जम्मू में भारत के 7वें क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 5 जून 2026 को जम्मू में भारत के सातवें क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन किया। यह नया केंद्र क्षेत्र-विशिष्ट पूर्वानुमान और पूर्व-चेतावनी प्रणालियाँ प्रदान करके जम्मू–कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के लिए मौसम के पूर्वानुमान, आपदा की तैयारी और जलवायु सेवाओं को मजबूत करेगा।
मुख्य बातें
- जम्मू में भारत के 7वें क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन।
• केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा उद्घाटन।
• 5 जून 2026 से काम करना शुरू।
• जम्मू–कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के लिए सेवाएँ।
• ज़िला–स्तर पर मौसम के पूर्वानुमान और आपदा की पूर्व–चेतावनी सेवाओं को बेहतर बनाता है।
• भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तहत काम करता है।
सेवा क्षेत्र
जम्मू RMC इन क्षेत्रों को मौसम संबंधी सेवाएँ देगा:
- जम्मू–कश्मीर
• लद्दाख
• हिमाचल प्रदेश
हिमालय के इन क्षेत्रों में अक्सर ये घटनाएँ होती हैं:
- भारी बर्फबारी
• हिमस्खलन (Avalanches)
• अचानक बाढ़ (Flash floods)
• बादल फटना (Cloudbursts)
• भूस्खलन (Landslides)
• तूफान (Thunderstorms)
दी जाने वाली सेवाएँ
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ये सेवाएँ देगा:
- ज़िले के स्तर पर मौसम का पूर्वानुमान
• पहाड़ी इलाकों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
• शहर–विशेष के लिए मौसम का पूर्वानुमान
• पर्यटकों के लिए मौसम संबंधी सलाह
• अचानक बाढ़ की चेतावनी
• हिमस्खलन की चेतावनी
• बादल फटने की चेतावनी
• भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान
• तूफान की चेतावनी
• भूस्खलन की चेतावनी
मुख्य लाभार्थी
इस केंद्र से इन्हें फ़ायदा होगा:
- अमरनाथ और वैष्णो देवी जाने वाले तीर्थयात्री
• कृषि–मौसम संबंधी सलाह के ज़रिए किसान
• आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ
• जलविद्युत परियोजनाएँ
• पर्यटन क्षेत्र
• परिवहन सेवाएँ
• ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सशस्त्र बल और सुरक्षाकर्मी
डॉप्लर वेदर रडार नेटवर्क का विस्तार
अभी इस क्षेत्र में चार डॉप्लर वेदर रडार काम कर रहे हैं:
- जम्मू
• श्रीनगर
• लेह
• बनिहाल टॉप
‘मिशन मौसम‘ के तहत, पाँच और डॉप्लर वेदर रडार लगाने का प्रस्ताव है:
- अनंतनाग
• राजौरी
• बारामूला
• किश्तवाड़
• डोडा
श्रीनगर मौसम विज्ञान वेधशाला
श्रीनगर मौसम विज्ञान वेधशाला को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) से ‘शताब्दी वेधशाला‘ (Centennial Observing Station) के तौर पर मान्यता मिली है, क्योंकि यहाँ 100 से ज़्यादा सालों से लगातार मौसम की निगरानी की जा रही है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) क्या है?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तहत एक क्षेत्रीय पूर्वानुमान और मौसम-निगरानी केंद्र है।
कार्य
- मौसम का पूर्वानुमान
• आपदा की पूर्व–चेतावनी सेवाएँ
• जलवायु की निगरानी
• विमानन मौसम विज्ञान
• कृषि–मौसम संबंधी सलाह
• जल विज्ञान संबंधी पूर्वानुमान
• आम जनता के लिए मौसम सेवाएँ
‘मिशन मौसम’ के बारे में
‘मिशन मौसम‘ भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका मकसद मौसम के पूर्वानुमान को आधुनिक बनाना है। इसके लिए ये उपाय किए जा रहे हैं:
- एडवांस्ड पूर्वानुमान तकनीकें
• डॉप्लर वेदर रडार नेटवर्क का विस्तार
• मौसम की निगरानी के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
• आपदा की बेहतर चेतावनी प्रणालियाँ
महत्व
- हिमालयी क्षेत्र में मौसम के पूर्वानुमान को मज़बूत करता है।
• आपदा की तैयारी और जोखिम कम करने में सुधार करता है।
• तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा बढ़ाता है।
• यह कृषि, रक्षा, परिवहन और जल–विद्युत क्षेत्रों को सहायता देता है।
• यह जलवायु और मौसम से जुड़ी अधिक सटीक सेवाओं में योगदान देता है।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| विवरण | तथ्य |
| केंद्र | क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), जम्मू |
| भारत में RMC की संख्या | सातवाँ |
| उद्घाटन करने वाले | डॉ. जितेंद्र सिंह |
| उद्घाटन की तिथि | 5 जून 2026 |
| सेवा प्रदान किए जाने वाले क्षेत्र | जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश |
| मूल संगठन | भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) |
| मंत्रालय | पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय |
| मौजूदा डॉप्लर मौसम रडार | जम्मू, श्रीनगर, लेह और बनिहाल टॉप |
| प्रस्तावित डॉप्लर मौसम रडार | अनंतनाग, राजौरी, बारामूला, किश्तवाड़ और डोडा |
| WMO की मान्यता | श्रीनगर मौसम विज्ञान वेधशाला—शताब्दी प्रेक्षण स्टेशन |
| सरकारी पहल | मिशन मौसम |





