ऐतिहासिक दोहरी उपलब्धि
भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है —
$100 बिलियन मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और ₹100 ट्रिलियन (₹100 लाख करोड़) कुल कारोबार का आंकड़ा पार किया है।
यह उपलब्धि वैश्विक वित्तीय परिदृश्य पर भारत के बैंकिंग क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
Static GK Fact: SBI की स्थापना 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया से हुई थी। यह भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है।
$100 बिलियन क्लब में प्रवेश
Q2 FY26 में मजबूत वित्तीय परिणामों के बाद SBI के शेयरों में तेजी आई, जिससे बैंक $100 बिलियन मार्केट-कैप क्लब में शामिल हो गया।
अब यह बैंक रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और TCS जैसे भारतीय दिग्गजों के साथ-साथ प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों की श्रेणी में शामिल है।
यह निवेशकों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बढ़ते विश्वास का संकेत है।
कुल कारोबार ₹100 ट्रिलियन से अधिक
SBI का कुल कारोबार — जिसमें अग्रिम (Advances) और जमा (Deposits) शामिल हैं — ऐतिहासिक स्तर ₹100 ट्रिलियन को पार कर गया है।
- कुल अग्रिम: ₹44.2 लाख करोड़
- कुल जमा: ₹55.9 लाख करोड़
यह पैमाना SBI की भूमिका को भारत की बैंकिंग प्रणाली की रीढ़ के रूप में स्थापित करता है, जो देशभर में 22,000 से अधिक शाखाओं के माध्यम से लाखों ग्राहकों को सेवा देता है।
Static GK Tip: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने SBI को Domestic Systemically Important Bank (D-SIB) घोषित किया है — यानी यह बैंक “Too Big to Fail” श्रेणी में आता है।
विकास के प्रमुख कारण
मजबूत ऋण वृद्धि (Credit Growth):
SBI ने 12.7% वार्षिक क्रेडिट ग्रोथ दर्ज की, जिसमें खुदरा, लघु उद्योग (SME) और कृषि ऋण प्रमुख रहे।
त्योहारी मांग और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने वितरण गति को और बढ़ाया।
उत्कृष्ट वित्तीय प्रदर्शन:
बैंक ने Q2 FY26 में 10% शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की।
सकल एनपीए में कमी और लागत दक्षता (Cost Efficiency) पर ध्यान देने से नतीजे बेहतर रहे।
डिजिटल परिवर्तन पर फोकस ने ग्राहक अनुभव और संचालन क्षमता को मजबूत किया है।
निवेशक विश्वास और वैश्विक स्थिति
रिटर्न ऑन इक्विटी, स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता, और नियमित लाभांश नीति ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों ने भी SBI को वैश्विक शीर्ष वित्तीय संस्थानों की पंक्ति में ला खड़ा किया है।
Static GK Fact: वर्तमान में SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी हैं, जिन्होंने 2025 में दिनेश कुमार खारा का स्थान लिया।
भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्व
SBI की यह उपलब्धि न केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि भारत की वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण भी देती है।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, डिजिटल बैंकिंग नेतृत्व और मजबूत नीतियों के साथ SBI, भारत के $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
Static Usthadian Current Affairs Table
| विषय (Topic) | विवरण (Detail) |
| स्थापना | 1 जुलाई 1955 (इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया से) |
| मुख्यालय | मुंबई, महाराष्ट्र |
| चेयरमैन | चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी |
| मार्केट कैपिटलाइज़ेशन | $100 बिलियन से अधिक |
| कुल कारोबार | ₹100 ट्रिलियन से अधिक |
| कुल अग्रिम | ₹44.2 लाख करोड़ |
| कुल जमा | ₹55.9 लाख करोड़ |
| शाखा नेटवर्क | 22,000 से अधिक शाखाएँ |
| D-SIB स्थिति | RBI द्वारा नामित |
| प्रमुख वृद्धि कारक | FY26 में 12.7% क्रेडिट ग्रोथ |





