अगस्त 28, 2026 11:18 पूर्वाह्न

पीएम मोदी ने राम नाथ कोविंद की आत्मकथा जारी की

करंट अफेयर्स: राम नाथ कोविंद, ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स, नरेंद्र मोदी, विज्ञान भवन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, बिहार के राज्यपाल, एक देश-एक चुनाव, भारतीय लोकतंत्र

PM Modi Releases Ram Nath Kovind’s Autobiography

पीएम मोदी ने कोविंद की आत्मकथा लॉन्च की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा, ट्रायम्फ ऑफ़ इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स जारी की।

यह किताब कोविंद के शुरुआती जीवन, संघर्षों, शिक्षा, जनसेवा और राष्ट्रपति बनने तक के सफर का वर्णन करती है।

पीएम मोदी ने इस आत्मकथा को भारतीय लोकतंत्र और समाज का एक महत्वपूर्ण वृत्तांत बताया और जनसेवा, शिक्षा, विनम्रता और सामाजिक सद्भाव के प्रति कोविंद की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

किताब में क्या खास है?

यह आत्मकथा कोविंद के साधारण पृष्ठभूमि से भारत के 14वें राष्ट्रपति बनने तक के सफर पर केंद्रित है।

पीएम मोदी के अनुसार, कोविंद का जीवन यह दिखाता है कि शिक्षा, दृढ़ता और कड़ी मेहनत कैसे लोगों को मुश्किल हालात से उबरने में मदद कर सकती है।

किताब का शीर्षक एक व्यापक संदेश भी देता है: कोविंद के सफर को भारतीय गणराज्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था द्वारा पैदा किए गए अवसरों के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है।

राम नाथ कोविंद का शुरुआती जीवन

पीएम मोदी ने कोविंद के बचपन के कई मुश्किल अनुभवों को याद किया।

एक बड़ी दुखद घटना कानपुर देहात में उनके घर में लगी आग के दौरान परिवार का सामान बचाने की कोशिश में उनकी माँ की मौत थी।

बाद में, पड़ोस के लोगों के सहयोग ने कोविंद के पालन-पोषण में मदद की। पीएम मोदी के अनुसार, इन अनुभवों ने कोविंद में सामाजिक सद्भाव और सहयोग की समझ विकसित करने में योगदान दिया।

कोविंद ने अपने पिता को भी मूल्यों और प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना है।

शिक्षा से राष्ट्रपति पद तक का सफर

शुरुआती वर्षों में सीमित संसाधनों के बावजूद, कोविंद के आगे बढ़ने में शिक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके सार्वजनिक करियर में संसद सदस्य, बिहार के राज्यपाल और अंततः भारत के राष्ट्रपति के रूप में सेवा करना शामिल था।

पीएम मोदी ने कोविंद की अपने पैतृक गाँव परौंख की यात्रा को भी याद किया, जहाँ उन्होंने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और अपनी जड़ों के प्रति श्रद्धा प्रकट की।

राष्ट्रपति पद के बाद कोविंद की सार्वजनिक भूमिका

राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद भी कोविंद सार्वजनिक कार्यों में योगदान देते रहे। राष्ट्रपति के तौर पर, उन्होंने एक देशएक चुनाव‘ (One Nation-One Election) पर बनी हाईलेवल कमिटी की अध्यक्षता की। इस कमिटी ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं की जांच की थी।

राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी जन-मुद्दों से उनका लगातार जुड़ाव, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की मिसाल के तौर पर देखा गया।

आत्मकथा का महत्व

यह किताब न केवल रामनाथ कोविंद के निजी अनुभवों का ब्योरा है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, सामाजिक गतिशीलता और जनसेवा पर भी एक नज़र डालती है।

इसमें उनके संघर्षपूर्ण बचपन से लेकर भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक तक पहुंचने के सफर को दिखाया गया है, साथ ही शिक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक मूल्यों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।

