अगस्त 31, 2026 2:16 अपराह्न

भारत का पहला इमर्सिव भाषा संग्रहालय ‘शब्दलोक’ खुला

करेंट अफेयर्स: शब्दलोक, इमर्सिव भाषा संग्रहालय, नेशनल लाइब्रेरी कोलकाता, अमित शाह, संस्कृति मंत्रालय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), भारतीय भाषाएँ, भाषाई विरासत

Shabdalok Opens as India’s First Immersive Language Museum

भारत ने अपना पहला इमर्सिव भाषा संग्रहालय लॉन्च किया

भारत ने कोलकाता की नेशनल लाइब्रेरी में देश के पहले इमर्सिव भाषा संग्रहालयशब्दलोक का उद्घाटन किया। इस संग्रहालय का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इसका मकसद आधुनिक डिजिटल तकनीकों के ज़रिए भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे प्रदर्शित करना है।

यह पहल भाषा, संस्कृति, इतिहास और तकनीक को मिलाकर आने वाले लोगों के लिए सीखने का एक इंटरैक्टिव अनुभव बनाती है और साथ ही भारत की बहुभाषी पहचान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाती है।

स्टैटिक GK फैक्ट: कोलकाता में स्थित नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ इंडिया देश की सबसे बड़ी पब्लिक लाइब्रेरी है और यह संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करती है।

शब्दलोक क्या है?

शब्दलोक‘ (जिसका अर्थ हैशब्दों का संग्रहालय“) संस्कृति मंत्रालय द्वारा नेशनल लाइब्रेरी परिसर में ऐतिहासिक बेल्वेडियर हाउस के अंदर बनाया गया एक इमर्सिव संग्रहालय है।

पारंपरिक संग्रहालयों से अलग, शब्दलोक में AI, AR, VR, होलोग्राम और मल्टीमीडिया डिस्प्ले का इस्तेमाल करके मौखिक परंपराओं से लेकर आधुनिक संचार तक भाषाओं के विकास को समझाया गया है। यहाँ आने वाले लोग स्थिर डिस्प्ले के बजाय इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के ज़रिए भारत की भाषाई यात्रा को जान सकते हैं।

भारत की भाषाई विरासत को बढ़ावा देना

यह संग्रहालय देश भर में बोली जाने वाली लगभग 380 भाषाओं के विकास को प्रदर्शित करके भारतीय भाषाओं की अद्भुत विविधता को उजागर करता है।

इसमें भारत की 2011 की जनगणना में दर्ज 121 भाषाओं के साथ-साथ कई शास्त्रीय, आदिवासी, ऐतिहासिक और लुप्तप्राय भाषाएँ शामिल हैं। यहाँ के प्रदर्शन विभिन्न लिपियों, साहित्य और संचार प्रणालियों के विकास को भी समझाते हैं।

स्टैटिक GK टिप: संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता दी गई है, जबकि 2011 की जनगणना में 121 भाषाएँ और 1,300 से अधिक मातृभाषाएँ दर्ज की गई थीं।

शब्दलोक के पीछे की तकनीक

शब्दलोक भाषा सीखने की प्रक्रिया को दिलचस्प और आसान बनाने के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करता है।

इस संग्रहालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), होलोग्राम, जेस्चर रिकग्निशन, इंटरैक्टिव टच डिस्प्ले, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। ये टेक्नोलॉजी विज़िटर्स को शानदार विज़ुअल और ऑडियो प्रेजेंटेशन के ज़रिए भाषा के विकास को अनुभव करने का मौका देती हैं।

लोकेशन और विज़िटर की जानकारी

यह म्यूज़ियम पश्चिम बंगाल के कोलकाता में नेशनल लाइब्रेरी कैंपस के अंदर बेल्वेडियर हाउस में स्थित है।

इसमें भाषा के विकास के अलग-अलग पहलुओं को समर्पित नौ गैलरी हैं और यह सोमवार को छोड़कर सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है। 15 अगस्त 2026 तक एंट्री फ़्री है, ताकि स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और टूरिस्ट भारत की भाषाई विरासत को जान सकें।

