‘विकसित भारत’ के लिए नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक “विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास“ थीम पर आधारित थी और इसमें सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ पांच केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया।
बैठक में 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को तेज करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
स्टैटिक GK फैक्ट: नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह पर की गई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह भारत सरकार के प्रमुख पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक के रूप में काम करता है।
सहकारी संघवाद पर फोकस
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि ‘विकसित भारत‘ का विजन केवल सहकारी संघवाद के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है, जिसमें हर राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव राष्ट्रीय विकास में योगदान दे।
उन्होंने राज्यों को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस (दुनिया भर में अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों) को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी, गवर्नेंस में सुधार और पब्लिक सर्विस डिलीवरी के क्षेत्रों में। समावेशी विकास के मुख्य कारक के रूप में केंद्र–राज्य के मजबूत सहयोग पर प्रकाश डाला गया।
स्टैटिक GK टिप: गवर्निंग काउंसिल नीति आयोग की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था है और इसमें प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और अन्य नामित सदस्य शामिल होते हैं।
डेमोग्राफिक डिविडेंड और ह्यूमन कैपिटल
बैठक का एक मुख्य फोकस भारत का डेमोग्राफिक एडवांटेज (जनसांख्यिकीय लाभ) था। प्रधानमंत्री ने बताया कि लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 साल से कम उम्र के हैं, जिससे युवा देश की सबसे बड़ी ताकत बन गए हैं।
राज्यों से अच्छी शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, क्षमता निर्माण और भविष्य के लिए तैयार रोजगार के अवसरों में निवेश करने का आग्रह किया गया। उम्मीद है कि इन उपायों से भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड लंबे समय के विकास के लाभ में बदल जाएगा।
व्यापार, निवेश और उभरती हुई तकनीकें
बैठक में भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) से पैदा हुए मौकों पर ज़ोर दिया गया। राज्यों को विदेशी निवेश आकर्षित करने, निर्यात–केंद्रित उद्योगों को बढ़ावा देने और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, रक्षा विनिर्माण और उन्नत तकनीकों को भविष्य की आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन बताया। राज्यों को सलाह दी गई कि वे उभरती तकनीकी ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम कुशल कार्यबल तैयार करें।
स्टैटिक GK तथ्य: भारत का लक्ष्य 2047 तक, यानी आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर, ‘विकसित भारत‘ के राष्ट्रीय विज़न के तहत एक विकसित राष्ट्र बनना है।
ODOP और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को मज़बूत करना
प्रधानमंत्री ने अनोखे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और निर्यात बढ़ाने के लिए ‘एक ज़िला एक उत्पाद‘ (ODOP) पहल को बड़े पैमाने पर लागू करने का आह्वान किया।
उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और राज्यों से ‘लखपति दीदियों‘ की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का आग्रह किया, साथ ही महिलाओं की आर्थिक भागीदारी के लिए सुरक्षित और सहायक माहौल सुनिश्चित करने को कहा।
सामाजिक चुनौतियों का समाधान
बैठक में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों जैसी उभरती चुनौतियों पर भी ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने इन मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निवारक शासन, जन–जागरूकता अभियानों और मज़बूत संस्थागत तंत्रों पर ज़ोर दिया।
इन चर्चाओं में आर्थिक विकास को सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल लचीलेपन और समावेशी शासन के साथ जोड़ने के सरकार के व्यापक दृष्टिकोण की झलक मिली।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| बैठक | नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक |
| तिथि | 11 जून 2026 |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| विषय | विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास |
| आयोजन स्थल | राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली |
| प्रमुख केंद्रबिंदु | सहकारी संघवाद और समावेशी विकास |
| प्रमुख प्राथमिकताएँ | कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, रक्षा विनिर्माण और कौशल विकास |
| महिला-केंद्रित पहल | लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करना |
| महत्वपूर्ण कार्यक्रम | एक जिला एक उत्पाद (ODOP) |
| स्थैतिक सामान्य ज्ञान | नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। |





