अगस्त 10, 2026 8:15 अपराह्न

धार को ‘सुरक्षित शहर पहल’ के लिए चुना गया

समसामयिक मामले: सुरक्षित शहर परियोजना 2026, धार शहर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, ₹10 करोड़ की फंडिंग, शहरी सुरक्षा, CCTV निगरानी, ​​लैंगिक संवेदनशीलता, समावेशी बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण

Dhar Chosen for Safe Cities Initiative

परियोजना का अवलोकन

मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर, धार, ‘सुरक्षित शहर परियोजना 2026‘ के तहत चुना गया है। इस पहल का नेतृत्व महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कर रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹10 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसे पाँच साल की अवधि में लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित और समावेशी सार्वजनिक स्थान बनाना है।

स्टेटिक GK तथ्य: धार कभी परमार वंश की राजधानी हुआ करता था, जो अपने सांस्कृतिक और स्थापत्य योगदान के लिए जाना जाता है।

सुरक्षित शहर परियोजनाका उद्देश्य

सुरक्षित शहर परियोजना‘ केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसे शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक भागीदारी के मेल को बढ़ावा देती है।
यह योजना भारत के व्यापक लक्ष्य—महिलाओं पर केंद्रित विकास और सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण—के अनुरूप है। यह लैंगिक समानता और सशक्तिकरण के लिए नीतिगत समर्थन को भी दर्शाती है।

स्टेटिक GK सुझाव: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की स्थापना 2006 में महिलाओं और बच्चों के कल्याण तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

बुनियादी ढांचे में सुधार

धार योजना में निगरानी और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण उन्नयन शामिल हैं। शहर भर में संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा ताकि दृश्यता सुनिश्चित हो सके और अपराध का जोखिम कम हो। इसके अतिरिक्त, वास्तविक समय की निगरानी (real-time surveillance) और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उन्नत निगरानी प्रणालियाँ स्थापित की जाएंगी।

महिलाओं के अनुकूल सुविधाएँ

यह परियोजना महिलाओं के अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं पर ज़ोर देती है। स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रों में विशेष ‘पिंक टॉयलेट्स‘ (गुलाबी शौचालय) बनाए जाएंगे।
अस्पतालों में महिलाओं के लिए अलग से प्रतीक्षा कक्ष होंगे, जिससे उन्हें अधिक आराम और सुविधा मिलेगी। पर्यटन स्थलों पर भी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा, जिससे वे महिला आगंतुकों के लिए अधिक सुरक्षित बन सकें।

स्टेटिक GK तथ्य:पिंक टॉयलेट्स‘ की अवधारणा का भारत में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम

बुनियादी ढांचे के अलावा, यह पहल सामाजिक जागरूकता और व्यवहार में बदलाव लाने पर भी केंद्रित है। महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें नागरिकों और अधिकारियों—दोनों को लक्षित किया जाएगा। इन कदमों का उद्देश्य एक सहायक और सम्मानजनक सामाजिक माहौल बनाना है।

पर्यटन और शहरी विकास पर प्रभाव

धार अपने ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। ‘सुरक्षित शहर परियोजना‘ (Safe Cities Project) से एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में इसकी छवि और बेहतर होने की उम्मीद है।
बेहतर सुरक्षा से ज़्यादा से ज़्यादा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह समग्र शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान देगा।

स्टेटिक GK टिप: मध्य प्रदेश को अक्सर इसकी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के कारण “भारत का हृदय” कहा जाता है।

स्टैटिक उस्थादियन करेंट अफेयर्स टेबल

विषय विवरण
परियोजना का नाम सेफ सिटीज प्रोजेक्ट 2026
चयनित शहर धार, मध्य प्रदेश
कार्यान्वयन मंत्रालय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
वित्तपोषण ₹10 करोड़
अवधि पाँच वर्ष
मुख्य फोकस महिलाओं की सुरक्षा और समावेशी अवसंरचना
प्रमुख विशेषताएँ सीसीटीवी स्थापना, सड़क प्रकाश व्यवस्था, निगरानी प्रणाली
सामाजिक उपाय जागरूकता अभियान और लैंगिक संवेदनशीलता
अतिरिक्त प्रभाव पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा
Dhar Chosen for Safe Cities Initiative
  1. धार शहर को ‘सुरक्षित शहर परियोजना 2026‘ पहल के तहत चुना गया है।
  2. इस परियोजना का राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कर रहा है।
  3. सरकार ने पाँच साल की कार्यान्वयन अवधि के लिए ₹10 करोड़ आवंटित किए हैं।
  4. इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और समावेशी शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
  5. ऐतिहासिक रूप से, धार पहले परमार वंश की राजधानी रहा है।
  6. यह परियोजना प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक जुड़ाव के उपायों के उपयोग को बढ़ावा देती है।
  7. यह पहल लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य के अनुरूप है।
  8. शहर भर में संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएँगे।
  9. दृश्यता बढ़ाने और अपराध के जोखिम को कम करने के लिए सड़कों पर रोशनी (स्ट्रीट लाइटिंग) में सुधार किया गया है।
  10. उन्नत निगरानी प्रणालियाँ वास्तविक समय की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया कार्रवाई को संभव बनाती हैं।
  11. महिलाओं के लिए स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष ‘पिंक टॉयलेट‘ बनाए गए हैं।
  12. अस्पतालों में महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष प्रतीक्षा कक्ष (वेटिंग एरिया) शामिल किए जाएँगे।
  13. महिला आगंतुकों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार के लिए पर्यटन स्थलों को उन्नत किया गया है।
  14. जागरूकता अभियान महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी को बढ़ावा देते हैं।
  15. नागरिकों और सरकारी अधिकारियों को लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  16. इस पहल का उद्देश्य एक सम्मानजनक और सहायक सामाजिक वातावरण का निर्माण करना है।
  17. बेहतर सुरक्षा से धार शहर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  18. यह परियोजना आगंतुकों की संख्या में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास में योगदान देती है।
  19. अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मध्य प्रदेश को ‘भारत का हृदय (Heart of India)‘ के रूप में जाना जाता है।
  20. यह योजना सामाजिक समावेशिता के लक्ष्यों के साथ-साथ शहरी विकास को भी काफी हद तक मजबूत करती है।

Q1. सेफ सिटीज प्रोजेक्ट 2026 के तहत किस शहर का चयन किया गया है?


Q2. इस परियोजना को कौन सा मंत्रालय लागू कर रहा है?


Q3. इस परियोजना के लिए कितनी धनराशि आवंटित की गई है?


Q4. महिलाओं की सुरक्षा के लिए कौन सी सुविधा शुरू की गई है?


Q5. इस परियोजना की एक प्रमुख तकनीकी विशेषता क्या है?


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