समावेशन का उत्सव
अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेयर 2025 का तीसरा संस्करण 10 अक्टूबर 2025 को गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत द्वारा पणजी में उद्घाटित किया गया। यह आयोजन समावेशन पर केंद्रित है, जिसमें दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities – PwDs) की प्रतिभा और उद्यमशीलता को प्रदर्शित किया गया।
स्थैतिक जीके तथ्य: गोवा 25वां भारतीय राज्य है जिसने दिव्यांगजनों के योगदान को उजागर करने वाले प्रमुख समावेशी आयोजनों की मेजबानी की है।
“Celebration of Inclusion, Talent and Empowerment” (समावेशन, प्रतिभा और सशक्तिकरण का उत्सव) थीम भारत की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है जो एक ऐसी समाजिक व्यवस्था की कल्पना करती है जहाँ सुलभता (Accessibility) एक सामान्य बात हो, अपवाद नहीं।
यह उत्सव गरिमा, समानता और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रमुख मंच बन गया है।
सशक्तिकरण और सम्मान
डॉ. सावंत ने दिव्यांगजनों की रचनात्मक क्षमता और समाजिक स्वीकृति के महत्व पर जोर दिया। यह मेला सशक्तिकरण का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि समावेशन केवल नीतियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सोच और दृष्टिकोण का हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अब विकलांगता को देखने का नजरिया बदल रहा है — PwDs अब पेशेवरों, उद्यमियों और राष्ट्रीय विकास में योगदानकर्ताओं के रूप में पहचाने जा रहे हैं।
स्थैतिक जीके तथ्य: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) दिव्यांगजनों के लिए अनेक योजनाओं का संचालन करता है, जिनमें कौशल विकास और उद्यमिता सहायता कार्यक्रम शामिल हैं।
सहयोग और सहभागिता
पर्पल फेयर 2025 का आयोजन राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, सामाजिक कल्याण निदेशालय, और एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
मुख्य सहयोगी संस्थाएँ थीं: DEPwD, NCPEDP, सक्षम्, Bookshare, DAIG, Rising Flame, और यूनाइटेड नेशंस इंडिया।
इस आयोजन में सहायक तकनीक (Assistive Technology), समावेशी शिक्षा और उद्यमिता के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने उत्पादों, सेवाओं और रचनात्मक पहलों का प्रदर्शन किया, जिससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिला।
स्थैतिक जीके टिप: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
प्रमुख विशेषताएँ
पर्पल फेयर अब दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच बन गया है, जिसमें प्रदर्शनियाँ, संवाद सत्र, और सम्मान कार्यक्रम शामिल हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभा, उद्यमिता और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देना है।
स्थैतिक जीके तथ्य: पहला पर्पल फेयर वर्ष 2021 में आयोजित किया गया था, जिसने भारत की वैश्विक स्तर पर विकलांगता समावेशन को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया।
यह उत्सव पूरे भारत में समावेशी आयोजनों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करता है। एनजीओ, सरकारी संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से यह कार्यक्रम भारत की बाधारहित समाज (Barrier-Free Society) की दिशा में मजबूत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
स्थैतिक “Usthadian” वर्तमान घटनाओं की सारणी
| विषय | विवरण |
| आयोजन का नाम | अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेयर 2025 – विविधता का उत्सव |
| संस्करण | तीसरा (3rd) |
| आयोजन तिथि | 10 अक्टूबर 2025 |
| स्थान | पणजी, गोवा |
| मुख्य अतिथि | डॉ. प्रमोद सावंत, मुख्यमंत्री, गोवा |
| आयोजक | राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, सामाजिक कल्याण निदेशालय, एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा |
| प्रमुख साझेदार | DEPwD, NCPEDP, सक्षम्, Bookshare, DAIG, Rising Flame, United Nations India |
| थीम | Celebration of Inclusion, Talent and Empowerment (समावेशन, प्रतिभा और सशक्तिकरण का उत्सव) |
| केंद्रबिंदु | सशक्तिकरण, प्रतिभा, उद्यमिता, सुलभता |
| मंत्रालयीय सहयोग | डॉ. वीरेंद्र कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |





