समिट की पृष्ठभूमि
उमैजिनTN 2026 तमिलनाडु के प्रमुख ग्लोबल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन समिट का चौथा संस्करण था।
यह कार्यक्रम चेन्नई में आयोजित किया गया था, जिसने दक्षिण भारत में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी और पॉलिसी हब के रूप में शहर की भूमिका को मज़बूत किया।
यह समिट इनोवेटर्स, स्टार्ट-अप्स, निवेशकों, पॉलिसी बनाने वालों और ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स के लिए एक मिलन मंच के रूप में काम करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु में टेक्नोलॉजी के नेतृत्व वाली आर्थिक विकास को तेज़ करना है।
स्टेटिक जीके तथ्य: चेन्नई भारत के सबसे पुराने मेट्रो शहरों में से एक है और तमिलनाडु की प्रशासनिक राजधानी है।
विज़न और रणनीतिक उद्देश्य
यह समिट उभरती हुई टेक्नोलॉजी को गवर्नेंस और औद्योगिक विकास के साथ जोड़ने पर केंद्रित है।
यह इनोवेशन को पायलट या प्रोटोटाइप चरण में रहने के बजाय बड़े पैमाने पर आर्थिक परिणामों में बदलने का प्रयास करता है।
पॉलिसी समर्थित इनोवेशन पर प्रमुख ज़ोर दिया जाता है, जहाँ सरकारी समर्थन एक उत्प्रेरक भूमिका निभाता है।
यह औद्योगिक शक्ति को डिजिटल परिवर्तन के साथ जोड़ने की तमिलनाडु की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।
स्टेटिक जीके टिप: तमिलनाडु विनिर्माण उत्पादन और औद्योगिक रोज़गार के मामले में भारत के शीर्ष राज्यों में से एक है।
फ्रंटियर टेक्नोलॉजी पर फोकस
उमैजिनTN 2026 का मुख्य विषय भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली फ्रंटियर टेक्नोलॉजी के इर्द-गिर्द घूमता है।
इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और AVGC-XR शामिल हैं।
AVGC-XR में एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी शामिल हैं, जो उच्च वैश्विक मांग वाले क्षेत्र हैं।
इन क्षेत्रों को बढ़ावा देकर, राज्य मुख्य डिजिटल क्षेत्रों के साथ-साथ रचनात्मक टेक्नोलॉजी बाज़ारों में भी अपनी जगह बनाना चाहता है।
डीप टेक और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम
समिट का एक प्रमुख स्तंभ डीप टेक स्टार्ट-अप स्केलिंग है।
डीप टेक उन स्टार्ट-अप्स को संदर्भित करता है जो उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और इंजीनियरिंग इनोवेशन पर आधारित हैं।
यह कार्यक्रम स्टार्ट-अप्स को पूंजी, मेंटरशिप और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचने में सहायता करता है।
यह भारतीय स्टार्ट-अप्स को शुरुआती इनोवेशन चरणों से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तक ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है।
स्टेटिक जीके तथ्य: स्टार्ट-अप इकोसिस्टम तब पनपते हैं जब इनोवेशन, फंडिंग और पॉलिसी समर्थन एक साथ काम करते हैं।
डिजिटल गवर्नेंस और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
UmagineTN 2026 समावेशी विकास के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नींव के रूप में उजागर करता है।
इसमें डिजिटल पहचान सिस्टम, पेमेंट प्लेटफॉर्म और सर्विस डिलीवरी फ्रेमवर्क शामिल हैं।
एक और प्राथमिकता वाला क्षेत्र अगली पीढ़ी का ई-गवर्नेंस है, जिसका लक्ष्य पारदर्शिता और दक्षता में सुधार करना है।
यह समिट बढ़ते डेटा इकोनॉमी पर भी ध्यान देता है, डेटा को एक रणनीतिक आर्थिक संसाधन के रूप में पहचानता है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और आर्थिक प्रभाव
यह समिट ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) पर बहुत ज़्यादा ज़ोर देता है।
GCCs मल्टीनेशनल कंपनियों को भारत में उच्च-मूल्य वाली टेक्नोलॉजी और इनोवेशन ऑपरेशन स्थापित करने में सक्षम बनाते हैं।
तमिलनाडु कुशल प्रतिभा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी स्थिरता प्रदान करके अधिक GCCs को आकर्षित करने का लक्ष्य रखता है।
यह रणनीति रोज़गार सृजन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और निर्यात वृद्धि का समर्थन करती है।
स्टेटिक GK टिप: GCCs भारत के सर्विस निर्यात और उच्च-कुशल नौकरियों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
स्थिर उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| आयोजन | उमैजिन टीएन 2026 |
| संस्करण | चौथा संस्करण |
| स्थान | चेन्नई, तमिलनाडु |
| मुख्य उद्देश्य | प्रौद्योगिकी-आधारित आर्थिक विकास |
| प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ | कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, एवीजीसी-एक्सआर |
| स्टार्टअप फोकस | डीप टेक का विस्तार (स्केलिंग) |
| शासन पहलू | डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और ई-गवर्नेंस |
| आर्थिक रणनीति | वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का संवर्धन |





