सितम्बर 16, 2026 6:51 अपराह्न

बैंक हड़ताल में पांच दिन के वर्क वीक की मांग पर ज़ोर

करंट अफेयर्स: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 2026, परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI), पांच दिन का वर्क वीक, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, पेंशन सुधार, पब्लिक सेक्टर बैंक, NPS, पुरानी पेंशन योजना, कर्मचारी कल्याण

Bank Strike Highlights Demands for Five Day Work Week

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 2026

पूरे भारत में पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारियों ने 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने नौकरी और सेवा से जुड़े अनसुलझे मुद्दों के विरोध में यह हड़ताल की। हालांकि सरकार संशोधित परफॉर्मेंसलिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को कुछ समय के लिए रोकने पर सहमत हो गई थी, फिर भी बैंक यूनियनों ने हड़ताल जारी रखी क्योंकि उनकी अन्य मुख्य मांगें पूरी नहीं हुई थीं।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के तहत बैंक कर्मचारी यूनियनों ने किया। इन मुद्दों में काम के घंटे, पेंशन लाभ, कर्मचारी कल्याण और परफॉर्मेंसलिंक्ड इंसेंटिव का ढांचा शामिल है।

संशोधित PLI योजना

वित्तीय सेवा विभाग ने नवंबर 2024 में पब्लिक सेक्टर बैंक कर्मचारियों के लिए 2025-26 के लिए एक संशोधित PLI ढांचा पेश किया। इसमें एक बड़ा बदलाव यह था कि इसमें स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इसके तहत, योग्य अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों के मूल वेतन (बेसिक पे) के बराबर तक इंसेंटिव मिल सकता था।

यूनियनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि इससे बैंकिंग कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा होती है। पिछली व्यवस्था के तहत, PLI को कर्मचारियों के बड़े समूह के लिए 15 दिनों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते से जोड़ा गया था।

स्टैटिक GK तथ्य: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) भारत में बैंकिंग संस्थानों का एक प्रतिनिधि निकाय है और बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों से जुड़ी बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यूनियनों ने PLI का विरोध क्यों किया

यूनियनों का तर्क था कि संशोधित व्यवस्था उस सहमति से अलग थी जो 2020 में बैंक यूनियनों और IBA के बीच बनी थी। उस व्यवस्था में इंसेंटिव को अलग-अलग बैंकों के कुल प्रदर्शन से जोड़ा गया था और कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए एक समान ढांचा बनाने की योजना थी।

नई प्रणाली में वरिष्ठ अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर अधिक ज़ोर दिया गया। यह हड़ताल जारी रखने के मुख्य कारणों में से एक बन गया।

पांच दिन के वर्क वीक की मांग

पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग सबसे महत्वपूर्ण अनसुलझे मुद्दों में से एक बनी हुई है। 2024 में, कर्मचारियों ने दैनिक काम के समय को लगभग 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था ताकि साप्ताहिक काम के घंटे मोटे तौर पर वही रहें। इस प्रस्ताव को सरकार से अभी तक अंतिम मंज़ूरी नहीं मिली है। UFBU के अनुसार, इस मुद्दे पर कोई प्रगति न होने के कारण PLI प्रस्ताव को रोके जाने के बाद भी हड़ताल जारी रखना सही था।

पेंशन और कल्याण से जुड़े मुद्दे

बैंक कर्मचारियों ने पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फ़ॉर्मूला लागू करने की भी मांग की है। एक और अहम मांग यह है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प दिया जाए।

अन्य मांगों में एक्सग्रेशिया (अनुग्रह राशि) भुगतान में संशोधन और रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधाएँ शामिल हैं।

स्टैटिक GK टिप: NPS एक डिफ़ाइंडकंट्रीब्यूशनपेंशन सिस्टम है, जबकि पारंपरिक OPS में पेंशन का फ़ायदा कर्मचारी के योगदान से बने फंड के बजाय सरकार के तय सेवा नियमों के आधार पर मिलता है।

सरकार की प्रतिक्रिया और बैंकिंग पर असर

8 सितंबर को बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारियों से मुलाक़ात की। इसके बाद सरकार ने घोषणा की कि संशोधित PLI योजना पर आगे की बातचीत के लिए इसे अभी रोक दिया जाएगा।

हालांकि, पाँच दिन के वर्कवीक और अन्य मांगों पर कोई प्रगति न होने के कारण हड़ताल जारी रही। इससे ब्रांच के कामकाज, जैसे कैश जमा करना, पैसे निकालना, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा, खासकर सरकारी बैंकों में।

वीकेंड और छुट्टियों की वजह से यह रुकावट और बढ़ गई, जिससे फ़िज़िकल ब्रांच पर निर्भर ग्राहकों पर असर और ज़्यादा हुआ।

आगे की राह

बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे और कड़े कदम उठाएंगे। उन्होंने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

इसलिए, यह विवाद सिर्फ़ PLI योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के बैंकिंग सेक्टर में काम करने की स्थितियों, पेंशन सुरक्षा और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी व्यापक चिंताओं को भी दिखाता है।