शब्दलोक का महत्व

शब्दलोक भारत की विविध भाषाई परंपराओं को सुरक्षित रखने और म्यूज़ियम में डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।

यह प्रोजेक्ट आधुनिक टेक्नोलॉजी को सांस्कृतिक संरक्षण के साथ जोड़कर डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है। यह भारत की बहुभाषी विरासत के बारे में जागरूकता भी बढ़ाता है और युवा पीढ़ी को देश की समृद्ध साहित्यिक और भाषाई परंपराओं की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

स्टैटिक GK फैक्ट: संस्कृति मंत्रालय भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए ज़िम्मेदार है, जिसमें म्यूज़ियम, लाइब्रेरी, आर्काइव, स्मारक और अमूर्त सांस्कृतिक परंपराएं शामिल हैं।

उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका

तथ्य विवरण
संग्रहालय शब्दलोक
महत्व भारत का पहला इमर्सिव भाषा संग्रहालय
उद्घाटन करने वाले अमित शाह
मंत्रालय संस्कृति मंत्रालय
स्थान राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता
ऐतिहासिक भवन बेल्वेडियर हाउस
भाषाओं की संख्या लगभग 380
जनगणना संदर्भ 121 भाषाएँ (जनगणना 2011)
दीर्घाओं की संख्या 9
प्रयुक्त तकनीकें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), होलोग्राम और मल्टीमीडिया डिस्प्ले
समय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
साप्ताहिक अवकाश सोमवार
निःशुल्क प्रवेश 15 अगस्त 2026 तक
बेल्वेडियर में राष्ट्रीय पुस्तकालय की स्थापना 1948
संवैधानिक भाषाएँ 22 — संविधान की आठवीं अनुसूची के अंतर्गत
Shabdalok Opens as India’s First Immersive Language Museum
  1. शब्दलोक भारत का पहला इमर्सिव भाषा संग्रहालय है।
  2. इस संग्रहालय का उद्घाटन कोलकाता की नेशनल लाइब्रेरी में किया गया।
  3. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शब्दलोक का उद्घाटन किया।
  4. इस संग्रहालय को संस्कृति मंत्रालय ने स्थापित किया है।
  5. शब्दलोक ऐतिहासिक बेल्वेडियर हाउस के अंदर स्थित है।
  6. शब्दलोक नाम का अर्थ है शब्दों का संग्रहालय”
  7. यह संग्रहालय भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
  8. शब्दलोक इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करता है।
  9. इस संग्रहालय में ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
  10. इसमें होलोग्राम, जेस्चर रिकग्निशन और मल्टीमीडिया डिस्प्ले भी शामिल हैं।
  11. यह संग्रहालय भारत में बोली जाने वाली लगभग 380 भाषाओं के विकास को उजागर करता है।
  12. इसमें 2011 की जनगणना में दर्ज 121 भाषाओं की जानकारी शामिल है।
  13. शब्दलोक शास्त्रीय, आदिवासी, ऐतिहासिक और लुप्तप्राय भाषाओं को प्रदर्शित करता है।
  14. संग्रहालय में भाषा के विकास को समर्पित नौ गैलरी हैं।
  15. यहाँ जाने का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक है।
  16. संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है।
  17. 15 अगस्त 2026 तक प्रवेश निःशुल्क है।
  18. भारत की नेशनल लाइब्रेरी देश की सबसे बड़ी पब्लिक लाइब्रेरी है।
  19. संविधान की आठवीं अनुसूची 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता देती है।
  20. शब्दलोक भारत की भाषाई विरासत को संरक्षित करते हुए डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देता है।

Q1. शब्दलोक का क्या महत्व है?


Q2. शब्दलोक कहाँ स्थित है?


Q3. शब्दलोक की स्थापना किस मंत्रालय ने की है?


Q4. निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक शब्दलोक में उपयोग नहीं की जाती है?


Q5. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार शब्दलोक में कितनी भाषाएँ दर्ज और प्रदर्शित की गई हैं?


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