नॉय्यल संग्रहालय | इरोड ज़िले में प्रस्तावित संग्रहालय |
| नावई संग्रहालय | मण्डपम में प्रस्तावित सांस्कृतिक संग्रहालय |
| ग्रैंड चोल संग्रहालय | तंजावुर में चोल वंश की विरासत को प्रदर्शित करने हेतु प्रस्तावित संग्रहालय |
| मनोरा स्मारक | तंजावुर में ऐतिहासिक टावर, नए अवसंरचना और फ़साड लाइटिंग के साथ |
| कीलापझुवूर चिन्नासामी | भाषा अधिकार कार्यकर्ता, स्मारक भवन से सम्मानित |
| थीरन चिन्नामलाई | स्वतंत्रता सेनानी, कांस्य अश्वारोही प्रतिमा से सम्मानित |
| सी. मुथुसामी | पूर्व सांसद एवं कावेरी अधिकार कार्यकर्ता, करूर में सम्मानित |
| एल्कोसेज़ | शोलिंगनल्लूर में इलेक्ट्रॉनिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र का उद्घाटन |





