पृष्ठभूमि और लॉन्च
AI तैयारी के लिए स्किलिंग (SOAR) स्किल इंडिया मिशन के तहत जुलाई 2025 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय स्तर की स्किलिंग पहल है।
यह कार्यक्रम कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा संचालित है और भविष्य के लिए तैयार मानव पूंजी की दिशा में भारत के प्रयास को दर्शाता है।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियों, शासन और सेवा वितरण को नया आकार दे रहा है।
SOAR का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि AI साक्षरता उच्च शिक्षा या विशेष पेशेवरों तक सीमित रहने के बजाय जल्दी शुरू हो।
दृष्टि और मुख्य उद्देश्य
SOAR का मुख्य उद्देश्य भारत के शिक्षा और स्किलिंग इकोसिस्टम में AI दक्षताओं को एकीकृत करना है।
यह मूलभूत AI समझ, नैतिक जागरूकता और व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल विकसित करने पर केंद्रित है।
केवल AI इंजीनियरों का उत्पादन करने के बजाय, यह कार्यक्रम AI-तैयार नागरिकों को लक्षित करता है जो प्रौद्योगिकी-संचालित कार्यस्थलों के अनुकूल हो सकें।
यह भारत के जनसांख्यिकीय लाभ और स्कूली उम्र की आबादी को अपस्किल करने की आवश्यकता के अनुरूप है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जिसमें 65% से अधिक नागरिक 35 वर्ष से कम उम्र के हैं।
कवर किए गए लक्षित समूह
SOAR का एक स्पष्ट रूप से परिभाषित लाभार्थी आधार है।
यह कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों को लक्षित करता है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों स्कूल शामिल हैं।
इसके अलावा, कार्यक्रम में शिक्षक और प्रशिक्षक शामिल हैं, यह मानते हुए कि प्रभावी AI सीखने के लिए प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की आवश्यकता होती है।
शिक्षक क्षमता निर्माण स्कूलों में AI शिक्षा की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करता है।
छात्रों और शिक्षकों पर यह दोहरा ध्यान SOAR को पहले के डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से अलग करता है।
संरचना और सीखने का दृष्टिकोण
यह कार्यक्रम उम्र के अनुसार उपयुक्त AI मॉड्यूल पेश करता है, जो बुनियादी अवधारणाओं से लेकर वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों तक प्रगति करता है।
छात्रों को जटिल कोडिंग के बजाय डेटा सोच, एल्गोरिदम और जिम्मेदार AI उपयोग से परिचित कराया जाता है।
शिक्षकों को संरचित प्रशिक्षण और प्रमाणन प्राप्त होता है, जिससे वे AI अवधारणाओं को नियमित कक्षा शिक्षण में एकीकृत कर पाते हैं।
जोर व्यावहारिक शिक्षा, आलोचनात्मक सोच और प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग पर है।
स्टेटिक जीके टिप: उभरती प्रौद्योगिकियों के शुरुआती संपर्क से छात्रों में संज्ञानात्मक अनुकूलन क्षमता और करियर की तैयारी में सुधार होता है।
भारत के राष्ट्रपति की भूमिका
SOAR की एक मुख्य बात यह है कि भारत के राष्ट्रपति इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और AI सर्टिफिकेट देंगे।
यह उच्च-स्तरीय संवैधानिक उपस्थिति AI स्किलिंग के राष्ट्रीय महत्व को दिखाती है।
यह भागीदारी प्रतीकात्मक रूप से AI शिक्षा को साक्षरता और डिजिटल समावेशन की तरह एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाती है।
यह कार्यक्रम की राज्यों और संस्थानों में पहचान और विश्वसनीयता भी बढ़ाता है।
भारत के वर्कफोर्स के लिए महत्व
SOAR सीधे भारत के भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने के लक्ष्य में योगदान देता है।
AI-स्किल्ड छात्र हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा, कृषि और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।
यह कार्यक्रम स्किल की कमी को कम करते हुए, भारत की ग्लोबल AI टैलेंट हब बनने की महत्वाकांक्षा को भी सपोर्ट करता है।
स्कूल स्तर से शुरू करके, SOAR सिर्फ़ शॉर्ट-टर्म रोज़गार की ज़रूरतों को ही नहीं, बल्कि स्किल पाइपलाइन को भी संबोधित करता है।
स्टैटिक GK तथ्य: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बिजली और इंटरनेट की तरह विश्व स्तर पर एक जनरल-पर्पस टेक्नोलॉजी के रूप में मान्यता प्राप्त है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय | विवरण |
| समझौते का नाम | भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता |
| हस्ताक्षर वर्ष | 2022 |
| व्यापार लक्ष्य | पाँच वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना |
| द्विपक्षीय व्यापार मूल्य | FY25 में US$ 24.1 अरब |
| प्रमुख भारतीय निर्यात | पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, औषधियाँ |
| प्रमुख भारतीय आयात | कोयला, सोना, महत्वपूर्ण खनिज |
| सेवाओं से लाभ | भारतीय छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीज़ा की अवधि में विस्तार |
| रणनीतिक प्रभाव | इंडो–पैसिफिक क्षेत्र तथा QUAD सहयोग को सुदृढ़ करता है |





