भारत में एक ऐतिहासिक पहल
सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (SSPU) ने लैंगिक समावेशन और कौशल विकास पर एशिया की पहली UNESCO चेयर शुरू की है। यह पहल UNESCO के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका मकसद उन्नत तकनीकी क्षेत्रों और भविष्य–उन्मुख उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
इस पहल का उद्घाटन कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने “Women Leading the Future of Work” (काम के भविष्य का नेतृत्व करती महिलाएं) शीर्षक वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया। यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर लैंगिक रूप से समावेशी कार्यबल के विकास में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है।
स्टेटिक GK तथ्य: UNESCO का पूरा नाम संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization) है। इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस शहर में स्थित है।
उभरती हुई तकनीकों पर ज़ोर
UNESCO चेयर का उद्देश्य उन क्षेत्रों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बेहतर बनाना है, जिन पर पारंपरिक रूप से पुरुषों का वर्चस्व रहा है। यह उन अत्यधिक मांग वाली तकनीकों में महिलाओं को प्रशिक्षित करने पर केंद्रित है, जिनसे आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार मिलने की उम्मीद है।
इस पहल के तहत पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
• रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
• सेमीकंडक्टर तकनीक
• रक्षा विनिर्माण
• उन्नत विनिर्माण
इन उद्योगों को अक्सर ‘सनराइज़ सेक्टर्स‘ (तेज़ी से उभरते क्षेत्र) कहा जाता है, क्योंकि इनमें तेज़ी से विकास हो रहा है और रोज़गार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य कौशल की कमी को दूर करना है, साथ ही महिलाओं को तकनीकी करियर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्टेटिक GK सुझाव: भारत ने देश भर में रोज़गार क्षमता और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2015 में ‘स्किल इंडिया मिशन‘ की शुरुआत की थी।
नेतृत्व और शैक्षणिक सहयोग
इस कार्यक्रम का नेतृत्व SSPU की प्रो–चांसलर डॉ. स्वाति मुजुमदार कर रही हैं। यह पहल शिक्षा जगत, वैश्विक संगठनों और उद्योगों के बीच एक मज़बूत साझेदारी को दर्शाती है, जो समावेशी आर्थिक विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और UNESCO-UNEVOC सहित कई प्रमुख वैश्विक संस्थानों ने भाग लिया। कौशल–आधारित शिक्षण पहलों को समर्थन देने के लिए कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।
भाग लेने वाली कंपनियों में शामिल थीं:
- लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro)
• IBM
• कैपजेमिनी (Capgemini)
• बार्कलेज (Barclays)
यह सहयोग छात्रों को कार्यस्थल की व्यावहारिक मांगों के लिए तैयार करने में उद्योग और शिक्षा जगत के बीच साझेदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
प्रशिक्षण की सफलता और महिला सशक्तिकरण
इस पहल ने कौशल विकास और रोज़गार सृजन में पहले ही काफ़ी प्रगति दिखाई है। विश्वविद्यालय के अनुसार, उभरती हुई तकनीकों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 10,000 से ज़्यादा वंचित लड़कियों को प्रशिक्षित किया गया है।
खबरों के मुताबिक, कई प्रतिभागियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने के बाद अच्छे वेतन पैकेज वाली नौकरियाँ मिलीं। यह पहल न केवल शिक्षा पर, बल्कि महिलाओं के लिए लंबे समय तक चलने वाले करियर के अवसरों को बेहतर बनाने पर भी केंद्रित है।
इस कार्यक्रम में “कुशल साथी” मेंटरशिप प्रोग्राम भी शुरू किया गया, जिसे STEM क्षेत्रों में करियर बनाने वाली लड़कियों की मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है। सम्मेलन के दौरान लिंग और रोज़गार पर एक शोध संकलन भी जारी किया गया।
स्टैटिक GK तथ्य: STEM का मतलब विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित है; इन्हें आधुनिक नवाचार और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।
UNESCO चेयर्स का महत्व
UNESCO चेयर एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसे दुनिया भर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बीच शोध, प्रशिक्षण और ज्ञान–साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है। ये चेयर्स आमतौर पर शिक्षा, स्थिरता, समानता और तकनीकी प्रगति जैसी वैश्विक चुनौतियों पर काम करती हैं।
लिंग समावेशन पर एशिया की पहली UNESCO चेयर की शुरुआत भारत का समावेशी विकास और महिलाओं के नेतृत्व वाले आर्थिक बदलाव पर बढ़ते ज़ोर को दर्शाती है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| संबंधित विश्वविद्यालय | सिम्बायोसिस कौशल एवं व्यावसायिक विश्वविद्यालय |
| पहल | लैंगिक समावेशन और कौशल विकास पर यूनेस्को चेयर |
| क्षेत्रीय महत्व | एशिया में अपनी तरह की पहली पहल |
| सहयोगी संगठन | यूनेस्को |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, अर्धचालक प्रौद्योगिकी, विनिर्माण |
| उद्घाटन कार्यक्रम का विषय | कार्य के भविष्य का नेतृत्व करती महिलाएँ |
| उपस्थित मंत्री | जयंत चौधरी |
| प्रमुख शैक्षणिक व्यक्तित्व | डॉ. स्वाति मुजुमदार |
| मार्गदर्शन पहल | कुशल साथी कार्यक्रम |
| उपस्थित वैश्विक संगठन | अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और यूनेस्को-यूनेवोक |





