सेवा तीर्थ का लॉन्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में सेवा तीर्थ एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया, जो भारत के गवर्नेंस मॉडर्नाइज़ेशन में एक बड़ा कदम है। इस कॉम्प्लेक्स में अब प्राइम मिनिस्टर ऑफिस (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS), और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट एक ही कैंपस में हैं।
इस पहल का मकसद अहम फैसले लेने वाली बॉडीज़ के बीच कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाना और एडमिनिस्ट्रेटिव देरी को कम करना है। यह कॉम्प्लेक्स “नागरिकों देवो भव” के सिद्धांत को बढ़ावा देता है, जिसका मतलब है कि गवर्नेंस में नागरिकों को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जाती है।
स्टैटिक GK फैक्ट: प्राइम मिनिस्टर ऑफिस (PMO) चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिस है जो पॉलिसी फैसलों और एडमिनिस्ट्रेशन में प्रधानमंत्री की मदद करता है।
13 फरवरी का ऐतिहासिक महत्व
इस उद्घाटन की तारीख का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि ब्रिटिश शासन के दौरान 13 फरवरी, 1931 को नई दिल्ली को आधिकारिक तौर पर भारत की राजधानी घोषित किया गया था। साल 2026 में नई दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी बनने की 95वीं सालगिरह होगी।
इस तारीख को चुनकर, सरकार ने प्रतीकात्मक रूप से भारत की प्रशासनिक विरासत को उसके आधुनिक शासन सुधारों से जोड़ा है।
स्टेटिक GK टिप: 1911 में कलकत्ता (कोलकाता) की जगह नई दिल्ली भारत की राजधानी बनी, और शहर का औपचारिक उद्घाटन 1931 में हुआ।
कर्तव्य भवन और मंत्रालयों का एकीकरण
सेवा तीर्थ के साथ, प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 का उद्घाटन किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण मंत्रालय होंगे। इनमें वित्त, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय, कृषि और कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय शामिल हैं।
इस एकीकरण से मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर होता है और प्रशासनिक कुशलता बढ़ती है। यह पहल सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका मकसद भारत के एडमिनिस्ट्रेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का रिलोकेशन
PMO को वायु भवन के पास एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में मौजूद सेवा तीर्थ-1 में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले, PMO ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक से काम करता था।
नए कैंपस में तीन बिल्डिंग हैं:
• सेवा तीर्थ-1 – जिसमें PMO है
• सेवा तीर्थ-2 – जिसमें कैबिनेट सेक्रेटेरिएट है
• सेवा तीर्थ-3 – जिसमें NSCS और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर हैं
यह इंटीग्रेटेड सेटअप सिक्योरिटी, कोऑर्डिनेशन और एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी को मजबूत करता है।
स्टेटिक GK फैक्ट: नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की सहायता करता है।
साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का ट्रांसफॉर्मेशन
1931 में बनी ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक बिल्डिंग को युगे युगीन भारत नेशनल म्यूजियम में बदला जाएगा। यह म्यूजियम भारत की सिविलाइजेशनल, पॉलिटिकल और कल्चरल जर्नी को दिखाएगा।
यह बदलाव पुराने स्ट्रक्चर को बचाकर रखता है और उन्हें मॉडर्न मकसद के हिसाब से ढालता है।
स्टेटिक GK टिप: साउथ ब्लॉक में पहले PMO, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय थे।
मॉडर्न सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की खासियतें
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में डिजिटल इंटीग्रेशन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम और सेंट्रलाइज़्ड कोऑर्डिनेशन ज़ोन जैसे एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यह 4-स्टार GRIHA एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड को पूरा करता है, जिससे सस्टेनेबिलिटी और एनर्जी एफिशिएंसी पक्की होती है।
कॉम्प्लेक्स में इंडिया हाउस भी शामिल है, जो इंटरनेशनल डेलीगेशन और ऑफिशियल मीटिंग की मेज़बानी के लिए एक जगह के तौर पर काम करेगा।
एडमिनिस्ट्रेटिव और गवर्नेंस का महत्व
सेवा तीर्थ का उद्घाटन इंटीग्रेटेड गवर्नेंस, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन और बेहतर एफिशिएंसी की ओर एक बड़ा बदलाव दिखाता है। यह पुराने ज़माने के इंस्टीट्यूशन से मॉडर्न, नागरिक–केंद्रित गवर्नेंस की ओर एक सिंबॉलिक बदलाव को भी दर्शाता है।
यह डेवलपमेंट भारत के लंबे समय के लक्ष्य—कुशल एडमिनिस्ट्रेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत पॉलिसी कोऑर्डिनेशन—के साथ मेल खाता है।
स्टैटिक उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| सेवा तीर्थ उद्घाटन तिथि | 13 फरवरी 2026 |
| स्थान | एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव, नई दिल्ली |
| स्थानांतरित प्रमुख कार्यालय | पीएमओ, मंत्रिमंडल सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय |
| उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री | Narendra Modi |
| कर्तव्य भवन का उद्देश्य | अनेक केंद्रीय मंत्रालयों को एक ही परिसर में स्थापित करना |
| ऐतिहासिक महत्व | नई दिल्ली के राजधानी बनने के 95 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक |
| पुराने प्रशासनिक भवन | साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक |
| साउथ ब्लॉक का भविष्य उपयोग | युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय |
| सततता मानक | 4-स्टार गृहा रेटिंग |
| शासन उद्देश्य | एकीकृत और दक्ष प्रशासन |





