FATF ने डिजिटल हवाला के बढ़ते चलन पर चिंता जताई
पारंपरिक हवाला सिस्टम, जो सदियों से आम बैंकिंग चैनलों से अलग काम करता रहा है, अब तेज़ी से डिजिटल टेक्नोलॉजी अपना रहा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने अपनी रिपोर्ट “प्रोफेशनल मनी लॉन्ड्रिंग, अंडरग्राउंड बैंकिंग और हवाला व अन्य समान सर्विस प्रोवाइडर्स के इस्तेमाल की जांच” में इस बदलाव को उजागर किया है।
यह रिपोर्ट हवाला नेटवर्क, वर्चुअल एसेट्स, फिनटेक प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मेल को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ वैश्विक प्रयासों के लिए एक उभरती हुई चुनौती बताती है।
सर्वे में शामिल लगभग 90% क्षेत्रों ने हवाला नेटवर्क की मौजूदगी की बात कही, जबकि लगभग 70% ने इन नेटवर्क में नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को देखा।
पारंपरिक हवाला से डिजिटल हवाला तक
हवाला एक अनौपचारिक वैल्यू–ट्रांसफर सिस्टम है जिसमें फंड या उसके बराबर की वैल्यू को पारंपरिक बैंकिंग चैनलों पर निर्भर हुए बिना सीमाओं के पार भेजा जा सकता है। यह पारंपरिक रूप से भरोसेमंद ब्रोकरों, पर्सनल नेटवर्क और कैश, ट्रेड या अन्य लेन-देन के ज़रिए सेटलमेंट पर निर्भर करता है।
स्टैटिक GK फैक्ट: डिजिटल हवाला ज़रूरी नहीं कि पारंपरिक हवाला को खत्म कर दे। इसके बजाय, टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन, तालमेल और फाइनेंशियल मूवमेंट को तेज़ और पता लगाने में मुश्किल बनाकर मौजूदा अनौपचारिक सेटलमेंट व्यवस्थाओं को मज़बूत कर सकती है।
FATF मुख्य रूप से डिजिटल हवाला के छह रूपों की पहचान करता है:
- डिजिटल कोऑर्डिनेशन: एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल रिकॉर्ड लेन-देन में तालमेल बिठाने में मदद करते हैं, जबकि सेटलमेंट कैश या ट्रेड के ज़रिए होता है।
- डिजिटल कस्टमर इंटरफेस: मोबाइल वॉलेट और फिनटेक एप्लिकेशन ग्राहकों को सर्विस देते हैं, जबकि ऑपरेटर पारंपरिक तरीकों से बैलेंस का सेटलमेंट कर सकते हैं।
- वर्चुअल–एसेट सेटलमेंट: स्टेबलकॉइन्स और अन्य वर्चुअल एसेट्स का इस्तेमाल पार्टिसिपेंट्स के बीच सीधे सेटलमेंट के लिए किया जा सकता है।
- फॉर्मल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: पेमेंट प्रोवाइडर्स, फिनटेक सिस्टम और वर्चुअल IBAN अनौपचारिक फंड-ट्रांसफर व्यवस्थाओं का हिस्सा बन सकते हैं।
- AI-इनेबल्ड ऑपरेशन्स: AI लेन-देन की संरचना, म्यूल अकाउंट्स के ज़रिए रूटिंग और फिएट करेंसी व क्रिप्टोकरेंसी के बीच तेज़ी से कन्वर्ज़न में मदद कर सकता है।
- इंटीग्रेटेड हवाला इकोसिस्टम: मैसेजिंग सर्विस, क्लाउड स्टोरेज, सोशल मीडिया, वर्चुअल-एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स, लेंडिंग एप्लिकेशन और गेमिंग प्लेटफॉर्म आपस में जुड़े हो सकते हैं।
डिजिटलाइज़ेशन से जोखिम क्यों बढ़ता है
टेक्नोलॉजी पारंपरिक हवाला सिस्टम की जगह लेने के बजाय एक उत्प्रेरक (तेज़ी लाने वाली चीज़) के तौर पर काम कर रही है। कलेक्शन और एग्जिट पॉइंट पर कैश अभी भी महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि डिजिटल टूल ट्रांज़ैक्शन चेन के बीच में काम करते हैं।
डिजिटलाइज़ेशन अंडरग्राउंड फाइनेंशियल नेटवर्क को ऐसा बना सकता है:
- तेज़ और भौगोलिक रूप से ज़्यादा फैला हुआ
- पहचानने और ट्रैक करने में ज़्यादा मुश्किल
- पारंपरिक प्रवर्तन उपायों का सामना करने में ज़्यादा सक्षम
- आमने–सामने के रिश्तों पर कम निर्भर
- अनौपचारिक फाइनेंस को औपचारिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने में सक्षम
इससे मनी लॉन्ड्रिंग और टेररिस्ट फाइनेंसिंग (AML/CFT) को रोकने में एक बड़ी चुनौती पैदा होती है क्योंकि वैध टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल गैर-कानूनी वित्तीय गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।
