इनिशिएटिव के पीछे का विज़न
तमिलनाडु ने चेन्नई में हुए इंडिया ग्लोबल एजुकेशन समिट 2026 के दौरान नॉलेज सिटी इनिशिएटिव की घोषणा की।
यह प्रोजेक्ट राज्य की खुद को ग्लोबल एजुकेशन और इनोवेशन हब के तौर पर स्थापित करने की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी को दिखाता है।
इसका मकसद एजुकेशन, इंडस्ट्री और रिसर्च को एक ही प्लान किए गए इकोसिस्टम में इंटीग्रेट करना है।
यह इनिशिएटिव तमिलनाडु के नॉलेज-ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ के बड़े पैमाने पर प्रयासों से भी जुड़ा है।
इंटरनेशनल एकेडमिक पार्टनरशिप को आकर्षित करके, राज्य हायर एजुकेशन में ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाना चाहता है।
लोकेशन और प्रोजेक्ट स्केल
नॉलेज सिटी चेन्नई के पास तिरुवल्लूर जिले में 872 एकड़ में बसाने की योजना है।
साइट का चुनाव मौजूदा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पोर्ट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के पास होने को पक्का करता है।
यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच आसान कोलेबोरेशन को सपोर्ट करती है।
स्टेटिक GK फैक्ट: तिरुवल्लूर जिला चेन्नई मेट्रोपॉलिटन इन्फ्लुएंस ज़ोन का हिस्सा है और यहां सड़क और रेल कनेक्टिविटी अच्छी है।
ऐसे ज्योग्राफिक फायदे इसे बड़े पैमाने पर नॉलेज और इंडस्ट्रियल क्लस्टर के लिए सही बनाते हैं।
इंटीग्रेटेड एकेडमिक-इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम
नॉलेज सिटी को एक स्टैंडअलोन एजुकेशन पार्क के बजाय एक एकेडमिक-इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के तौर पर डिज़ाइन किया गया है।
इसमें एक ही ज़ोन में यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इनोवेशन लैब और इंडस्ट्रियल फैसिलिटी होंगी।
इस इंटीग्रेशन से रिसर्च आउटपुट और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच का अंतर कम होने की उम्मीद है।
इकोसिस्टम एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन टेक्नोलॉजी और हाई-एंड रिसर्च डोमेन पर फोकस करेगा।
एंटरप्रेन्योरशिप स्पेस और इनक्यूबेशन सेंटर एकेडमिक रिसर्च से उभरने वाले स्टार्ट-अप को सपोर्ट करेंगे।
इंटरनेशनल एजुकेशन टाई-अप
इस पहल की एक खास बात इंटरनेशनल एजुकेशन टाई-अप पर जोर देना है।
ग्लोबल यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूशन से करिकुलम डिजाइन और जॉइंट रिसर्च पर मिलकर काम करने की उम्मीद है।
ऐसी पार्टनरशिप का मकसद एकेडमिक स्टैंडर्ड को बढ़ाना और तमिलनाडु के इंस्टीट्यूशन की ग्लोबल पहचान को बेहतर बनाना है।
स्टैटिक GK टिप: इंटरनेशनल एकेडमिक कोलेबोरेशन से अक्सर स्टूडेंट एक्सचेंज, डुअल डिग्री और जॉइंट पेटेंट में मदद मिलती है।
इन नतीजों से होस्ट इंस्टीट्यूशन की रैंकिंग और रिसर्च पर असर बेहतर होता है।
इम्प्लीमेंटेशन टाइमलाइन और फेज़
प्लान्ड और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पक्का करने के लिए प्रोजेक्ट को फेज़ में इम्प्लीमेंट किया जाएगा।
नॉलेज सिटी का पहला फेज़ 2026 के आखिर तक अलॉटमेंट के लिए तैयार होने की उम्मीद है।
यह फेज़ कोर एकेडमिक और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करेगा।
इसके बाद के फेज़ में इंडस्ट्रियल फैसिलिटी, इनोवेशन हब और रेजिडेंशियल सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाया जाएगा।
फेज़ में इम्प्लीमेंटेशन से ग्लोबल एजुकेशन ट्रेंड के आधार पर इंस्टीट्यूशन को अट्रैक्ट करने में फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।
ह्यूमन कैपिटल और लॉन्ग-टर्म असर
लॉन्ग टर्म में, नॉलेज सिटी से 25,000 से ज़्यादा स्टूडेंट और रिसर्चर को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
टैलेंट के इस कंसंट्रेशन से तमिलनाडु का ह्यूमन कैपिटल बेस मजबूत होने की संभावना है।
इससे एजुकेशन, रिसर्च और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सेक्टर में रोजगार के मौके भी बनेंगे।
स्टैटिक GK फैक्ट: तमिलनाडु भारतीय राज्यों में हायर एजुकेशन में ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो में लगातार हाई रैंक पर रहा है। नॉलेज सिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड हासिल करने के लिए इस मज़बूत एजुकेशनल बुनियाद पर काम कर रही है।
तमिलनाडु के लिए बड़ा महत्व
यह पहल तमिलनाडु की मौजूदा इंडस्ट्रियल और इनोवेशन पॉलिसी को पूरा करती है।
एजुकेशन को सीधे इंडस्ट्री की ज़रूरतों से जोड़कर, यह भविष्य की टेक्नोलॉजी के साथ स्किल डेवलपमेंट को सपोर्ट करती है।
नॉलेज सिटी से भारत की नॉलेज इकॉनमी में राज्य की भूमिका को बढ़ाने की उम्मीद है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| परियोजना का नाम | नॉलेज सिटी पहल |
| घोषणा मंच | इंडिया ग्लोबल एजुकेशन समिट 2026 |
| स्थान | तिरुवल्लूर ज़िला, तमिलनाडु |
| कुल क्षेत्रफल | 872 एकड़ |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | उच्च शिक्षा, अनुसंधान, उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी |
| इकोसिस्टम प्रकार | एकीकृत शैक्षणिक–औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र |
| प्रथम चरण समयरेखा | 2026 के अंत तक आवंटन |
| लाभार्थी | 25,000 से अधिक छात्र और शोधकर्ता |
| रणनीतिक उद्देश्य | वैश्विक शिक्षा और नवाचार केंद्र |
| दीर्घकालिक प्रभाव | सुदृढ़ मानव पूंजी और ज्ञान-आधारित विकास |





