अरब सागर में स्ट्रेटेजिक समुद्री ड्रिल
इंडियन एयर फ़ोर्स के सदर्न एयर कमांड ने लक्षद्वीप और मिनिकॉय आइलैंड में एक्सरसाइज कलारी लीप की। इस एक्सरसाइज में मुश्किल समुद्री हालात में तेज़ी से ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट को टेस्ट किया गया। इसमें कोऑर्डिनेटेड प्लानिंग, सटीक हवाई हमलों और आइलैंड की सुरक्षा की तैयारी को वैलिडेट करने पर फोकस किया गया।
इस ड्रिल ने अरब सागर से आने वाले खतरों का तेज़ी से जवाब देने के लिए भारत की तैयारी को हाईलाइट किया, जो ट्रेड और एनर्जी रूट के लिए ज़रूरी इलाका है। इस एक्सरसाइज ने आइलैंड इलाकों पर हवाई दबदबे को भी मज़बूत किया।
स्टेटिक GK फैक्ट: सदर्न एयर कमांड का हेडक्वार्टर तिरुवनंतपुरम, केरल में है, और यह भारत के दक्षिणी एयरस्पेस और समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है।
लक्षद्वीप क्यों ज़रूरी है
लक्षद्वीप आइलैंड का स्ट्रेटेजिक महत्व बहुत ज़्यादा है क्योंकि यह बड़े इंटरनेशनल शिपिंग लेन के पास है। ये समुद्री रास्ते दुनिया भर के तेल और ट्रेड ट्रैफिक का एक बड़ा हिस्सा ले जाते हैं। इस इलाके को सुरक्षित करने से बिना रुकावट समुद्री व्यापार पक्का होता है।
आइलैंड इलाकों में एयर और मैरीटाइम फोर्स के बीच आसानी से तालमेल बिठाने की ज़रूरत होती है। कलारी लीप ने भारत की निगरानी, हमला करने की क्षमता और बिखरे हुए आइलैंड के माहौल में ऑपरेशनल दबदबा बनाए रखने की क्षमता दिखाई।
स्टेटिक GK टिप: मिनिकॉय आइलैंड नाइन डिग्री चैनल के दक्षिण में है, जो इसे लक्षद्वीप के बाकी हिस्सों से अलग करने वाला एक ज़रूरी समुद्री रास्ता है।
इंटीग्रेटेड डिफेंस पार्टिसिपेशन
इस एक्सरसाइज में इंडियन एयर फोर्स, इंडियन कोस्ट गार्ड और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन्स डिवीजन (AFSOD) के बीच मिलकर किए गए ऑपरेशन शामिल थे। इस मल्टी–एजेंसी पार्टिसिपेशन ने जॉइंट ऑपरेशनल क्षमता को मज़बूत किया।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने निगरानी और मैरीटाइम पेट्रोल के लिए जहाज, जेमिनी बोट्स और डोर्नियर 228 एयरक्राफ्ट तैनात किए। एयर फोर्स ने स्ट्राइक सिमुलेशन और रैपिड रिस्पॉन्स मिशन के लिए एयर एसेट्स का योगदान दिया। 2019 में बनी AFSOD ने खास ऑपरेशनल कामों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। यह इंटीग्रेशन मॉडर्न युद्ध में थिएटर–लेवल कोऑर्डिनेशन की ओर भारत के कदम को दिखाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: इंडियन कोस्ट गार्ड की स्थापना 1978 में रक्षा मंत्रालय के तहत समुद्री हितों की रक्षा और समुद्री कानून लागू करने के लिए की गई थी।
एंटी–शिप स्ट्राइक और SAR ऑपरेशन
कलारी लीप की एक बड़ी खासियत एंटी–शिप स्ट्राइक मिशन का सिमुलेशन था। इन ड्रिल में एयर फोर्स की सटीक एयर पावर का इस्तेमाल करके दुश्मन नेवी के एसेट्स को बेअसर करने की क्षमता का टेस्ट किया गया। ऐसी क्षमता समुद्री रास्तों की सुरक्षा और समुद्री हमले को रोकने के लिए बहुत ज़रूरी है।
इस एक्सरसाइज ने मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन को भी वैलिडेट किया। कोऑर्डिनेटेड SAR ड्रिल ने समुद्र में इमरजेंसी के दौरान मानवीय मदद के लिए तैयारी पक्की की।
बचाव मिशन के साथ आक्रामक स्ट्राइक सिमुलेशन को मिलाकर, इस एक्सरसाइज ने लड़ाई और मानवीय ऑपरेशन दोनों के लिए दोहरी तैयारी दिखाई। यह पूरा तरीका भारत के कोस्टल डिफेंस आर्किटेक्चर को बढ़ाता है।
कलारी लीप इंटीग्रेटेड समुद्री सुरक्षा पर भारत के बढ़ते ज़ोर को दिखाता है। इंडियन ओशन रीजन में बदलती जियोपॉलिटिकल चुनौतियों के साथ, इस तरह की हाई–टेम्पो एक्सरसाइज ऑपरेशनल सिनर्जी और डिटरेंस कैपेबिलिटी पक्का करती हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | कलारी लीप |
| संचालनकर्ता | दक्षिणी वायु कमान, भारतीय वायु सेना |
| स्थान | लक्षद्वीप और मिनिकॉय द्वीप |
| सहभागी एजेंसियाँ | भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, सशस्त्र बल विशेष अभियान प्रभाग (एएफएसओडी) |
| प्रमुख अभियान | एंटी-शिप स्ट्राइक सिमुलेशन और समुद्री खोज एवं बचाव (एसएआर) |
| रणनीतिक क्षेत्र | अरब सागर और हिंद महासागर की समुद्री मार्ग |
| तटरक्षक बल स्थापना | 1978 |
| एएफएसओडी स्थापना | 2019 |
| दक्षिणी वायु कमान मुख्यालय | तिरुवनंतपुरम, केरल |





