एक्सरसाइज़ वज्र प्रहार 2026 शुरू
एक्सरसाइज़ वज्र प्रहार का 16वां एडिशन 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह में स्पेशल फोर्सेज़ ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित किया जा रहा है। यह भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच एक जॉइंट स्पेशल फोर्सेज़ ड्रिल है।
इस एक्सरसाइज़ का उद्देश्य इंटरऑपरेबिलिटी, ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन और काउंटर–टेरर क्षमताओं को मजबूत करना है। यह दुनिया की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के बीच बढ़ते स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट को दर्शाता है।
स्टेटिक GK फैक्ट: हिमाचल प्रदेश 25 जनवरी 1971 को पूर्ण राज्य बना था और इसकी राजधानी शिमला है।
मकसद और स्ट्रेटेजिक महत्व
वज्र प्रहार भारत और अमेरिका में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य एलीट स्पेशल फोर्स यूनिट्स के बीच जॉइंटनेस और टैक्टिकल कोऑपरेशन को बढ़ावा देना है।
इस प्रशिक्षण में एडवांस्ड स्पेशल ऑपरेशन टेक्नीक, रियलिस्टिक कॉम्बैट सिनेरियो और अर्बन वॉरफेयर मॉड्यूल शामिल हैं। यह हाई–एल्टीट्यूड और सेमी–डेजर्ट ऑपरेशनल माहौल पर भी केंद्रित है।
ऐसी ड्रिल आपसी विश्वास को गहरा करती हैं और कठिन सिक्योरिटी सिचुएशन में जॉइंट ऑपरेशनल रेडीनेस को बेहतर बनाती हैं।
स्टेटिक GK टिप: भारत सात देशों के साथ लैंड बॉर्डर साझा करता है, जिससे हाई–एल्टीट्यूड और काउंटर–इनफिल्ट्रेशन ट्रेनिंग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
पिछले एडिशन और इवोल्यूशन
15वां एडिशन 2024 में USA के इडाहो में आयोजित किया गया था, जिसमें दोनों देशों से लगभग 45 सैनिक शामिल हुए थे। 2023 का एडिशन मेघालय के उमरोई में हुआ था।
इस एक्सरसाइज में नियमित रूप से जॉइंट एयरबोर्न ड्रिल, हेलोकास्टिंग ऑपरेशन और स्पेशल रिकॉनिसेंस मिशन शामिल रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण से दोनों पक्षों को अलग-अलग इलाकों और क्लाइमेट कंडीशन में अभ्यास का अवसर मिलता है।
इस निरंतरता ने इंडियन आर्मी स्पेशल फोर्सेज़ और US आर्मी ग्रीन बेरेट्स के बीच पेशेवर संबंधों को और मजबूत किया है।
स्टेटिक GK फैक्ट: मेघालय की राजधानी शिलांग है, जिसे अक्सर “पूरब का स्कॉटलैंड” कहा जाता है।
हिस्सा लेने वाली फोर्सेज़ और ट्रेनिंग मॉड्यूल
भारतीय टुकड़ी को इंडियन आर्मी स्पेशल फोर्सेज़ की एलीट यूनिट्स प्रतिनिधित्व करती हैं। अमेरिकी पक्ष को यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी ग्रीन बेरेट्स प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अनकन्वेंशनल वॉरफेयर एक्सपर्टीज़ के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रशिक्षण मॉड्यूल में क्लोज–क्वार्टर बैटल ड्रिल्स, काउंटर–टेरर ऑपरेशन्स और अर्बन वॉरफेयर सिमुलेशन्स शामिल हैं। भारत के उत्तरी क्षेत्र की परिस्थितियों के कारण हाई–एल्टीट्यूड कॉम्बैट प्रिपरेशन पर विशेष जोर दिया जाता है।
ये एंगेजमेंट्स जॉइंट मिशनों में प्रिसिजन, डिसिप्लिन और रैपिड रिस्पॉन्स कैपेबिलिटीज़ सुनिश्चित करते हैं।
बड़ा डिफेंस एंगेजमेंट
इंडिया-US डिफेंस पार्टनरशिप पिछले एक दशक में काफी मजबूत हुई है। दोनों देश सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए कई बाइलेटरल एक्सरसाइज़ आयोजित करते हैं।
मुख्य एक्सरसाइज़ में युद्ध अभ्यास (आर्मी), मालाबार (नेवल), और कोप इंडिया (एयर फोर्स) शामिल हैं। ये गतिविधियाँ इंडो–पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और काउंटर–टेरर सहयोग के साझा संकल्प को मजबूत करती हैं।
स्टेटिक GK फैक्ट: मालाबार नेवल एक्सरसाइज 1992 में भारत और अमेरिका के बीच एक बाइलेटरल ड्रिल के रूप में शुरू हुई थी।
वायुशक्ति 26 एयर पावर प्रदर्शन
वज्र प्रहार के साथ ही, इंडियन एयर फ़ोर्स 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर के पोखरण एयर–टू–ग्राउंड रेंज में वायुशक्ति-26 आयोजित कर रही है।
इस एक्सरसाइज में फाइटर एयरक्राफ्ट ऑपरेशन, ट्रांसपोर्ट मिशन, नाइट कॉम्बैट ड्रिल और मानवीय सहायता क्षमताएँ प्रदर्शित की जाएंगी। तेजस, राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29, C-130J, C-17, अपाचे और चिनूक जैसे एयरक्राफ्ट के भाग लेने की संभावना है।
स्टेटिक GK फैक्ट: राजस्थान का पोखरण 1974 और 1998 में भारत के न्यूक्लियर टेस्ट के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | वज्र प्रहार 2026 |
| संस्करण | 16वां |
| अवधि | 23 फरवरी – 15 मार्च 2026 |
| स्थान | विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल, बकलोह, हिमाचल प्रदेश |
| सहभागी बल | भारतीय सेना विशेष बल और अमेरिकी सेना ग्रीन बेरेट्स |
| पिछला संस्करण | 2024, इडाहो, अमेरिका |
| समानांतर अभ्यास | वायुशक्ति-26 |
| वायुशक्ति स्थल | पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज, जैसलमेर |