उस्तादियन समसामयिकी स्थायी तथ्य तालिका

तथ्य विवरण
पुस्तक ट्रायम्फ ऑफ इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स
लेखक राम नाथ कोविंद
पुस्तक का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
विमोचन तिथि 12 अगस्त 2026
स्थान विज्ञान भवन, नई दिल्ली
लेखक का पूर्व पद भारत के 14वें राष्ट्रपति
भारत के राष्ट्रपति 2017–2022
राष्ट्रपति बनने से पहले बिहार के राज्यपाल
प्रारंभिक जीवन का क्षेत्र कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश
पैतृक गाँव परौंख
प्रमुख समिति की भूमिका एक राष्ट्र-एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति
मुख्य विषय जीवन संघर्ष, शिक्षा, सार्वजनिक सेवा, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव
PM Modi Releases Ram Nath Kovind’s Autobiography
  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त 2026 को पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा जारी की।
  2. इस आत्मकथा का शीर्षकट्रायम्फ ऑफ इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ (Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles) है।
  3. यह किताब नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जारी की गई।
  4. राम नाथ कोविंद ही इस आत्मकथा के लेखक हैं।
  5. राम नाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति रहे।
  6. उन्होंने2017 से 2022 तक भारत के राष्ट्रपति के तौर पर काम किया।
  7. राष्ट्रपति बनने से पहले, कोविंद बिहार के राज्यपाल थे।
  8. कोविंद की आत्मकथा में उनके शुरुआती जीवन, संघर्षों, शिक्षा और जन-सेवा के सफर का वर्णन है।
  9. उनकी जीवन-कहानी मुश्किल हालात से उबरने में शिक्षा, दृढ़ता और कड़ी मेहनत की भूमिका को उजागर करती है।
  10. कोविंद का बचपन उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से जुड़ा था।
  11. किताब में बचपन की एक बड़ी दुखद घटना का ज़िक्र है – घर में आग लगने से उनकी माँ की मौत।
  12. पड़ोसी समुदाय के सहयोग ने सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग के बारे में कोविंद की समझ को प्रभावित किया।
  13. कोविंद ने अपने पिता को मूल्यों और प्रेरणा का एक अहम स्रोत माना है।
  14. कोविंद के सार्वजनिक करियर में सांसद, बिहार के राज्यपाल और भारत के राष्ट्रपति के तौर पर सेवा करना शामिल है।
  15. उनका पैतृक गाँव उत्तर प्रदेश में परौंख है।
  16. कोविंद ने परौंख का दौरा किया और अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिससे अपनी जड़ों से उनके जुड़ाव का पता चलता है।
  17. राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद, कोविंद नेएक राष्ट्र-एक चुनाव’ (One Nation-One Election) पर बनी उच्च-स्तरीय समिति की अध्यक्षता की।
  18. समिति ने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की संभावना की जाँच की।
  19. यह आत्मकथा कोविंद के सफर को सामाजिक गतिशीलता, लोकतांत्रिक अवसर और जन-सेवा के उदाहरण के तौर पर पेश करती है।
  20. परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य: ट्रायम्फ ऑफ इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स — लेखक: राम नाथ कोविंद | जारीकर्ता: नरेंद्र मोदी | तारीख: 12 अगस्त 2026 | स्थान: विज्ञान भवन, नई दिल्ली।

Q1. राम नाथ कोविंद की आत्मकथा भारतीय गणराज्य की विजय: मेरा जीवन, मेरे संघर्ष का विमोचन किसने किया?


Q2. राम नाथ कोविंद की आत्मकथा का शीर्षक क्या है?


Q3. राम नाथ कोविंद भारत के कौन-से राष्ट्रपति रहे?


Q4. भारत में एक साथ चुनाव कराने की संभावना का अध्ययन करने के लिए राम नाथ कोविंद ने किस समिति की अध्यक्षता की?


Q5. राम नाथ कोविंद के जीवन और सार्वजनिक यात्रा के संदर्भ में उल्लेखित उनका पैतृक गांव कौन-सा है?


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