नमो भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ में भारत के पहले नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम का उद्घाटन किया और दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर देश को समर्पित किया। यह भारत के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
देश में पहली बार, एक रैपिड रेल और मेट्रो सेवा एक ही स्टेशन से और एक ही ट्रैक पर चलेंगी। प्रधानमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विश्व–स्तरीय आधारभूत संरचना की दिशा में एक बड़ा बदलाव बताया।
भारत का पहला एकीकृत रैपिड रेल मॉडल
दिल्ली–मेरठ खंड भारत का पहला चालू क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर है। रैपिड रेल के साथ, मेरठ मेट्रो का भी उसी प्लेटफॉर्म से उद्घाटन किया गया, जिससे एक आसान शहरी–क्षेत्रीय एकीकरण मॉडल बना।
यात्री अब शहर के अंदर यात्रा के लिए मेट्रो सेवा का उपयोग कर सकते हैं और बिना स्टेशन बदले शहर के अंदर आने-जाने के लिए हाई–स्पीड नमो भारत ट्रेन में स्थानांतरित हो सकते हैं। यह एकीकृत मॉडल भीड़भाड़ कम करता है और यात्रियों की सुविधा बढ़ाता है।
स्थिर सामान्य ज्ञान तथ्य: भारत की पहली मेट्रो सेवा 1984 में कोलकाता में शुरू हुई थी।
ट्विन सिटी कनेक्टिविटी को मज़बूत करना
यह कॉरिडोर दिल्ली और मेरठ को एक एकीकृत आर्थिक क्षेत्र में जोड़कर ट्विन सिटी के विज़न को मज़बूत करता है। दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है, जिससे व्यावसायिक गतिशीलता तेज़ हुई है।
बड़े एकीकरण हब में सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ शामिल हैं। ये स्टेशन बस टर्मिनल, मेट्रो लाइन और भारतीय रेलवे से जुड़े हैं, जिससे मल्टीमॉडल परिवहन सुविधा मिलती है।
बेहतर कनेक्टिविटी से काम के लिए रोज़ाना दिल्ली आने-जाने की आवश्यकता कम होती है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा देता है।
स्थिर सामान्य ज्ञान संकेत: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड 1985 में बनाया गया था।
आधारभूत संरचना और रोज़गार में बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, माल ढुलाई कॉरिडोर और रैपिड रेल नेटवर्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने आने वाले जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को औद्योगिक विस्तार के लिए एक बड़ा उत्प्रेरक बताया।
पिछले एक दशक में भारत का मेट्रो नेटवर्क तेज़ी से बढ़ा है। 2014 से पहले केवल पाँच शहरों में मेट्रो सेवा थी, लेकिन अब यह पच्चीस से अधिक शहरों में संचालित हो रही है।
ऐसे प्रोजेक्ट निर्माण चरण में रोज़गार पैदा करते हैं और संचालन, रखरखाव तथा शहरी सेवाओं में दीर्घकालिक अवसर बनाते हैं।
नमो भारत में महिलाओं के नेतृत्व में संचालन
नमो भारत प्रणाली की एक खास बात महिलाओं की मज़बूत भागीदारी है। अधिकांश ट्रेन ऑपरेटर और स्टेशन नियंत्रण स्टाफ़ महिलाएँ हैं, जो समावेशी कार्यबल का प्रतिनिधित्व करती हैं।
प्रधानमंत्री ने इसे भारत के आधुनिक आधारभूत संरचना विकास में नारी शक्ति की झलक बताया। यह प्रौद्योगिकी–आधारित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में महिलाओं की भूमिका को मज़बूत करता है।
दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर केवल एक परिवहन उन्नयन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय योजना, आर्थिक एकीकरण और सतत शहरी गतिशीलता में एक संरचनात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| परियोजना का नाम | नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम |
| कॉरिडोर | दिल्ली–मेरठ |
| उद्घाटन तिथि | 22 फरवरी 2026 |
| उद्घाटन किया | Narendra Modi |
| विशिष्ट विशेषता | मेट्रो और रैपिड रेल एक ही स्टेशन और ट्रैक से संचालित |
| प्रमुख एकीकरण केंद्र | सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, मेरठ |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| महत्व | एनसीआर कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा |





