प्रमुख योजनाओं की शुरुआत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई में कई कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य आर्थिक विकास, शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
इनमें से एक मुख्य आकर्षण ‘तमिलनाडु महिला उद्यमी सशक्तिकरण योजना‘ (TWEES) है। इसका लक्ष्य MSME विभाग के सहयोग से पाँच वर्षों के भीतर 1 लाख महिला उद्यमी तैयार करना है।
स्टेटिक GK तथ्य: MSME क्षेत्र भारत की GDP में लगभग 30% का योगदान देता है और रोज़गार सृजन में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।
शहरी विकास योजनाएँ
सरकार ने ‘तिरुचिरापल्ली मास्टर प्लान 2045′ और ‘तूतीकोरिन मास्टर प्लान 2045′ जारी किए। इन योजनाओं का उद्देश्य सतत शहरी विस्तार, बुनियादी ढाँचे के विकास और संसाधन प्रबंधन को दिशा देना है।
इस तरह के दीर्घकालिक मास्टर प्लान भूमि उपयोग, परिवहन नेटवर्क और आवास विकास को विनियमित करने में मदद करते हैं। ये तमिलनाडु में तेज़ी से हो रहे शहरीकरण के प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
स्टेटिक GK टिप: तिरुचिरापल्ली शहर कावेरी नदी के तट पर स्थित है, जो दक्षिण भारत की प्रमुख नदियों में से एक है।
संरक्षण की पहलें
तमिलनाडु भर में तीन प्रमुख संरक्षण केंद्रों की आधारशिला रखी गई। इनमें पिचावरम में ‘मैंग्रोव संरक्षण केंद्र‘, मरक्कनम में ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी पक्षी केंद्र‘ और कोयंबटूर में ‘नीलगिरि तहर संरक्षण केंद्र‘ शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य जैव विविधता और लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करना है। ये इको–टूरिज़्म (पर्यावरण–पर्यटन) और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।
स्टेटिक GK तथ्य: नीलगिरि तहर तमिलनाडु का राजकीय पशु है और यह पश्चिमी घाट क्षेत्र में ही पाया जाता है।
बुनियादी ढाँचे का विकास
सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की शुरुआत की। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाने के लिए ₹167 करोड़ की चिकित्सा सुविधाएँ शुरू की गईं।
₹78 करोड़ की लागत से 60,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण (वेयरहाउसिंग) केंद्र स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त, तटीय क्षेत्रों में आजीविका को सहारा देने के लिए ₹100 करोड़ की मत्स्य पालन बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ भी शुरू की गईं।
Static GK टिप: तमिलनाडु की तटरेखा भारत की सबसे लंबी तटरेखाओं में से एक है, जो मछली पकड़ने वाले एक बड़े समुदाय को सहारा देती है।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहलें
डॉ. ए.जे.टी. जॉनसिंह वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार, दिवंगत पशु चिकित्सक वैद्यनाथन कृष्णमूर्ति के बेटे को दिया गया। यह पुरस्कार वन्यजीव संरक्षण में दिए गए योगदान को मान्यता देता है।
सरकार ने पेरियारवादी वी. अनाइमुथु और लेखक इरोड तमिलनबन की रचनाओं का भी राष्ट्रीयकरण कर दिया। उनकी रॉयल्टी उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दी गई।
इसके अलावा, 500 दुर्लभ आध्यात्मिक पुस्तकें और बी.आर. अंबेडकर की 73 रचनाओं के तमिल अनुवाद जारी किए गए। यह ज्ञान की सुलभता और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देता है।
Static GK तथ्य: बी.आर. अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता थे, जिसे 1950 में अपनाया गया था।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | तमिलनाडु महिला उद्यमी सशक्तिकरण योजना |
| लक्ष्य | पाँच वर्षों में 1 लाख महिला उद्यमी |
| प्रमुख योजनाएँ | तिरुचिरापल्ली और तूतीकोरिन मास्टर प्लान 2045 |
| संरक्षण केंद्र | पिचावरम, मरक्कानम, कोयंबटूर |
| चिकित्सा अवसंरचना | ₹167 करोड़ की परियोजनाएँ शुरू की गईं |
| वेयरहाउसिंग क्षमता | 60,000 मीट्रिक टन |
| मत्स्य निवेश | ₹100 करोड़ |
| पुरस्कार | डॉ. ए. जे. टी. जॉनसिंह वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार |
| सांस्कृतिक पहल | साहित्यिक कृतियों का राष्ट्रीयकरण |
| पुस्तक विमोचन | 500 आध्यात्मिक पुस्तकें और अंबेडकर के अनुवाद |





