लॉन्च और मकसद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में यूनियन कैबिनेट ने 14 फरवरी, 2026 को सेवा तीर्थ से PM RAHAT स्कीम (रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइज़ेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) को लॉन्च करने की मंज़ूरी दी। यह स्कीम यह पक्का करती है कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को बिना किसी फाइनेंशियल रुकावट के कैशलेस इमरजेंसी ट्रीटमेंट मिले। इसका मकसद तुरंत ट्रॉमा केयर तक पहुंच को बेहतर बनाकर टाली जा सकने वाली मौतों को रोकना है।
इस स्कीम के तहत, दुर्घटना के पीड़ित प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख तक के कैशलेस ट्रीटमेंट के लिए एलिजिबल हैं। यह कवरेज दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों के लिए दिया जाता है, जिससे स्टेबिलाइज़ेशन और जान बचाने वाले इंटरवेंशन पक्का होते हैं। यह पहल भारत के इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करती है और सबको हेल्थकेयर एक्सेस को बढ़ावा देती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: भारत में दुनिया के सबसे बड़े रोड नेटवर्क में से एक है, जो 6.3 मिलियन किलोमीटर से ज़्यादा लंबा है।
गोल्डन आवर ट्रीटमेंट का महत्व
यह स्कीम गोल्डन आवर पर फोकस करती है, जो किसी गंभीर चोट के बाद पहले एक घंटे को बताता है। मेडिकल स्टडीज़ से पता चलता है कि इस समय के दौरान समय पर इलाज से बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सड़क दुर्घटना में होने वाली लगभग 50% मौतों को तुरंत मेडिकल देखभाल से रोका जा सकता है।
PM RAHAT स्कीम बिना किसी पेमेंट की ज़रूरत के तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती होने की गारंटी देती है। हॉस्पिटल को रीइंबर्समेंट का भरोसा दिया जाता है, जिससे वे बिना किसी रुकावट के इलाज देने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इससे फाइनेंशियल वेरिफिकेशन के कारण होने वाली देरी कम होती है और ज़रूरी समय बचता है।
स्टैटिक GK टिप: भारत में सड़क सुरक्षा पॉलिसी के लिए मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ ज़िम्मेदार है।
मुख्य फ़ायदे और कवरेज
यह स्कीम पूरे भारत में दुर्घटना के शिकार लोगों को स्ट्रक्चर्ड ट्रीटमेंट सपोर्ट देती है। पीड़ितों को बिना जान के खतरे वाले मामलों में 24 घंटे तक और गंभीर हालत में 48 घंटे तक कैशलेस स्टेबिलाइज़ेशन ट्रीटमेंट मिलता है। इससे सही मेडिकल असेसमेंट और स्टेबिलाइज़ेशन पक्का होता है।
यह स्कीम सभी तरह की सड़कों पर लागू होती है, जिसमें हाईवे, स्टेट रोड और गांव की सड़कें शामिल हैं। पुलिस द्वारा डिजिटल ऑथेंटिकेशन से सही पहचान और क्लेम प्रोसेसिंग पक्की होती है। इससे एक ट्रांसपेरेंट और जवाबदेह इमरजेंसी केयर सिस्टम बनता है।
डिजिटल इमरजेंसी सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन
PM RAHAT स्कीम इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) 112 हेल्पलाइन के साथ इंटीग्रेटेड है, जिससे एम्बुलेंस जल्दी मिल पाती है। पीड़ित, आस-पास खड़े लोग या अच्छे लोग (राह-वीर) इमरजेंसी सर्विस से जुड़ने के लिए 112 डायल कर सकते हैं।
यह स्कीम eDAR प्लेटफॉर्म (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी TMS 2.0 सिस्टम से भी जुड़ती है। ये डिजिटल प्लेटफॉर्म पुलिस, हॉस्पिटल और इंश्योरेंस प्रोवाइडर के बीच आसान कोऑर्डिनेशन पक्का करते हैं। इससे इलाज की मंज़ूरी और रीइंबर्समेंट में देरी कम होती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: ERSS 112 एक नेशनल इमरजेंसी हेल्पलाइन है जो पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस को इंटीग्रेट करती है।
फंडिंग और रीइंबर्समेंट का तरीका
इस स्कीम को मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के ज़रिए फंड किया जाता है। अगर एक्सीडेंट में इंश्योर्ड गाड़ी शामिल है, तो जनरल इंश्योरेंस कंपनियां रीइंबर्समेंट देती हैं। हिट-एंड-रन या बिना इंश्योर्ड मामलों में, पेमेंट सरकारी बजट एलोकेशन से किया जाता है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी से अप्रूव्ड क्लेम 10 दिनों के अंदर सेटल कर दिए जाते हैं, जिससे हॉस्पिटल को फाइनेंशियल सुरक्षा मिलती है। इससे हॉस्पिटल बिना किसी झिझक के इमरजेंसी केयर को प्रायोरिटी देने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।
गवर्नेंस और अकाउंटेबिलिटी
इस स्कीम में एक मजबूत शिकायत निवारण सिस्टम शामिल है। शिकायतों को डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी के तहत एक शिकायत निवारण ऑफिसर हैंडल करता है, जिसके चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर या मजिस्ट्रेट होते हैं। पुलिस वेरिफिकेशन टाइमलाइन नॉन-क्रिटिकल मामलों के लिए 24 घंटे और क्रिटिकल मामलों के लिए 48 घंटे तय की गई है।
इससे इमरजेंसी केयर सर्विस की अकाउंटेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी और अच्छे से लागू करने की गारंटी मिलती है।
स्टेटिक GK टिप: डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सरकारी वेलफेयर और सेफ्टी स्कीम को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | पीएम राहत योजना |
| पूर्ण रूप | रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट |
| शुभारंभ तिथि | 14 फरवरी 2026 |
| घोषित किया | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| अधिकतम लाभ | ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार |
| कवरेज अवधि | दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक |
| आपातकालीन हेल्पलाइन | ERSS 112 |
| वित्त पोषण स्रोत | मोटर वाहन दुर्घटना कोष |
| डिजिटल एकीकरण | ERSS 112, eDAR, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण |
| मुख्य उद्देश्य | गोल्डन आवर के दौरान तत्काल उपचार प्रदान करना |





