‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ ज़रूरी हुआ
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ़्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए 1 अगस्त 2026 से ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड‘ ज़रूरी कर दिया है।
यह नया सिस्टम, महिलाओं के लिए दिल्ली की मुफ़्त बस यात्रा योजना के तहत इस्तेमाल होने वाले मौजूदा कागज़ी पिंक टिकटों की जगह लेगा।
नई व्यवस्था के तहत, योग्य महिला यात्रियों को स्मार्ट कार्ड साथ रखना होगा और बस में चढ़ते समय इसे कार्ड रीडर पर टैप करना होगा।
‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ क्या है?
‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड‘ एक डिजिटल ट्रैवल कार्ड है जिसे महिला यात्रियों को जारी किए जाने वाले कागज़ी पिंक टिकटों की जगह लाने के लिए शुरू किया गया है।
इस कार्ड का मकसद है:
- मुफ़्त बस यात्रा को डिजिटल बनाना
• कागज़ी टिकटों का इस्तेमाल कम करना
• पारदर्शिता बढ़ाना
• वेरिफ़िकेशन (जांच) को आसान बनाना
• गलत इस्तेमाल रोकना
• कामकाज की क्षमता में सुधार करना
1 अगस्त 2026 से क्या बदलाव होंगे?
1 अगस्त 2026 से ये नियम लागू होंगे:
- कागज़ी पिंक टिकट अब मान्य नहीं होंगे।
• योग्य महिलाओं के पास ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड‘ होना ज़रूरी है।
• बस में चढ़ते समय कार्ड को टैप करना होगा।
• जिन महिलाओं के पास मान्य ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ नहीं होगा, उन्हें बस का सामान्य किराया देना होगा।
यह नया सिस्टम इन पर लागू होगा:
- दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) की बसें
• DIMTS क्लस्टर बसें
दिल्ली स्मार्ट कार्ड क्यों शुरू कर रही है?
दिल्ली सरकार मुफ़्त यात्रा योजना को ज़्यादा पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए कागज़ी टिकटों से डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ रही है।
मुख्य उद्देश्य
डिजिटलाइज़ेशन:
मौजूदा कागज़ी मुफ़्त यात्रा सिस्टम को डिजिटल सिस्टम में बदलना।
पारदर्शिता:
मुफ़्त यात्रा और टिकट वितरण की निगरानी में सुधार करना।
कागज़ का कम इस्तेमाल:
कागज़ी टिकटों पर निर्भरता कम करना।
आसान वेरिफ़िकेशन:
स्मार्ट कार्ड से यात्री की पात्रता की इलेक्ट्रॉनिक रूप से जांच की जा सकती है।
गलत इस्तेमाल रोकना:
डिजिटल रिकॉर्ड से गड़बड़ियों और योजना के गलत इस्तेमाल को कम करने में मदद मिल सकती है।
कामकाज में आसानी:
इस सिस्टम से मुफ़्त यात्रा प्रोग्राम को लागू करना आसान होने की उम्मीद है।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल कौन कर सकता है?
जो महिलाएँ दिल्ली की मौजूदा मुफ़्त बस यात्रा स्कीम के तहत पहले से ही योग्य हैं, वे पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड ले सकती हैं।
योग्य यात्रियों को ये काम करने होंगे:
- स्मार्ट कार्ड के लिए अप्लाई करना।
• यात्रा करते समय कार्ड साथ रखना।
• बस में चढ़ते समय कार्ड को बस रीडर पर टैप करना।
नया सिस्टम अनिवार्य होने के बाद, जिन यात्रियों के पास ज़रूरी कार्ड नहीं होगा, उन्हें लागू किराया देना होगा।
रजिस्ट्रेशन सेंटर
दिल्ली सरकार ने पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए पूरे शहर में 50 अधिकृत रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए हैं।
योग्य महिलाएँ इन सेंटरों पर जा सकती हैं और इनके बताए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा कर सकती हैं:
- दिल्ली परिवहन विभाग
• दिल्ली परिवहन निगम (DTC)
योग्य महिलाओं को समय सीमा से पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किए गए हैं।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड का महत्व
यह पहल डिजिटल और पेपरलेस पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं की ओर एक कदम है।
इससे ये फ़ायदे होने की उम्मीद है:
- मुफ़्त यात्रा स्कीम में ज़्यादा पारदर्शिता
• यात्रियों को मिलने वाले फ़ायदों की बेहतर निगरानी
• कम कागज़ी काम
• तेज़ी से वेरिफिकेशन
• बेहतर प्रशासन
• गलत इस्तेमाल की कम संभावना
उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका
| तथ्य | विवरण |
| योजना | पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड |
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | दिल्ली |
| अनिवार्य होने की तिथि | 1 अगस्त 2026 |
| लाभार्थी | पात्र महिला यात्री |
| किसका स्थान लेता है | कागज-आधारित पिंक टिकट |
| मुख्य परिवहन संचालक | दिल्ली परिवहन निगम (DTC) |
| अन्य बसें | DIMTS क्लस्टर बसें |
| उपयोग | बस में चढ़ते समय कार्ड टैप करना |
| कार्ड न होने पर | सामान्य किराया लागू होगा |
| पंजीकरण केंद्र | 50 अधिकृत केंद्र |
| मुख्य उद्देश्य | निःशुल्क बस यात्रा का डिजिटलीकरण |
| प्रमुख लाभ | पारदर्शिता, दक्षता और दुरुपयोग में कमी |
| प्रणाली का प्रकार | डिजिटल स्मार्ट-कार्ड आधारित यात्रा प्रणाली |





