अवार्ड्स की घोषणा
तमिलनाडु सरकार ने ऑफिशियली साल 2016 से 2022 के लिए तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड्स की घोषणा की, जो तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बेहतरीन काम को पहचान देते हैं। ये अवार्ड्स उन एक्टर्स, डायरेक्टर्स और फिल्मों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने एक मजबूत आर्टिस्टिक और सोशल इम्पैक्ट डाला है। इस घोषणा ने एक लंबे गैप को पूरा किया, क्योंकि कई सालों से अवार्ड्स पेंडिंग थे।
इन अवार्ड्स को कॉलीवुड, तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सबसे बड़ी पहचानों में से एक माना जाता है। ये उन योगदानों को हाईलाइट करते हैं जो सिनेमा की क्वालिटी, स्टोरीटेलिंग और कल्चरल वैल्यूज़ को बढ़ावा देते हैं। विजेताओं को परफॉर्मेंस, डायरेक्शन और ओवरऑल सिनेमैटिक बेहतरीन के आधार पर चुना गया था।
स्टेटिक GK फैक्ट: तमिल फिल्म इंडस्ट्री, जिसे आमतौर पर कॉलीवुड के नाम से जाना जाता है, का हेडक्वार्टर चेन्नई, तमिलनाडु में है।
बेस्ट एक्टर अवॉर्ड विनर
इन सालों में कई जाने-माने एक्टर्स को उनकी शानदार परफॉर्मेंस के लिए पहचान मिली। विनर्स में विजय सेतुपति, कीर्ति सुरेश, कार्थी, नयनतारा, धनुष, ज्योतिका, सूर्या, अपर्णा बालमुरली, आर्या, लिजोमोल जोस, विक्रम प्रभु और साई पल्लवी शामिल हैं।
इन एक्टर्स को सोशल ड्रामा, बायोग्राफिकल फिल्मों और रियलिस्टिक सिनेमा जैसे अलग-अलग जॉनर में दमदार रोल निभाने के लिए सम्मानित किया गया। उनकी परफॉर्मेंस ने तमिल सिनेमा के आर्टिस्टिक स्टैंडर्ड को ऊपर उठाने में मदद की। अवॉर्ड्स ने जाने-माने स्टार्स और उभरते हुए टैलेंट्स, दोनों को पहचान दी।
स्टेटिक GK टिप: नयनतारा को उनकी लगातार कमर्शियल और क्रिटिकल सक्सेस की वजह से तमिल सिनेमा की “लेडी सुपरस्टार” के तौर पर जाना जाता है।
बेस्ट फिल्म अवॉर्ड विनर
कई क्रिटिकली क्लेम्ड फिल्मों को अपने-अपने साल के लिए बेस्ट फिल्म अवॉर्ड मिला। इनमें मानागरम, आराम, परियेरुम पेरुमल, असुरन, कूझंगल, जय भीम और गार्गी शामिल हैं।
इन फिल्मों ने जस्टिस, कास्ट डिस्क्रिमिनेशन, ह्यूमन राइट्स और सोशल इक्वालिटी जैसे ज़रूरी सोशल टॉपिक पर बात की। उदाहरण के लिए, सूर्या स्टारर जय भीम ने आदिवासी अधिकारों और कानूनी न्याय पर फोकस किया, जिसे नेशनल और इंटरनेशनल पहचान मिली। इसी तरह, धनुष स्टारर असुरन ने ग्रामीण उत्पीड़न और विरोध को दिखाया।
ऐसी फिल्मों ने सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी कहने के प्लेटफॉर्म के रूप में तमिल सिनेमा की रेप्युटेशन को मजबूत करने में योगदान दिया।
बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड विजेता
बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड दूरदर्शी फिल्ममेकर्स को दिए गए, जिनमें लोकेश कनगराज, पुष्कर–गायत्री, मारी सेल्वराज, आर. पार्थिबन, सुधा कोंगारा, टी.जे. ज्ञानवेल और गौतम रामचंद्रन शामिल थे।
इन डायरेक्टर्स ने नई कहानी कहने की तकनीक और रियलिस्टिक कहानियां पेश कीं। उदाहरण के लिए, मारी सेल्वराज को जाति-आधारित सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए पहचान मिली, जबकि सुधा कोंगारा ने प्रेरणा देने वाली बायोग्राफिकल कहानी कहने के लिए तारीफ पाई।
उनके काम ने तमिल सिनेमा को क्रिटिक्स की तारीफ और बड़े पैमाने पर दर्शकों की तारीफ दोनों दिलाई।
स्टेटिक GK फैक्ट: तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स पहली बार 1967 में तमिलनाडु सरकार ने रीजनल सिनेमा में कलात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए थे।
अवार्ड्स का महत्व
तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स सिनेमा में आर्टिस्टिक एक्सीलेंस और सोशल ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ़ एंटरटेनमेंट वैल्यू को पहचानते हैं, बल्कि मतलब वाली कहानी कहने को भी पहचानते हैं।
ये अवॉर्ड्स एक्टर्स, डायरेक्टर्स और टेक्नीशियंस को अच्छी फ़िल्में बनाने के लिए मोटिवेट करने में मदद करते हैं। ये सिनेमा के ज़रिए तमिलनाडु की कल्चरल पहचान को भी मज़बूत करते हैं।
स्टैटिक उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| पुरस्कार का नाम | तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार |
| घोषणा अवधि | वर्ष 2016 से 2022 के लिए पुरस्कार घोषित |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेता विजेता | विजय सेतुपति, कीर्ति सुरेश, कार्थी, नयनतारा, धनुष, ज्योतिका, सूर्या, अपर्णा बालमुरली, आर्या, लिजोमोल जोसे, विक्रम प्रभु, साई पल्लवी |
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म विजेता | मानगरम, अरम, परिये़रुम पेरुमाल, असुरन, कूझंगल, जय भीम, गार्गी |
| सर्वश्रेष्ठ निर्देशक विजेता | लोकेश कनगराज, पुष्कर–गायत्री, मारी सेल्वराज, आर. पार्थिबन, सुधा कोंगरा, टी.जे. ज्ञानवेल, गौतम रामचंद्रन |
| आयोजनकर्ता | तमिलनाडु सरकार |
| प्रथम स्थापना | 1967 |
| फिल्म उद्योग का स्थान | चेन्नई, तमिलनाडु |
| उद्योग का नाम | कॉलीवुड |





