हाल ही में वैक्सीन लॉन्च
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में Universal Immunization Programme (UIP) के तहत देश में बनी टेटनस और एडल्ट डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन लॉन्च की। यह कदम भारत के सस्ते और आत्मनिर्भर वैक्सीन उत्पादन के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
Td वैक्सीन, इम्यूनाइज़ेशन शेड्यूल में पहले इस्तेमाल होने वाली टेटनस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन की जगह लेगी। यह टेटनस और डिप्थीरिया दोनों से सुरक्षा प्रदान करती है, विशेष रूप से किशोरों और गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
स्टैटिक GK फैक्ट: डिप्थीरिया Corynebacterium diphtheriae से और टेटनस Clostridium tetani से होता है।
UIP का विकास
भारत का इम्यूनाइज़ेशन अभियान 1978 में Expanded Programme on Immunization (EPI) के रूप में शुरू हुआ था। वर्ष 1985 में इसे विस्तारित कर Universal Immunization Programme नाम दिया गया, ताकि व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।
UIP दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में से एक है, जो हर वर्ष लाखों गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कवर करता है।
स्टेटिक GK टिप: UIP, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होता है।
UIP के तहत बीमारियों का कवरेज
UIP कुल 12 वैक्सीन–रोकथाम योग्य बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण प्रदान करता है। इनमें से 11 बीमारियां पूरे देश में कवर होती हैं।
इनमें डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, पोलियो, मीज़ल्स, रूबेला, गंभीर बचपन का टीबी, रोटावायरस डायरिया, हेपेटाइटिस B, Haemophilus influenzae टाइप B (Hib) और न्यूमोकोकल न्यूमोनिया शामिल हैं।
जापानी एन्सेफलाइटिस केवल एंडेमिक जिलों में कवर होती है, जो क्षेत्र-विशिष्ट बीमारी नियंत्रण की रणनीति को दर्शाता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: BCG वैक्सीन बच्चों को गंभीर प्रकार के टीबी से बचाने के लिए दी जाती है।
बड़ी उपलब्धियां
भारत को 2014 में World Health Organization द्वारा पोलियो–फ्री घोषित किया गया था। देश ने 2015 में मातृ और नवजात टेटनस का भी उन्मूलन किया।
ये उपलब्धियां निरंतर उच्च टीकाकरण कवरेज और मजबूत सर्विलांस सिस्टम को दर्शाती हैं।
स्टैटिक GK टिप: WHO का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है।
UIP को मजबूत करने वाली पहलें
सरकार ने कम प्रदर्शन वाले जिलों में कवरेज बढ़ाने के लिए इंटेंसिफाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 (IMI 5.0) शुरू किया। मीज़ल्स और रूबेला टीकाकरण दर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वैक्सीनेशन स्टेटस ट्रैक करने के लिए U-WIN पोर्टल को डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया है। यह रियल–टाइम डेटा मॉनिटरिंग सुनिश्चित करता है और डुप्लीकेशन कम करता है।
डिजिटल इंटीग्रेशन से ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और लास्ट–माइल डिलीवरी में सुधार होता है, जो भारत के व्यापक डिजिटल हेल्थ मिशन के उद्देश्यों से मेल खाता है।
आगे का रास्ता
UIP के तहत देश में बनी Td वैक्सीन की शुरुआत भारत की वैक्सीन निर्माण क्षमता में हुई प्रगति को दर्शाती है। यह आत्मनिर्भर भारत के विज़न को भी मजबूत करती है।
सतत जागरूकता अभियान, मजबूत कोल्ड–चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रभावी डिजिटल मॉनिटरिंग, सार्वभौमिक टीकाकरण कवरेज हासिल करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
स्टैटिक उस्तादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| कार्यक्रम का नाम | सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम |
| प्रारंभिक रूप | विस्तारित टीकाकरण कार्यक्रम (1978) |
| पुनर्नामकरण वर्ष | 1985 |
| कुल आच्छादित रोग | 12 |
| राष्ट्रव्यापी आच्छादन | 11 रोग |
| क्षेत्र-विशिष्ट रोग | जापानी एन्सेफलाइटिस |
| हालिया समावेशन | टेटनस तथा वयस्क डिप्थीरिया टीका |
| प्रमुख उपलब्धि 1 | 2014 में पोलियो-मुक्त भारत |
| प्रमुख उपलब्धि 2 | 2015 में नवजात टेटनस उन्मूलन |
| डिजिटल पहल | यू-विन पोर्टल |





