आधार ऐप को पूरे देश में तेज़ी से अपनाया जा रहा है
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) द्वारा विकसित आधार ऐप ने लॉन्च होने के सिर्फ़ पाँच महीनों में 31 मिलियन डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। Android और Apple iOS दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध यह ऐप, आधार से जुड़ी कई तरह की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर काम करता है।
इसे तेज़ी से अपनाए जाने से डिजिटल पहचान समाधानों की बढ़ती स्वीकार्यता का पता चलता है और यह ‘डिजिटल इंडिया‘ प्रोग्राम के तहत सुरक्षित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के भारत सरकार के विज़न को भी सपोर्ट करता है।
स्टैटिक GK फ़ैक्ट: UIDAI एक वैधानिक संस्था है जिसे आधार अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित किया गया था और यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करती है।
आधुनिक डिजिटल पहचान प्लेटफ़ॉर्म
नए डिज़ाइन वाले आधार ऐप से यूज़र्स सीधे अपने स्मार्टफ़ोन से अपनी आधार सेवाओं को मैनेज कर सकते हैं। यह सुरक्षित डिजिटल वेरिफिकेशन और प्रोफ़ाइल मैनेजमेंट की सुविधा देकर आधार एनरोलमेंट या अपडेट सेंटर जाने की ज़रूरत को कम करता है।
इस ऐप को बेहतर सुरक्षा सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है ताकि यूज़र्स की निजी जानकारी सुरक्षित रहे और उन्हें एक सहज डिजिटल अनुभव मिल सके।
आधार ऐप की मुख्य विशेषताएँ
नया आधार ऐप सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई एडवांस्ड सुविधाएँ देता है। यूज़र्स एक क्लिक से बायोमेट्रिक्स को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं, जिससे अनधिकृत बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को रोका जा सकता है।
यह ऐप फेस वेरिफिकेशन–आधारित ऑथेंटिकेशन को भी सपोर्ट करता है, जिससे बिना किसी फ़िज़िकल दस्तावेज़ के सुरक्षित पहचान वेरिफिकेशन संभव हो पाता है। यूज़र्स अपनी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देख सकते हैं, QR-आधारित एडिट करने योग्य आधार कॉन्टैक्ट कार्ड बना सकते हैं और ऐप के ज़रिए अपना मोबाइल नंबर और पता अपडेट कर सकते हैं।
ये विशेषताएँ इस ऐप को आधार सेवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल गेटवे बनाती हैं।
स्टैटिक GK टिप: आधार 12 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर है जिसे UIDAI द्वारा भारत के निवासियों को बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारी के आधार पर जारी किया जाता है।
बड़ी संख्या में आधार अपडेट
लॉन्च होने के बाद से, आधार ऐप ने लाखों यूज़र्स के अनुरोधों को प्रोसेस किया है। लगभग 4 मिलियन यूज़र्स ने अपने मोबाइल नंबर अपडेट किए हैं, जबकि लगभग 850,000 यूज़र्स ने इस ऐप का इस्तेमाल करके अपना पता अपडेट किया है। इसके अलावा, लाखों यूज़र्स ने इस प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बायोमेट्रिक सिक्योरिटी ऑप्शन, ऑथेंटिकेशन सर्विस और डिजिटल पहचान वेरिफ़िकेशन का इस्तेमाल किया है। ये आंकड़े डिजिटल सर्विस डिलीवरी पर बढ़ती निर्भरता को दिखाते हैं।
mAadhaar से बदलाव
mAadhaar ऐप को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है क्योंकि UIDAI यूज़र्स को नए डिज़ाइन वाले आधार ऐप पर जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। नए प्लेटफ़ॉर्म में बेहतर फ़ंक्शनैलिटी, मज़बूत सिक्योरिटी आर्किटेक्चर और ज़्यादा यूज़र–फ़्रेंडली इंटरफ़ेस मिलता है।
आधार सर्विस को एक ही आधुनिक ऐप में लाकर, UIDAI का मकसद भारत के डिजिटल पहचान इकोसिस्टम की सिक्योरिटी को मज़बूत करते हुए काम करने की क्षमता को बढ़ाना है।
स्टैटिक GK फ़ैक्ट: आधार दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम में से एक है और UPI और DigiLocker जैसे प्लेटफ़ॉर्म के साथ भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का एक अहम हिस्सा है।
आधार ऐप का महत्व
आधार ऐप की सफलता भारत के बढ़ते डिजिटल बदलाव और मोबाइल गवर्नेंस को तेज़ी से अपनाने को दिखाती है। सुरक्षित डिजिटल पहचान मैनेजमेंट सरकारी सर्विस, फ़ाइनेंशियल इनक्लूज़न और ऑनलाइन वेरिफ़िकेशन तक पहुँच को आसान बनाता है और साथ ही कागज़ी काम को कम करता है।
यह ऐप पेपरलेस गवर्नेंस को भी सपोर्ट करता है, नागरिकों की सुविधा बढ़ाता है और डिजिटल ऑथेंटिकेशन सिस्टम में भरोसा मज़बूत करता है, जिससे डिजिटल इंडिया और ई–गवर्नेंस के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है।
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| एप्लिकेशन | आधार ऐप |
| विकसित करने वाली संस्था | भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) |
| डाउनलोड | पाँच महीनों में 31 मिलियन से अधिक |
| प्लेटफॉर्म | एंड्रॉइड और एप्पल iOS |
| प्रमुख विशेषताएँ | बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, फेस ऑथेंटिकेशन, QR आधार कार्ड और ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री |
| मोबाइल नंबर अपडेट | लगभग 4 मिलियन |
| पता अपडेट | लगभग 8.5 लाख |
| पिछला एप्लिकेशन | mAadhaar |
| शासी मंत्रालय | इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) |
| कानूनी ढाँचा | आधार अधिनियम, 2016 |





