IEMI 2025 राज्यों की प्रगति को मापता है
नीति आयोग और WRI इंडिया की साझेदारी में तैयार किया गया ‘इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025′, भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव में दिल्ली को सबसे आगे रखता है। दिल्ली को 84 अंक मिले, इसके बाद महाराष्ट्र को 78 और कर्नाटक को 73 अंक मिले।
इसका दूसरा संस्करण 16 पैमानों (इंडिकेटर्स) का इस्तेमाल करके सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन करता है। इन पैमानों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च व इनोवेशन शामिल हैं।
यह इंडेक्स व्यापक सुधार भी दिखाता है। राष्ट्रीय औसत स्कोर (मीडियन स्कोर) 2024 में 36 से बढ़कर 2025 में 40 हो गया, जबकि सबसे ज़्यादा स्कोर 77 से बढ़कर 84 हो गया।
इंडेक्स के तीन मुख्य आधार
IEMI तीन मुख्य पहलुओं के ज़रिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का आकलन करता है। ‘ट्रांसपोर्ट का इलेक्ट्रिफिकेशन‘ का सबसे ज़्यादा वेटेज (50%) है, जो EV को अपनाने और इलेक्ट्रिफिकेशन में हुई प्रगति को मापता है।
‘चार्जिंग के लिए तैयारी‘ (चार्जिंग रेडीनेस) का हिस्सा 30% है और यह चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ज़रूरी स्थितियों की जांच करता है। बाकी 20% हिस्सा ‘रिसर्च और इनोवेशन‘ के लिए है, जिसमें EV इनोवेशन का व्यापक इकोसिस्टम शामिल है।
स्टैटिक GK फैक्ट: एक कम्पोजिट इंडेक्स कई पैमानों को मिलाकर एक सिंगल स्कोर बनाता है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों या संस्थाओं के बीच व्यवस्थित तुलना की जा सके।
इस इंडेक्स में देखे गए नतीजों और पॉलिसी या ज़रूरी स्थितियों, दोनों को शामिल किया गया है। इससे न केवल मौजूदा EV परफॉर्मेंस को समझने में मदद मिलती है, बल्कि भविष्य में इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए राज्यों की तैयारी का भी पता चलता है।
बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्य
कुल मिलाकर टॉप पांच में दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा शामिल थे, जिनके स्कोर क्रमशः 84, 78, 73, 71 और 65 थे।
दिल्ली और महाराष्ट्र ने अपनी पहली और दूसरी जगह बनाए रखी, जबकि कर्नाटक तीसरे स्थान पर आ गया। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में, मणिपुर ने 46 अंकों के साथ सबसे ज़्यादा स्कोर दर्ज किया।
बड़े राज्यों में, महाराष्ट्र और कर्नाटक ‘टॉप परफॉर्मर‘ कैटेगरी में शामिल हुए। मध्य प्रदेश ने सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की और 23वें स्थान से सातवें स्थान पर आ गया।
गोवा और पुडुचेरी दोनों 10 स्थान ऊपर चढ़े, जबकि बिहार में आठ स्थानों का सुधार हुआ। हालांकि, पिछले एडिशन से सीधे तुलना करने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि पीयर–ग्रुप में बदलाव, अतिरिक्त इंडिकेटर और संशोधित डेटासेट शामिल हैं।
थीम के अनुसार नतीजे
ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बना रहा। दिल्ली, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि 14 क्षेत्र ‘एस्पिरेंट्स‘ (आकांक्षी) कैटेगरी में रहे।
कई राज्यों में चार्जिंग की तैयारी के मामले में बेहतर नतीजे देखने को मिले। कर्नाटक 97 के स्कोर के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद गोवा (92), महाराष्ट्र और हरियाणा (दोनों 91) और दिल्ली (88) का स्थान रहा।
नतीजों से असमान विकास का भी पता चलता है। हरियाणा ने ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन में केवल 19 स्कोर किया, लेकिन चार्जिंग की तैयारी में 91 हासिल किया। उत्तर प्रदेश में इसके उलट स्थिति दिखी, जहां ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन में 58 और चार्जिंग की तैयारी में 36 स्कोर रहा।
रिसर्च और इनोवेशन
बड़े राज्यों में इनोवेशन के प्रदर्शन में काफी अंतर रहा। महाराष्ट्र ने 85, कर्नाटक ने 82 और तमिलनाडु ने 77 स्कोर किया, इसके बाद हरियाणा (74), तेलंगाना (71) और मध्य प्रदेश (65) का स्थान रहा।
इंडस्ट्रियल क्षमताओं, टेक्नोलॉजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की मौजूदगी ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया है।
स्टैटिक GK टिप: WRI इंडिया एक स्वतंत्र रिसर्च संस्था है जो सस्टेनेबल शहरों, ऊर्जा, मोबिलिटी और पर्यावरण नीति जैसे क्षेत्रों में काम करती है।
पॉलिसी सपोर्ट और EV का विस्तार
यह इंडेक्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सपोर्ट करने वाले पॉलिसी फ्रेमवर्क की भी जांच करता है। 2025 तक, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 26 के पास EV पॉलिसी थीं।
पॉलिसी का फोकस अब इंसेंटिव की घोषणा करने से हटकर इम्प्लीमेंटेशन, चार्जिंग–नेटवर्क के विस्तार, भरोसेमंद बिजली सप्लाई, फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर बढ़ रहा है।
क्षेत्रीय अंतर अभी भी महत्वपूर्ण हैं। घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में केंद्रित चार्जिंग नेटवर्क और फ्लीट अपनाने को सपोर्ट मिल सकता है, जबकि पहाड़ी, पूर्वोत्तर और द्वीपीय क्षेत्रों में कॉरिडोर चार्जिंग, शेयर्ड मोबिलिटी और क्षेत्र–विशिष्ट वाहन समाधानों की आवश्यकता हो सकती है।
उस्तादियन करेंट अफेयर्स स्थिर तालिका
| तथ्य | विवरण |
| सूचकांक | इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 |
| विकसित करने वाले | नीति आयोग और WRI इंडिया |
| मूल्यांकन किए गए क्षेत्र | 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश |
| संकेतक | 16 संकेतक |
| शीर्ष राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | दिल्ली – 84 अंक |
| दूसरा स्थान | महाराष्ट्र – 78 अंक |
| तीसरा स्थान | कर्नाटक – 73 अंक |
| परिवहन विद्युतीकरण का भार | 50% |
| चार्जिंग तैयारी का भार | 30% |
| अनुसंधान और नवाचार का भार | 20% |
| सर्वाधिक चार्जिंग स्कोर | कर्नाटक – 97 |
| पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन | मणिपुर – 46 अंक |
| EV नीतियों वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | 36 में से 26 |





