दूसरे फेज़ की शुरुआत
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने 21 फरवरी, 2026 को असम में Vibrant Villages Programme-II के दूसरे फेज़ की शुरुआत की। उद्घाटन बराक वैली इलाके के नतनपुर गांव में हुआ।
इस पहल का मकसद बॉर्डर पर बसी बस्तियों को ग्रोथ सेंटर में बदलना और उन्हें नेशनल डेवलपमेंट स्टैंडर्ड के हिसाब से बनाना है। सरकार का तरीका बॉर्डर के गांवों को दूर-दराज के इलाकों के तौर पर देखने के बजाय उन्हें स्ट्रेटेजिक प्रायोरिटी ज़ोन के तौर पर देखने का संकेत देता है।
कवरेज और फाइनेंशियल खर्च
दूसरे फेज़ में 17 राज्यों के 334 ब्लॉक और 1,954 गांव शामिल हैं, जिसके लिए कुल ₹6,900 करोड़ का एलोकेशन है। अकेले असम में, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर नौ ज़िले, 26 ब्लॉक और 140 गाँव शामिल किए गए हैं।
यह स्कीम सेंसिटिव बॉर्डर वाले इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और सोशियो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई है।
स्टैटिक GK फैक्ट: Assam, Bangladesh के साथ 260 km से ज़्यादा लंबा इंटरनेशनल बॉर्डर शेयर करता है, जिससे बॉर्डर मैनेजमेंट और डेवलपमेंट नेशनल सिक्योरिटी के लिए ज़रूरी हो जाता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
इस प्रोग्राम का एक बड़ा ज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है। सरकार की योजना रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने, टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क को बढ़ाने, भरोसेमंद बिजली सप्लाई पक्का करने और पीने के पानी और सफ़ाई की सुविधाओं को बेहतर बनाने की है।
इसका मकसद बॉर्डर के गाँवों में वैसी ही सुविधाएँ देना है जैसी शहरी और मेनलैंड इलाकों में मिलती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से एडमिनिस्ट्रेटिव पहुँच और इमरजेंसी में मदद मिलने की भी उम्मीद है।
स्टैटिक GK टिप: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर भारत का किसी भी देश के साथ सबसे लंबा लैंड बॉर्डर है, जो पाँच राज्यों में 4,000 km से ज़्यादा फैला है।
शिक्षा और रोज़गार को बढ़ावा
यह प्रोग्राम शिक्षा और रोज़ी-रोटी पर खास ज़ोर देता है। बॉर्डर के गांवों को अपग्रेडेड स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट सेंटर मिलेंगे।
बाहर से लोगों का निकलना कम करने और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने के लिए लोकल रोज़गार के मौके बनाए जाएंगे। आर्थिक विकास को इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़कर, यह स्कीम सीमावर्ती इलाकों में सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देना चाहती है।
स्ट्रेटेजिक और सोशल महत्व
इस पहल का विकास और स्ट्रेटेजिक दोनों तरह से महत्व है। बॉर्डर के गांवों को मजबूत करने से नेशनल सिक्योरिटी बढ़ती है, डेमोग्राफिक स्थिरता सुनिश्चित होती है और सामाजिक-आर्थिक लचीलापन बनता है।
सरकार का विज़न डेवलपमेंट इंडिकेटर्स के हिसाब से “आखिरी गांवों” को “पहले गांवों” में बदलना है। बेहतर जीवन स्तर से कम्युनिटी की भागीदारी बढ़ने और भारत के फ्रंटियर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को मजबूत करने की उम्मीद है।
स्टेटिक GK फैक्ट: Ministry of Home Affairs बॉर्डर मैनेजमेंट पॉलिसीज़ की देखरेख करता है, जिसमें Border Security Force (BSF) जैसी एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन शामिल है।
बराक वैली पर रीजनल फोकस
बराक वैली को शामिल करने से भारत के पूर्वी फ्रंटियर पर जोर दिया गया है। असम के नौ जिलों में विकास से इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ और कम्युनिटी वेलफेयर दोनों को मजबूत होने की उम्मीद है।
यह प्रोग्राम दूर के बॉर्डर इलाकों को मुख्यधारा की आर्थिक तरक्की में जोड़ने की एक बड़ी नेशनल स्ट्रेटेजी को दिखाता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम–II |
| लॉन्च तिथि | 21 फरवरी 2026 |
| लॉन्च करने वाले | Amit Shah, केंद्रीय गृह मंत्री |
| कुल आवंटन | ₹6,900 करोड़ |
| कवरेज | 17 राज्यों के 1,954 गाँव |
| असम कवरेज | 9 जिलों के 140 गाँव |
| फोकस क्षेत्र | सड़क, दूरसंचार, स्वच्छता, शिक्षा, रोजगार |
| सामरिक महत्व | सीमा सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सुदृढ़ता |





