बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 2026
पूरे भारत में पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारियों ने 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने नौकरी और सेवा से जुड़े अनसुलझे मुद्दों के विरोध में यह हड़ताल की। हालांकि सरकार संशोधित परफॉर्मेंस–लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को कुछ समय के लिए रोकने पर सहमत हो गई थी, फिर भी बैंक यूनियनों ने हड़ताल जारी रखी क्योंकि उनकी अन्य मुख्य मांगें पूरी नहीं हुई थीं।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के तहत बैंक कर्मचारी यूनियनों ने किया। इन मुद्दों में काम के घंटे, पेंशन लाभ, कर्मचारी कल्याण और परफॉर्मेंस–लिंक्ड इंसेंटिव का ढांचा शामिल है।
संशोधित PLI योजना
वित्तीय सेवा विभाग ने नवंबर 2024 में पब्लिक सेक्टर बैंक कर्मचारियों के लिए 2025-26 के लिए एक संशोधित PLI ढांचा पेश किया। इसमें एक बड़ा बदलाव यह था कि इसमें स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इसके तहत, योग्य अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों के मूल वेतन (बेसिक पे) के बराबर तक इंसेंटिव मिल सकता था।
यूनियनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि इससे बैंकिंग कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा होती है। पिछली व्यवस्था के तहत, PLI को कर्मचारियों के बड़े समूह के लिए 15 दिनों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते से जोड़ा गया था।
स्टैटिक GK तथ्य: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) भारत में बैंकिंग संस्थानों का एक प्रतिनिधि निकाय है और बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों से जुड़ी बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यूनियनों ने PLI का विरोध क्यों किया
यूनियनों का तर्क था कि संशोधित व्यवस्था उस सहमति से अलग थी जो 2020 में बैंक यूनियनों और IBA के बीच बनी थी। उस व्यवस्था में इंसेंटिव को अलग-अलग बैंकों के कुल प्रदर्शन से जोड़ा गया था और कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए एक समान ढांचा बनाने की योजना थी।
नई प्रणाली में वरिष्ठ अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर अधिक ज़ोर दिया गया। यह हड़ताल जारी रखने के मुख्य कारणों में से एक बन गया।
पांच दिन के वर्क वीक की मांग
पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग सबसे महत्वपूर्ण अनसुलझे मुद्दों में से एक बनी हुई है। 2024 में, कर्मचारियों ने दैनिक काम के समय को लगभग 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था ताकि साप्ताहिक काम के घंटे मोटे तौर पर वही रहें। इस प्रस्ताव को सरकार से अभी तक अंतिम मंज़ूरी नहीं मिली है। UFBU के अनुसार, इस मुद्दे पर कोई प्रगति न होने के कारण PLI प्रस्ताव को रोके जाने के बाद भी हड़ताल जारी रखना सही था।
पेंशन और कल्याण से जुड़े मुद्दे
बैंक कर्मचारियों ने पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फ़ॉर्मूला लागू करने की भी मांग की है। एक और अहम मांग यह है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प दिया जाए।
अन्य मांगों में एक्स–ग्रेशिया (अनुग्रह राशि) भुगतान में संशोधन और रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधाएँ शामिल हैं।
स्टैटिक GK टिप: NPS एक ‘डिफ़ाइंड–कंट्रीब्यूशन‘ पेंशन सिस्टम है, जबकि पारंपरिक OPS में पेंशन का फ़ायदा कर्मचारी के योगदान से बने फंड के बजाय सरकार के तय सेवा नियमों के आधार पर मिलता है।
सरकार की प्रतिक्रिया और बैंकिंग पर असर
8 सितंबर को बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारियों से मुलाक़ात की। इसके बाद सरकार ने घोषणा की कि संशोधित PLI योजना पर आगे की बातचीत के लिए इसे अभी रोक दिया जाएगा।
हालांकि, पाँच दिन के वर्क–वीक और अन्य मांगों पर कोई प्रगति न होने के कारण हड़ताल जारी रही। इससे ब्रांच के कामकाज, जैसे कैश जमा करना, पैसे निकालना, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा, खासकर सरकारी बैंकों में।
वीकेंड और छुट्टियों की वजह से यह रुकावट और बढ़ गई, जिससे फ़िज़िकल ब्रांच पर निर्भर ग्राहकों पर असर और ज़्यादा हुआ।
आगे की राह
बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे और कड़े कदम उठाएंगे। उन्होंने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव रखा है और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।
इसलिए, यह विवाद सिर्फ़ PLI योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के बैंकिंग सेक्टर में काम करने की स्थितियों, पेंशन सुरक्षा और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी व्यापक चिंताओं को भी दिखाता है।
स्थैतिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स तालिका
| तथ्य | विवरण |
| बैंक कर्मचारियों की हड़ताल | 11 सितंबर, 2026 को देशव्यापी हड़ताल |
| प्रमुख संगठन | यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स’ एसोसिएशन (IBA) |
| संशोधित PLI | नवंबर 2024 में वित्तीय सेवा विभाग द्वारा पेश |
| PLI का दायरा | संशोधित ढाँचे के तहत स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी |
| अधिकतम PLI | प्रदर्शन के आधार पर मूल वेतन के अधिकतम 365 दिनों के बराबर |
| पाँच-दिवसीय कार्य सप्ताह | बैंक कर्मचारियों की प्रमुख अनसुलझी मांग |
| पेंशन संबंधी मांग | समान DA फार्मूला और NPS से OPS का विकल्प |
| सरकार की प्रतिक्रिया | आगे की चर्चा के लिए संशोधित PLI योजना को रोक दिया गया |
| आगे की हड़ताल | 28–30 सितंबर, 2026 के लिए प्रस्तावित |
| अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी | 26 अक्टूबर, 2026 से |
| प्रमुख प्रभाव | नकदी, चेक, शाखा और अन्य भौतिक बैंकिंग सेवाएँ |





