डिजिटल कस्टम्स रिफॉर्म को बढ़ावा
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने इंटरनेशनल कस्टम्स डे 2026 सेलिब्रेशन के दौरान SWIFT 2.0, एक नया अतिथि ऐप और एक डिजिटल ट्रैवलर्स गाइड लॉन्च करने की घोषणा की। यह पहल कस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन में डिजिटल गवर्नेंस की ओर भारत के लगातार बदलाव को दिखाती है।
इस इवेंट की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और सीनियर रेवेन्यू अधिकारी करेंगे। इन रिफॉर्म्स का मकसद भारत के ट्रेड इकोसिस्टम में एफिशिएंसी, ट्रांसपेरेंसी और भरोसे पर आधारित कम्प्लायंस को मजबूत करना है। स्टैटिक GK फैक्ट: CBIC, फाइनेंस मिनिस्ट्री के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के तहत काम करता है और कस्टम्स, GST, सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स (पुराने केस) को मैनेज करता है।
SWIFT 2.0 और ट्रेड फैसिलिटेशन
SWIFT 2.0, सिंगल विंडो इंटरफेस फॉर फैसिलिटेटिंग ट्रेड (SWIFT) का अपग्रेडेड वर्जन है। यह इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए एक ही एंट्री पॉइंट से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए एक यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है।
अपग्रेडेड सिस्टम कस्टम्स इंटीग्रेटेड सिस्टम (CIS) के साथ इंटीग्रेट होता है ताकि तेजी से इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस मिल सके। यह प्रोसेस में होने वाली देरी को कम करता है, पेपरवर्क को कम करता है और ऑटोमेटेड रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करता है।
यह रिफॉर्म भारत के ग्लोबल ट्रेड कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के कमिटमेंट को सपोर्ट करता है। यह डिजिटल रिफॉर्म्स के जरिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फ्रेमवर्क को बढ़ाने के सरकार के मकसद से मेल खाता है। स्टेटिक GK टिप: भारत हर साल 26 जनवरी को इंटरनेशनल कस्टम्स डे मनाता है, जो 1953 में हुए कस्टम्स कोऑपरेशन काउंसिल (अब वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गनाइज़ेशन) के पहले सेशन की याद में मनाया जाता है।
यात्रियों के लिए नया अतिथि ऐप
अपग्रेड किया गया अतिथि ऐप भारत आने वाले इंटरनेशनल यात्रियों के लिए बैगेज डिक्लेरेशन को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यात्री अब आने से पहले बैगेज का डिजिटल सेल्फ–डिक्लेरेशन पूरा कर सकते हैं।
इस सुधार से एयरपोर्ट पर इंतज़ार का समय कम होता है और पर्सनल इंपोर्ट में ट्रांसपेरेंसी बढ़ती है। यह बैगेज नियमों का पालन पक्का करते हुए कस्टम्स प्रोसेसिंग को आसान बनाता है।
यह पहल भरोसे पर आधारित कस्टम्स गवर्नेंस की ओर बदलाव दिखाती है, जहाँ टेक्नोलॉजी रेगुलेटरी निगरानी बनाए रखते हुए फिजिकल दखल को कम करती है।
डिजिटल ट्रैवलर्स गाइड और सिंपोजियम
नई शुरू की गई डिजिटल ट्रैवलर्स गाइड कस्टम नियमों, बैगेज अलाउंस और मना की गई चीज़ों के बारे में स्ट्रक्चर्ड और आसानी से मिलने वाली जानकारी देगी। इससे यात्रियों की जानकारी बढ़ेगी और पालन को लेकर कन्फ्यूजन कम होगा। CBIC कस्टम्स रिफॉर्म्स 2026 पर एक नेशनल सिंपोजियम भी ऑर्गनाइज़ करेगा। चर्चा डिजिटल गवर्नेंस रिफॉर्म्स, लीगल अपडेट्स, कूरियर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन, फिशरीज़ एक्सपोर्ट इनेबलमेंट और पर्सनल इंपोर्ट रेगुलेशन पर फोकस होगी।
ये कदम मिलकर भारत के डिजिटल कस्टम्स इकोसिस्टम को मज़बूत करते हैं और बड़े एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के साथ अलाइन होते हैं।
स्टैटिक GK फैक्ट: वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गनाइज़ेशन (WCO) का हेडक्वार्टर ब्रुसेल्स, बेल्जियम में है, और भारत ग्लोबल कस्टम्स मॉडर्नाइज़ेशन इनिशिएटिव्स में एक्टिवली हिस्सा लेने वाला एक मेंबर देश है।
गवर्नेंस और ट्रेड पर असर
SWIFT 2.0, नया Atithi App, और Digital Travellers Guide का मिला-जुला रोलआउट इंटीग्रेटेड कस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन की ओर एक स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत देता है। यह डेटा–ड्रिवन मॉनिटरिंग को बढ़ाते हुए कम्प्लायंस का बोझ कम करता है।
ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके, CBIC का मकसद तेज़ कार्गो क्लियरेंस, पैसेंजर की सुविधा और बेहतर ट्रेड फैसिलिटेशन को बढ़ावा देना है।
ये रिफॉर्म्स भारत के एक ज़्यादा एफिशिएंट और ग्लोबली कॉम्पिटिटिव ट्रेडिंग हब बनने के एम्बिशन को मज़बूत करते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| शुभारंभ प्राधिकरण | केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड |
| प्रमुख सुधार | स्विफ्ट 2.0 डिजिटल कस्टम्स प्लेटफ़ॉर्म |
| यात्री सुधार | बैगेज स्व-घोषणा हेतु संशोधित अतिथि ऐप |
| सहायक प्रणाली | कस्टम्स इंटीग्रेटेड सिस्टम |
| आयोजन | अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस 2026 |
| प्रशासनिक मॉडल | विश्वास-आधारित डिजिटल सीमा शुल्क प्रशासन |
| मूल मंत्रालय | वित्त मंत्रालय |
| वैश्विक निकाय | विश्व सीमा शुल्क संगठन (मुख्यालय: ब्रुसेल्स) |





