आंध्र प्रदेश में पिल्लू AI का लॉन्च
2 फरवरी 2026 को, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिल्लू AI, एक वॉइस-बेस्ड अकाउंटिंग एप्लिकेशन लॉन्च किया। यह लॉन्च अमरावती में राज्य सचिवालय में हुआ, जो टेक्नोलॉजी-आधारित शासन पर आंध्र प्रदेश के फोकस को दिखाता है।
इस पहल का मकसद जटिल सॉफ्टवेयर इंटरफेस के बजाय बोली जाने वाली स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल करके छोटे व्यवसायों के लिए अकाउंटिंग प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
पिल्लू AI क्या है
पिल्लू AI एक AI-पावर्ड वॉइस-बेस्ड अकाउंटिंग एजेंट है जिसे रोज़मर्रा के बिजनेस इस्तेमाल के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह यूज़र्स को सिर्फ़ बोलकर इनवॉइस बनाने, ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड करने और फाइनेंशियल स्टेटमेंट जेनरेट करने में मदद करता है। इससे पहले से अकाउंटिंग के ज्ञान की ज़रूरत खत्म हो जाती है, जिससे फाइनेंशियल मैनेजमेंट ज़्यादा सुलभ हो जाता है।
यह ऐप सामान्य बोलचाल को स्ट्रक्चर्ड अकाउंटिंग एंट्री में बदल देता है। यह तरीका सीधे माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा सामना की जाने वाली डिजिटल साक्षरता की कमियों को दूर करता है।
एप्लिकेशन की मुख्य विशेषताएँ
पिल्लू AI पाँच भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे क्षेत्रीय यूज़र्स के लिए पहुँच बेहतर होती है। रोज़ाना की बिक्री, खरीद और पेमेंट को वॉइस कमांड के ज़रिए रिकॉर्ड किया जा सकता है। यूज़र्स ऑटोमैटिक डेटा निकालने के लिए बिल और बैंक स्टेटमेंट भी अपलोड कर सकते हैं।
AI-संचालित प्रोसेसिंग बैलेंस शीट और रिपोर्ट को तुरंत बनाने में मदद करती है। इससे मैनुअल गलतियाँ कम होती हैं और बहीखाता गतिविधियों में काफी समय बचता है।
स्टैटिक GK तथ्य: अकाउंटिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशन आमतौर पर बोलचाल को स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल डेटा में बदलने के लिए नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) का इस्तेमाल करते हैं।
MSMEs और छोटे उद्यमियों के लिए फायदे
यह एप्लिकेशन औपचारिक अकाउंटिंग सिस्टम में प्रवेश की बाधा को काफी कम करता है। माइक्रो एंटरप्राइज़, दुकानदार और पहली बार के उद्यमी पेशेवर अकाउंटेंट के बिना भी सही फाइनेंशियल रिकॉर्ड रख सकते हैं। इससे जमीनी स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन में सुधार होता है।
सटीक रिकॉर्ड क्रेडिट तत्परता को बढ़ाते हैं, जिससे बैंक लोन और सरकारी योजनाओं तक पहुँचना आसान हो जाता है। यह पहल MSME डिजिटलीकरण और औपचारिकीकरण के भारत के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।
स्टैटिक GK टिप: भारत में MSMEs को निवेश और वार्षिक टर्नओवर सीमाओं के आधार पर परिभाषित किया गया है, जैसा कि माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के तहत संशोधित किया गया है।
शासन और डिजिटल समावेशन का दृष्टिकोण
लॉन्च के समय, मुख्यमंत्री ने वॉइस कमांड के ज़रिए एक इनवॉइस जेनरेट करके ऐप का डेमो दिया। इस डेमो ने दिखाया कि बोलचाल की भाषा को रियल-टाइम बिजनेस कार्यों में कैसे बदला जा सकता है। ऐसे टूल्स ट्रांसपेरेंसी और कम्प्लायंस को बेहतर बनाकर डिजिटल गवर्नेंस में भरोसा बढ़ाते हैं।
यह पहल आंध्र प्रदेश के टेक्नोलॉजी के नेतृत्व वाली आर्थिक ग्रोथ पर ज़ोर को दिखाती है। यह गैर-अंग्रेजी बोलने वाले बिज़नेस मालिकों को सशक्त बनाकर समावेशी विकास को भी सपोर्ट करती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: आंध्र प्रदेश ने सर्विस डिलीवरी और प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने के लिए लगातार ई-गवर्नेंस पहलों को बढ़ावा दिया है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| ऐप का नाम | पिल्लू एआई (Pilloo AI) |
| लॉन्च की तिथि | 2 फ़रवरी 2026 |
| लॉन्च करने वाले | आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री |
| मुख्य कार्य | वॉइस-आधारित बिलिंग और लेखांकन |
| लक्षित उपयोगकर्ता | MSMEs, दुकानदार, छोटे उद्यमी |
| भाषा समर्थन | पाँच भारतीय भाषाएँ |
| प्रयुक्त तकनीक | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और NLP |
| प्रमुख लाभ | वित्तीय पारदर्शिता और समावेशन में सुधार |