तुर्की का मामला टेरर–फाइनेंसिंग के जोखिमों को दिखाता है
तुर्की एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे डिजिटल हवाला टेररिस्ट फाइनेंसिंग से जुड़ सकता है।
2023 में, ISIL के एक प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाकर की गई छापेमारी में कथित तौर पर लगभग $57,250 कैश मिला, और उसके बाद $554,000 और मिले, साथ ही हवाला रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांसफर रसीदें भी मिलीं।
एक ज्वेलरी का कारोबार और दो मोबाइल-फोन की दुकानें कथित तौर पर फ्रंट (मुखौटा) के तौर पर काम कर रही थीं, जबकि ट्रांज़ैक्शन को चैरिटेबल डोनेशन के तौर पर दिखाया जा रहा था। नेटवर्क में कथित तौर पर वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर (VASP), ओवर–द–काउंटर ब्रोकर, म्यूल अकाउंट, ज्वैलर, कीमती धातु के डीलर और डिजिटल ट्रांसफर सिस्टम शामिल थे।
स्टैटिक GK टिप: यह मामला दिखाता है कि टेररिस्ट–फाइनेंसिंग नेटवर्क वर्चुअल एसेट, वैध दिखने वाले कारोबार और अनौपचारिक सेटलमेंट सिस्टम को मिला सकते हैं, जिससे वित्तीय जांच काफी जटिल हो जाती है।
अंडरग्राउंड बैंकिंग प्रोफेशनल हो रही है
FATF ने यह भी देखा है कि अंडरग्राउंड बैंकिंग तेज़ी से प्रोफेशनल और कारोबार-केंद्रित होती जा रही है।
नेटवर्क ये चीज़ें विकसित कर रहे हैं:
- पदानुक्रमित संगठनात्मक संरचनाएं
- औपचारिक प्रबंधन प्रणालियां
- डिजिटाइज़्ड वित्तीय रिकॉर्ड
- अंतर्राष्ट्रीय ब्रोकर नेटवर्क
- विशेष लॉजिस्टिकल व्यवस्थाएं
वकील, अकाउंटेंट, ऑडिटर, नोटरी और रियल-एस्टेट एजेंट जैसे प्रोफेशनल भी लॉन्ड्रिंग चेन में शामिल हो सकते हैं।
नीदरलैंड के ऑपरेशन क्लेवर ने एक अंडरग्राउंड बैंकिंग नेटवर्क का पता लगाया, जिसने कथित तौर पर आठ महीनों में लगभग €500 मिलियन की आपराधिक कमाई को प्रोसेस किया। ऑपरेशन में कूरियर, गिनती करने वाले गोदाम, कोडित लेजर और अंतर्राष्ट्रीय ब्रोकर शामिल थे।
प्रमुख जांच चुनौतियां
अधिकारियों को अंडरग्राउंड बैंकिंग से निपटने में कई तरह की संरचनात्मक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
पहला, अंडरग्राउंड बैंकिंग के कुल पैमाने के बारे में भरोसेमंद डेटा सीमित है। दूसरा, अलग-अलग इलाकों में “हवाला“ शब्द का इस्तेमाल अलग-अलग तरह से किया जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना करना मुश्किल हो जाता है।
अन्य चुनौतियों में शामिल हैं:
- सीमा–पार जानकारी साझा करने की सीमित सुविधा
- वर्चुअल एसेट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का बढ़ता इस्तेमाल
- बंटे हुए प्रवर्तन तंत्र (enforcement mechanisms)
- एक्सेस–कंट्रोल्ड डिजिटल सिस्टम
- इसमें शामिल लोगों और उनके संबंधों की पहचान करने में कठिनाई
डिजिटलीकरण ने पारंपरिक जांच के तरीकों को कमजोर कर दिया है, जो मुख्य रूप से फिजिकल कैश और व्यक्तिगत संबंधों पर निर्भर थे।
AML/CFT नीति का विरोधाभास
FATF एक महत्वपूर्ण नीतिगत दुविधा की ओर इशारा करता है। बहुत ज़्यादा सख्त AML/CFT प्रवर्तन और बैंकों द्वारा जोखिम कम करने (de-risking) के उपायों से कभी-कभी वैध ग्राहक विनियमित वित्तीय संस्थानों से दूर हो सकते हैं।
जब औपचारिक वित्तीय माध्यमों तक पहुंच मुश्किल हो जाती है, तो कुछ ग्राहक अनौपचारिक विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे अंडरग्राउंड वित्तीय नेटवर्क और मजबूत हो सकते हैं।
इसलिए, प्रवर्तन रणनीतियों में मजबूत वित्तीय नियंत्रण और विनियमित वित्तीय सेवाओं तक उचित पहुंच का मेल होना चाहिए।
FATF का आगे का रास्ता
