भारत ने BRICS चेयरशिप 2026 शुरू की
भारत ने 9-10 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में पहली BRICS शेरपा और सूस शेरपा मीटिंग होस्ट करके अपनी BRICS चेयरशिप 2026 को फॉर्मल तौर पर लॉन्च किया। इस मीटिंग ने भारत की लीडरशिप में साल भर चलने वाले डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन प्रोसेस की शुरुआत की।
मीटिंग की चेयरपर्सन भारत के BRICS शेरपा और सेक्रेटरी (इकोनॉमिक रिलेशंस) सुधाकर दलेला ने की, जिसमें भारत के सूस शेरपा शंभू एल. हक्की का सपोर्ट था। मेंबर और पार्टनर देशों के डेलीगेशन ने हिस्सा लिया, जो BRICS कोऑपरेशन के बढ़े हुए नेचर को दिखाता है। स्टैटिक GK फैक्ट: BRIC शब्द 2001 में इकोनॉमिस्ट जिम ओ‘नील ने बनाया था, और साउथ अफ्रीका 2010 में इसमें शामिल हुआ, जिससे यह BRICS बन गया।
भारत के स्ट्रेटेजिक विज़न को दिखाने वाली थीम
भारत ने अपनी चेयरशिप थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” घोषित की। यह थीम सदस्य देशों के बीच इकोनॉमिक स्टेबिलिटी, इनोवेशन और क्लाइमेट एक्शन को मजबूत करने पर भारत के फोकस को हाईलाइट करती है।
यह थीम इनक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस पर भी जोर देती है, जिसका मकसद ग्लोबल डिसीजन-मेकिंग में डेवलपिंग देशों की भूमिका को बढ़ाना है। भारत की लीडरशिप ग्लोबल साउथ को एम्पावर करने के बड़े विज़न को दिखाती है।
स्टैटिक GK टिप: BRICS देश मिलकर ग्लोबल पॉपुलेशन का लगभग 42% और ग्लोबल GDP का लगभग 23% हिस्सा हैं, जो इसे एक बड़ा इकोनॉमिक ब्लॉक बनाता है।
कोऑपरेशन के मुख्य प्रायोरिटी एरिया
भारत ने शेरपा मीटिंग के दौरान कोऑपरेशन के कई ज़रूरी एरिया बताए। इनमें हेल्थ कोऑपरेशन, क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन, एनर्जी सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन शामिल थे। इकोनॉमिक और फाइनेंशियल कोऑर्डिनेशन एक और बड़ा फोकस था, खासकर ट्रेड पार्टनरशिप को मजबूत करना और पारंपरिक पश्चिमी फाइनेंशियल सिस्टम पर निर्भरता कम करना। चर्चाओं में इनोवेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ICT सहयोग भी शामिल थे।
काउंटर–टेररिज्म और ग्लोबल शांति प्रयासों पर चर्चा के जरिए सिक्योरिटी सहयोग पर जोर दिया गया, जिससे BRICS की बढ़ती जियोपॉलिटिकल अहमियत पर रोशनी पड़ी।
इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट और विस्तार
मीटिंग में हाल ही में हुए विस्तार के बाद BRICS को इंस्टीट्यूशनल रूप से मजबूत करने पर बात हुई। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्यों ने चर्चाओं में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया।
यह विस्तार ग्लोबल गवर्नेंस के लिए एक वैकल्पिक प्लेटफॉर्म के तौर पर BRICS की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। भारत ने कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म को बेहतर बनाने और इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया।
स्टैटिक GK फैक्ट: पहला ऑफिशियल BRICS समिट 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ था, जिससे ग्रुपिंग की फॉर्मल स्थापना हुई।
लोगों पर केंद्रित सहयोग पर फोकस
भारत ने अपनी चेयरपर्सनशिप के दौरान लोगों पर केंद्रित अप्रोच पर जोर दिया। इसमें BRICS एकेडमिक फोरम, बिजनेस काउंसिल, थिंक टैंक काउंसिल, सिविल फोरम और विमेंस बिजनेस अलायंस जैसे प्लेटफॉर्म को मजबूत करना शामिल था। भारत ने यूथ एंगेजमेंट, कल्चरल एक्सचेंज और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में सहयोग पर भी ज़ोर दिया। इन पहलों का मकसद सरकारी लेवल की बातचीत से आगे बढ़कर सहयोग को और गहरा करना है।
इस तरह की कोशिशें ज़मीनी स्तर पर कनेक्शन बढ़ाती हैं और सदस्य देशों के बीच मज़बूत सामाजिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देती हैं।
कल्चरल डिप्लोमेसी और सॉफ्ट पावर
भारत ने नेशनल क्राफ्ट्स म्यूज़ियम और अक्षरधाम मंदिर जैसी ज़रूरी कल्चरल जगहों पर डेलीगेट्स के लिए विज़िट ऑर्गनाइज़ करके कल्चरल डिप्लोमेसी को चेयरशिप प्रोग्राम में शामिल किया।
ये पहल भारत की कल्चरल विरासत को दिखाती हैं और डिप्लोमैटिक गुडविल को मज़बूत करती हैं। सदस्य देशों के बीच भरोसा और सहयोग बढ़ाने में कल्चरल एंगेजमेंट की अहम भूमिका होती है।
स्टैटिक GK टिप: भारत ने पहले 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता की है, जो ग्रुपिंग में इसकी एक्टिव लीडरशिप भूमिका को दिखाता है।
भारत की चेयरशिप का स्ट्रेटेजिक महत्व
भारत की BRICS चेयरशिप 2026 ऐसे समय में हो रही है जब ग्लोबल पावर डायनामिक्स बदल रहे हैं। रेज़िलिएंस, सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन पर फोकस उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मज़बूत करता है।
भारत की लीडरशिप का मकसद इकोनॉमिक ग्रोथ, टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट और इनक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। यह अध्यक्षता वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक नेता के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को मजबूत करती है।
स्टैटिक उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| आयोजन | भारत की अध्यक्षता में 2026 की पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक |
| स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| तिथि | 9–10 फरवरी 2026 |
| अध्यक्ष | सुधाकर दलेला |
| अध्यक्षता का विषय | लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता का निर्माण |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सहयोग |
| विस्तारित सदस्य | मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया |
| प्रथम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन | 2009, येकातेरिनबर्ग, रूस |
| वैश्विक महत्व | विश्व की 42% जनसंख्या और 23% वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व |
| भारत की भूमिका | वैश्विक दक्षिण सहयोग और समावेशी शासन को बढ़ावा देना |





