संबोधन का संदर्भ
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 23 मार्च, 2026 को Lok Sabha में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संबंध में संबोधन दिया। उन्होंने इस स्थिति को “गंभीर और चिंताजनक” बताया, जिसके वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।
यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है, जिससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो रही है। भारत की प्रतिक्रिया एक संतुलित और सतर्क विदेश नीति दृष्टिकोण को दर्शाती है।
स्टेटिक GK तथ्य: भारतीय संसद में Parliament of India में लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं, जिसमें लोकसभा निचला सदन है।
संघर्ष का वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी प्रभावित करता है। प्रमुख समुद्री मार्गों में रुकावटों के कारण दुनिया भर में चिंताएँ बढ़ रही हैं।
Strait of Hormuz को वैश्विक तेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट‘ (अवरोधक बिंदु) के रूप में पहचाना गया है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट भारत जैसे ऊर्जा–आयात करने वाले देशों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
स्टेटिक GK तथ्य: वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुज़रता है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताएँ
भारत अपनी LPG (रसोई गैस) की लगभग 60% ज़रूरतें आयात के माध्यम से पूरी करता है, जिससे वह बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील हो जाता है। सरकार सक्रिय रूप से ईंधन की स्थिर आपूर्ति और कीमतों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।
ऊर्जा आयात को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक विस्तारित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होती है और ऊर्जा सुरक्षा की क्षमता बढ़ती है।
स्टेटिक GK सुझाव: चीन और USA के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश है।
रणनीतिक तैयारी के उपाय
भारत के पास वर्तमान में लगभग 53 लाख मीट्रिक टन का ‘रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR)‘ मौजूद है। वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आने पर ये भंडार एक ‘बफर‘ (सुरक्षा कवच) के रूप में कार्य करते हैं।
सरकार ‘एथेनॉल मिश्रण‘ (लगभग 20%), नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी‘ (विद्युत–आधारित परिवहन) को भी बढ़ावा दे रही है। इन कदमों का उद्देश्य जीवाश्म ईंधनों पर दीर्घकालिक निर्भरता को कम करना है।
स्टेटिक GK तथ्य: भारत की प्रमुख SPR सुविधाएँ Visakhapatnam, Mangaluru और Padur में स्थित हैं।
भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय निवास करते हैं। उनकी सुरक्षा सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
भारतीय मिशन चौबीसों घंटे सहायता, सलाह और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद दे रहे हैं। 3.75 लाख से ज़्यादा भारतीयों को अब तक सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
स्टैटिक GK टिप: Ministry of External Affairs ‘ऑपरेशन गंगा‘ जैसे लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियानों को संभालता है।
आर्थिक और व्यापारिक असर
भारत के तेल, गैस और खाद के आयात के लिए पश्चिम एशिया बहुत अहम है। इसमें कोई भी रुकावट खेती–बाड़ी, उद्योग और महंगाई के स्तर पर असर डालती है।
सरकार ने खाद पर सब्सिडी जारी रखने और आम नागरिकों को कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों से बचाने का भरोसा दिया है। घरेलू उत्पादन को भी मज़बूत किया जा रहा है।
स्टैटिक GK तथ्य: भारत दुनिया भर में कच्चे तेल के सबसे बड़े आयातकों में से एक है।
भारत का कूटनीतिक नज़रिया
भारत ने एक निष्पक्ष और रणनीतिक रुख अपनाया है, और किसी भी पक्ष से सीधे तौर पर जुड़ने से परहेज़ किया है। उसका मुख्य ज़ोर बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर बना हुआ है।
प्रधानमंत्री ने Iran, United Arab Emirates, Saudi Arabia, Qatar, Oman, Kuwait और Bahrain जैसे देशों के साथ बातचीत जारी रखने की बात कही है। यह एक ज़िम्मेदार वैश्विक भूमिका निभाने वाले देश के तौर पर भारत की भूमिका को दिखाता है।
स्टैटिक GK टिप: भारत ‘गुटनिरपेक्षता‘ के सिद्धांत का पालन करता है, और वैश्विक राजनीति में अपनी रणनीतिक स्वायत्तता पर ज़ोर देता है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| घटना | पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी का संबोधन |
| तिथि | 23 मार्च 2026 |
| प्रमुख चिंता | ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार में व्यवधान |
| महत्वपूर्ण मार्ग | होर्मुज़ जलडमरूमध्य |
| एलपीजी आयात निर्भरता | लगभग 60% |
| भारतीय प्रवासी | खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ |
| एसपीआर क्षमता | 53 लाख मीट्रिक टन |
| ऊर्जा रणनीति | विविधीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा |
| कूटनीतिक रुख | तटस्थ और संवाद-आधारित |
| वैश्विक प्रभाव | आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक व्यवधान |





