इस पहल के बारे में
“20 Cities Towards Zero Waste” (शून्य अपशिष्ट की ओर 20 शहर) पहल एक वैश्विक कार्यक्रम है जो सतत शहरी अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देता है। इसका नेतृत्व UN महासचिव का ‘ज़ीरो वेस्ट पर सलाहकार बोर्ड‘ करता है, जिसे UNEP और UN-Habitat का समर्थन प्राप्त है। यह पहल उन शहरों को मान्यता देती है जो अपशिष्ट उत्पादन को कम करने और संसाधन दक्षता में सुधार के लिए अभिनव रणनीतियाँ अपनाते हैं। यह सर्कुलर इकॉनमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) मॉडल की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करती है। स्टेटिक GK तथ्य: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना 1972 में हुई थी और इसका मुख्यालय केन्या के नैरोबी में है।
वरकला का शामिल होना
केरल का एक तटीय शहर, वरकला, इस पहल के तहत चुने गए 20 वैश्विक शहरों में से एक है। यह सतत शहरी शासन पर भारत के बढ़ते फोकस को उजागर करता है। यह शहर अपशिष्ट पृथक्करण, प्लास्टिक में कमी और सामुदायिक भागीदारी जैसी पर्यावरण–अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के लिए जाना जाता है। इसके शामिल होने से इसे एक वैश्विक स्थिरता मंच पर जगह मिली है। स्टेटिक GK टिप: केरल भारतीय राज्यों में अपने उच्च मानव विकास सूचकांक (HDI) के लिए जाना जाता है।
मुख्य उद्देश्य
इस पहल का उद्देश्य अपशिष्ट प्रबंधन में नवाचार को बढ़ावा देना और नेतृत्व का प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देना है। यह विभिन्न देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर केंद्रित है। एक प्रमुख उद्देश्य सर्कुलर इकॉनमी के सिद्धांतों को लागू करना है, जहाँ अपशिष्ट को न्यूनतम किया जाता है और सामग्रियों का पुन: उपयोग किया जाता है। इससे लैंडफिल पर निर्भरता कम होती है और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है। यह कार्यक्रम पर्यावरणीय चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को भी प्रोत्साहित करता है। स्टेटिक GK तथ्य: सर्कुलर इकॉनमी की अवधारणा ‘कम करें, पुन: उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें‘ (reduce, reuse, and recycle) के सिद्धांतों पर केंद्रित है।
भारत के लिए महत्व
वरकला का चयन सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में भारत की भूमिका को मजबूत करता है। यह शहरी पर्यावरणीय प्रबंधन में हुई प्रगति को दर्शाता है। यह पहल वैश्विक स्थिरता प्रयासों में योगदानकर्ता के रूप में भारत की छवि को बेहतर बनाती है। यह अन्य भारतीय शहरों को भी ‘ज़ीरो–वेस्ट‘ रणनीतियाँ अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। इस तरह की मान्यता पर्यावरण–अनुकूल स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटन विकास में सहायता करती है। यह स्थानीय शासन और सामुदायिक जागरूकता में भी सुधार करती है। स्टेटिक GK टिप: SDG 11 शहरों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और सतत बनाने पर केंद्रित है।
UNEP की भूमिका
UNEP पर्यावरणीय मुद्दों पर अग्रणी वैश्विक प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है। यह पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं का समन्वय करता है। यह ‘जैव विविधता पर कन्वेंशन‘ (CBD) और CITES जैसी संधियों का समर्थन करता है। यह ‘ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक‘ जैसी रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है। ‘ज़ीरो–वेस्ट प्रोग्राम‘ जैसी पहलों के माध्यम से, UNEP दुनिया भर में सतत विकास को बढ़ावा देता है। स्टेटिक GK तथ्य: CITES लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को विनियमित करता है।
चुनौतियाँ और आगे की राह
प्रगति के बावजूद, बुनियादी ढांचे में कमी और जन जागरूकता जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। कचरे के प्रभावी पृथक्करण और पुनर्चक्रण के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। भारत को प्रौद्योगिकी, जागरूकता अभियानों और नीति कार्यान्वयन में निवेश करना चाहिए। दीर्घकालिक सफलता के लिए स्थानीय शासन को मजबूत बनाना अनिवार्य है। लगातार प्रयासों के साथ, वरकला जैसे शहर भारत को ‘ज़ीरो–वेस्ट‘ भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| पहल का नाम | 20 शहर शून्य कचरे की ओर |
| प्रमुख निकाय | संयुक्त राष्ट्र महासचिव की सलाहकार बोर्ड |
| सहयोगी एजेंसियाँ | UNEP और UN-Habitat |
| चयनित भारतीय शहर | वर्कला, केरल |
| प्रमुख अवधारणा | परिपत्र अर्थव्यवस्था और कचरा कमी |
| वैश्विक फोकस | सतत शहरी विकास |
| संबंधित SDG | SDG 11 – सतत शहर |
| UNEP की भूमिका | वैश्विक पर्यावरणीय शासन |





