अभ्यास की पृष्ठभूमि
आपदा और आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारी को मजबूत करने के लिए जनवरी 2026 में अभ्यास सांझा शक्ति आयोजित किया गया था। यह अभ्यास भारतीय सेना द्वारा दक्षिणी कमान के तहत आयोजित किया गया था।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों और नागरिक अधिकारियों के बीच सहयोग में सुधार करना था। प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के दौरान ऐसा समन्वय महत्वपूर्ण है।
स्टेटिक जीके तथ्य: भारतीय सेना एक कमांड-आधारित संरचना का पालन करती है, जिसमें प्रत्येक कमांड अपने निर्दिष्ट क्षेत्र में परिचालन तत्परता के लिए जिम्मेदार है।
स्थान और परिचालन सेटिंग
यह अभ्यास महाराष्ट्र के पुणे में स्थित दिघी हिल्स रेंज में आयोजित किया गया था। यह इलाका जटिल आपदा और सुरक्षा परिदृश्यों का अनुकरण करने के लिए एक यथार्थवादी वातावरण प्रदान करता है।
दिघी हिल्स का उपयोग पहले भी क्षेत्र-स्तरीय प्रशिक्षण और परिचालन तत्परता अभ्यासों के लिए किया गया है। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से इसकी निकटता इसे सार्वजनिक सुरक्षा प्रतिक्रियाओं के परीक्षण के लिए उपयुक्त बनाती है।
स्टेटिक जीके टिप: पुणे एक प्रमुख रक्षा केंद्र है, जहाँ भारतीय सशस्त्र बलों के कई प्रशिक्षण संस्थान हैं।
भाग लेने वाली एजेंसियां और पैमाना
अभ्यास सांझा शक्ति में 350 से अधिक कर्मियों ने भाग लिया। भारतीय सेना ने 16 नागरिक एजेंसियों के साथ समन्वय किया, जो पूरे सरकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
मुख्य प्रतिभागियों में महाराष्ट्र पुलिस, फोर्स वन, अग्निशमन सेवाएं और आपदा प्रतिक्रिया दल शामिल थे। भागीदारी के पैमाने ने यथार्थवादी अंतर-एजेंसी समन्वय सुनिश्चित किया।
कई एजेंसियों की भागीदारी ने एक एकीकृत कमांड संरचना के तहत कार्य करने की क्षमता का परीक्षण किया। यह वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों के दौरान आवश्यक है जहाँ समय-संवेदनशील निर्णयों की आवश्यकता होती है।
स्टेटिक जीके तथ्य: फोर्स वन महाराष्ट्र की विशेष आतंकवाद विरोधी और त्वरित प्रतिक्रिया इकाई है, जिसका मुख्यालय मुंबई में है।
सांझा शक्ति के मुख्य उद्देश्य
एक प्राथमिक उद्देश्य सैन्य और नागरिक प्रतिक्रियाकर्ताओं के बीच अंतरसंचालनीयता में सुधार करना था। आपात स्थितियों के दौरान स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए संचार प्रोटोकॉल का परीक्षण किया गया।
इस अभ्यास ने दबाव में निर्णय लेने की क्षमताओं का भी मूल्यांकन किया। नकली आपदा परिदृश्यों के लिए त्वरित मूल्यांकन और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता थी।
एक और मुख्य फोकस आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना था। त्वरित तैनाती, निकासी प्रक्रियाओं और सार्वजनिक सुरक्षा उपायों का पूर्वाभ्यास किया गया।
स्टेटिक जीके टिप: अंतरसंचालनीयता का तात्पर्य विभिन्न संगठनों की साझा प्रक्रियाओं और संचार प्रणालियों का उपयोग करके एक साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता से है।
रणनीतिक और सुरक्षा महत्व
एक्सरसाइज सांझा शक्ति महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा एरिया के तहत आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा इंटीग्रेशन पर ज़ोर दिया गया। पीछे के एरिया की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया।
इस ड्रिल ने इस कॉन्सेप्ट को मज़बूत किया कि आपदा प्रतिक्रिया एक संयुक्त ज़िम्मेदारी है। बड़े पैमाने पर इमरजेंसी के दौरान सिविल अधिकारियों को सैन्य सहायता देना बहुत ज़रूरी भूमिका निभाता है।
इस तरह की एक्सरसाइज भारत के मिलिट्री-सिविल फ्यूजन के व्यापक दृष्टिकोण के भी अनुरूप हैं, जहाँ रक्षा संसाधन पारंपरिक युद्ध से परे राष्ट्रीय लचीलेपन का समर्थन करते हैं।
स्टैटिक जीके तथ्य: भारतीय सशस्त्र बलों को बाढ़, चक्रवात और भूकंप के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों के लिए अक्सर तैनात किया जाता है।
स्थिर उस्थादियन करंट अफेयर्स तालिका
| विषय | विवरण |
| अभ्यास का नाम | संझा शक्ति |
| संचालन करने वाला बल | Indian Army |
| कमान | Southern Command |
| स्थान | डिघी हिल्स रेंज, Pune, महाराष्ट्र |
| समय अवधि | जनवरी 2026 |
| सहभागी एजेंसियाँ | भारतीय सेना और 16 नागरिक एजेंसियाँ |
| शामिल कार्मिक | 350 से अधिक |
| मुख्य फोकस | नागरिक–सैन्य समन्वय और आपदा प्रतिक्रिया |
| रणनीतिक महत्व | जन सुरक्षा और अंतर्देशीय (हिंटरलैंड) सुरक्षा |