स्थैतिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स तालिका

तथ्य विवरण
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 11 सितंबर, 2026 को देशव्यापी हड़ताल
प्रमुख संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स’ एसोसिएशन (IBA)
संशोधित PLI नवंबर 2024 में वित्तीय सेवा विभाग द्वारा पेश
PLI का दायरा संशोधित ढाँचे के तहत स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी
अधिकतम PLI प्रदर्शन के आधार पर मूल वेतन के अधिकतम 365 दिनों के बराबर
पाँच-दिवसीय कार्य सप्ताह बैंक कर्मचारियों की प्रमुख अनसुलझी मांग
पेंशन संबंधी मांग समान DA फार्मूला और NPS से OPS का विकल्प
सरकार की प्रतिक्रिया आगे की चर्चा के लिए संशोधित PLI योजना को रोक दिया गया
आगे की हड़ताल 28–30 सितंबर, 2026 के लिए प्रस्तावित
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी 26 अक्टूबर, 2026 से
प्रमुख प्रभाव नकदी, चेक, शाखा और अन्य भौतिक बैंकिंग सेवाएँ

 

Bank Strike Highlights Demands for Five Day Work Week
  1. पूरे भारत में पब्लिक सेक्टर के बैंक कर्मचारियों ने नौकरी और रोज़गार से जुड़ी अनसुलझी मांगों को लेकर 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल की।
  2. यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस‘ (UFBU) के तहत आयोजित की गई थी, जो बैंक कर्मचारियों के विभिन्न यूनियनों का प्रतिनिधित्व करता है।
  3. इस विरोध प्रदर्शन का एक मुख्य कारण पब्लिक सेक्टर के बैंक कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया नया परफॉर्मेंसलिंक्ड इंसेंटिव‘ (PLI) फ़्रेमवर्क था।
  4. डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने नवंबर 2024 में 2025-26 की अवधि के लिए नया PLI फ़्रेमवर्क पेश किया था।
  5. नई व्यवस्था के तहत, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी परफॉर्मेंस के आधार पर 365 दिनों के बेसिक पे (मूल वेतन) तक का इंसेंटिव पा सकते थे।
  6. बैंक यूनियनों ने नए PLI स्ट्रक्चर का विरोध किया और तर्क दिया कि इससे बैंक कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा होती है।
  7. पहले की इंसेंटिव व्यवस्था कर्मचारियों के एक बड़े समूह के लिए 15 दिनों के बेसिक पे और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ी थी।
  8. यूनियनों का कहना था कि नया PLI मैकेनिज़्म 2020 मेंइंडियन बैंक्स एसोसिएशन‘ (IBA) के साथ हुई सहमति से अलग था।
  9. पांच दिन का बैंकिंग वीक बैंक कर्मचारियों की प्रमुख अनसुलझी मांगों में से एक बना हुआ है।
  10. 2024 में, कर्मचारियों ने पांच दिन के वीक के तहत साप्ताहिक काम के घंटों को लगभग वैसा ही बनाए रखने के लिए रोज़ाना काम के समय को लगभग 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।
  11. एक और बड़ी मांग बैंक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते का एक समान फ़ॉर्मूला है।
  12. नेशनल पेंशन सिस्टम‘ (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन स्कीम‘ (OPS) में जाने का विकल्प भी मांगा है।
  13. अन्य मांगों में रिटायर हो चुके बैंक कर्मचारियों के लिए एक्सग्रेशिया‘ (अनुग्रह राशि) भुगतान में बदलाव और बेहतर मेडिकल सुविधाएं शामिल हैं।
  14. 8 सितंबर 2026 को, बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज़ के अधिकारियों से मुलाकात की।
  15. बातचीत के बाद, सरकार ने घोषणा की कि नए PLI स्कीम को आगे के विचार के लिए रोक दिया जाएगा
  16. PLI स्कीम को रोके जाने के बावजूद हड़ताल जारी रही क्योंकि पांच दिन के वीक, पेंशन और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी मांगें अनसुलझी रहीं।
  17. हड़ताल का असर बैंकिंग के कामकाज, जैसे कैश जमा करना, पैसे निकालना, चेक क्लियरेंस और एडमिनिस्ट्रेटिव सेवाओं पर पड़ा, खासकर सरकारी बैंकों में।
  18. अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो UFBU ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक एक और देशव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा।
  19. बैंक यूनियनों ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी, जिससे लंबे समय तक औद्योगिक विरोध की संभावना बनी।
  20. परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल – 11 सितंबर 2026; मुख्य यूनियन फोरम – UFBU; संशोधित PLI – नवंबर 2024; दायरास्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी; अधिकतम PLI – 365 दिनों का बेसिक वेतन; मुख्य मांगपांच दिन का कार्य सप्ताह; पेंशन की मांग – NPS से OPS का विकल्प और एक समान DA; PLI – रोक दिया गया; अगली हड़ताल – 28–30 सितंबर 2026; अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी – 26 अक्टूबर 2026

Q1. 2026 में देशव्यापी बैंक कर्मचारी हड़ताल कब आयोजित की गई?


Q2. 2026 में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का नेतृत्व किस संगठन ने किया?


Q3. संशोधित PLI ढांचे के तहत बैंक अधिकारियों की किस श्रेणी को विशेष रूप से शामिल किया गया था?


Q4. संशोधित ढांचे के तहत पात्र अधिकारियों को अधिकतम कितना प्रदर्शन-संबद्ध प्रोत्साहन मिल सकता था?


Q5. यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो बैंक यूनियनों ने तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल कब प्रस्तावित की है?


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