FATF वित्तीय जांच में तकनीक के अधिक इस्तेमाल की सिफारिश करता है। वित्तीय खुफिया इकाइयां (Financial Intelligence Units) संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की पहचान करने के लिए ब्लॉकचेन एनालिटिक्स, डिजिटल फोरेंसिक और अन्य तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती हैं।
उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया की वित्तीय खुफिया इकाई ब्लॉकचेन एनालिटिक्स का इस्तेमाल उन वर्चुअल-एसेट लेनदेन की जांच के लिए करती है, जहां बिना लाइसेंस वाली ट्रांसफर सेवाएं क्रिप्टोकरेंसी गतिविधियों से जुड़ी होती हैं।
एक व्यापक प्रतिक्रिया में ये चीजें शामिल होनी चाहिए:
- जोखिम–आधारित AML/CFT विनियमन
- वित्तीय खुफिया इकाई की मजबूत क्षमताएं
- ब्लॉकचेन–विश्लेषण में विशेषज्ञता
- डिजिटल–फोरेंसिक क्षमता
- बेहतर सीमा–पार खुफिया जानकारी साझा करना
- VASP का प्रभावी विनियमन
- बेहतर डेटा संग्रह
- विनियमित वित्तीय माध्यमों तक व्यापक पहुंच
- उचित और लक्षित जोखिम–न्यूनीकरण (de-risking)
महत्व
डिजिटल हवाला का उदय यह दिखाता है कि कैसे वित्तीय नवाचार वैध लाभ और अवैध वित्त के नए रास्ते, दोनों पैदा कर सकता है। इसलिए सरकारों के लिए चुनौती सिर्फ तकनीक पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि अनौपचारिक वित्त, फिनटेक, क्रिप्टो–एसेट्स और डिजिटल संचार कैसे आपस में जुड़ रहे हैं।
भारत और अन्य क्षेत्रों के लिए, मनी–लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी–वित्तपोषण के बदलते परिदृश्य से निपटने में मजबूत वित्तीय खुफिया जानकारी, विनियमित डिजिटल-एसेट इकोसिस्टम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीक–आधारित जांच महत्वपूर्ण होंगे।
स्थैतिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स तालिका
| तथ्य | विवरण |
| रिपोर्ट | पेशेवर मनी लॉन्ड्रिंग, भूमिगत बैंकिंग और हवाला पर FATF रिपोर्ट |
| डिजिटल हवाला | अनौपचारिक मूल्य-हस्तांतरण नेटवर्क का प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास |
| पारंपरिक हवाला | विश्वास, बिचौलियों और निपटान पर आधारित अनौपचारिक सीमा-पार मूल्य हस्तांतरण |
| हवाला की रिपोर्ट करने वाले क्षेत्राधिकार | लगभग 90% |
| प्रौद्योगिकी के उपयोग को देखने वाले क्षेत्राधिकार | लगभग 70% |
| प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ | एन्क्रिप्टेड संचार, फिनटेक, वर्चुअल एसेट्स, AI और डिजिटल अवसंरचना |
| डिजिटल समन्वय | पारंपरिक निपटान के साथ डिजिटल संचार का संयोजन |
| वर्चुअल-एसेट निपटान | स्टेबलकॉइन और अन्य वर्चुअल एसेट्स का उपयोग |
| AI की भूमिका | लेनदेन संरचना, रूटिंग और तेज़ फिएट-क्रिप्टो रूपांतरण |
| AML/CFT | धन शोधन निवारण और आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला |
| तुर्किये मामला | 2023 की जाँच, जिसमें हवाला, डिजिटल ट्रांसफर और वर्चुअल एसेट्स शामिल थे |
| तुर्किये मामले में बरामद नकदी | प्रारंभ में लगभग $57,250 और बाद में अतिरिक्त $554,000 |
| ऑपरेशन क्लेवर | नीदरलैंड की कार्रवाई, जिसमें लगभग €500 मिलियन की आपराधिक आय शामिल थी |
| पेशेवर मध्यस्थ | वकील, लेखाकार, लेखा परीक्षक, नोटरी और रियल एस्टेट एजेंट |
| प्रमुख चुनौती | सीमा-पार सूचना साझाकरण और बिखरा हुआ प्रवर्तन |
| नीतिगत जोखिम | अत्यधिक डी-रिस्किंग वैध उपयोगकर्ताओं को अनौपचारिक माध्यमों की ओर धकेल सकता है |
| जाँच के लिए प्रौद्योगिकी | ब्लॉकचेन एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक |
| प्रमुख नियामक दृष्टिकोण | जोखिम-आधारित AML/CFT नियंत्रण |
| महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थाएँ | वित्तीय खुफिया इकाइयाँ और VASPs |
| समग्र महत्व | अनौपचारिक वित्त, फिनटेक और वर्चुअल एसेट्स का अभिसरण अवैध वित्त के नए जोखिम पैदा करता है |





