नवम्बर 30, 2025 5:41 पूर्वाह्न

अंतरिक्ष में प्रोजेक्ट सनकैचर

चालू घटनाएँ: प्रोजेक्ट सनकैचर, गूगल, एआई डेटा सेंटर, सौर ऊर्जा संचालित उपग्रह, निम्न-पृथ्वी कक्षा (LEO), टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU), स्पेस कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, एआई नवाचार, प्रोटोटाइप लॉन्च

Project Suncatcher in Space

गूगल का अंतरिक्ष आधारित एआई की ओर साहसिक कदम

गूगल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को पृथ्वी से परे ले जाने की दिशा में एक अभिनव पहल की है — प्रोजेक्ट सनकैचर”
इस परियोजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा से संचालित उपग्रहों के माध्यम से यह अध्ययन करना है कि अंतरिक्ष में एआई कंप्यूटिंग कैसे कार्य कर सकती है।
यह पहल प्रौद्योगिकी, स्थायित्व और अंतरिक्ष अनुसंधान के बढ़ते संगम का प्रतीक है।

स्थैतिक जीके तथ्य: गूगल की स्थापना 1998 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन द्वारा की गई थी, और इसका मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया में स्थित है।

प्रोजेक्ट सनकैचर की दृष्टि

इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य ऐसे एआई-संचालित उपग्रहों का निर्माण और प्रक्षेपण करना है जो पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए विशाल डेटा का कुशल विश्लेषण कर सकें।
ये उपग्रह लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में संचालित होंगे — यह क्षेत्र पृथ्वी से लगभग 500 से 2,000 किलोमीटर ऊँचाई पर स्थित होता है और अधिकांश आधुनिक संचार उपग्रह इसी कक्षा में काम करते हैं।

परियोजना के तहत छोटे आकार के उपग्रहों का एक समूह (constellation) विकसित किया जाएगा, जिनमें गूगल के टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) लगे होंगे — ये विशेष चिप्स मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग को गति देने के लिए बनाए गए हैं।

स्थैतिक जीके टिप: लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भी स्थित है, जो पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 408 किमी ऊँचाई पर करता है।

सौर ऊर्जा से संचालित कृत्रिम बुद्धिमत्ता

प्रोजेक्ट सनकैचर की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसके उपग्रह पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।
हर उपग्रह पर लगे सोलर पैनल एआई कंप्यूटेशन के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न करेंगे, जिससे पृथ्वी आधारित डेटा सेंटरों की ऊर्जा खपत में कमी आएगी।
यह मॉडल सतत विकास और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

स्थैतिक जीके तथ्य: सौर ऊर्जा से संचालित पहला उपग्रह “वैनगार्ड-1” था, जिसे 1958 में अमेरिका ने प्रक्षेपित किया था।

प्रोटोटाइप और परीक्षण योजना

गूगल 2027 तक दो प्रोटोटाइप उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
इनका उद्देश्य तीन मुख्य पहलुओं का परीक्षण करना है —

  1. सौर ऊर्जा उत्पादन की दक्षता
  2. अंतरिक्ष में चिप का प्रदर्शन
  3. डेटा ट्रांसमिशन की विश्वसनीयता

यदि ये परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह परियोजना एक अंतरिक्ष-आधारित एआई कंप्यूटिंग नेटवर्क के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी, जो पृथ्वी और उपग्रह प्रणालियों के बीच रीयल-टाइम विश्लेषण और संचार को सक्षम बनाएगा।
यह पहल आपदा प्रबंधन, अंतरिक्ष अनुसंधान, और वैश्विक संचार में भी सुधार ला सकती है।

स्थैतिक जीके टिप: पहला कृत्रिम उपग्रह “स्पुतनिक-1” था, जिसे 1957 में सोवियत संघ ने प्रक्षेपित किया — जिससे अंतरिक्ष युग की शुरुआत हुई।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि प्रोजेक्ट सनकैचर सफल होता है, तो यह एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग की संरचना को पुनर्परिभाषित कर सकता है।
यह पहल अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी स्पेस-आधारित डेटा समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे ऊर्जा दक्षता और डेटा विलंबता (latency) की समस्याएँ कम होंगी।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आने वाले वर्षों में कक्षा में एआई” (AI in Orbit) एक सामान्य वास्तविकता बन सकता है।

Static Usthadian Current Affairs Table

विषय विवरण
परियोजना का नाम प्रोजेक्ट सनकैचर
प्रारंभकर्ता गूगल
उद्देश्य सौर ऊर्जा संचालित उपग्रहों के माध्यम से अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटरों का परीक्षण
कक्षा का प्रकार निम्न-पृथ्वी कक्षा (Low-Earth Orbit – LEO)
प्रमुख तकनीक टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPUs)
प्रोटोटाइप लॉन्च वर्ष 2027
ऊर्जा स्रोत सौर ऊर्जा
प्रोटोटाइप उपग्रहों की संख्या 2
गूगल मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया
महत्व सतत अंतरिक्ष-आधारित एआई कंप्यूटिंग की दिशा में पहला कदम
Project Suncatcher in Space
  1. Google ने AI-संचालित उपग्रहों के विकास के लिए प्रोजेक्ट सनकैचर (Project Suncatcher) लॉन्च किया।
  2. इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंप्यूटिंग को अंतरिक्ष में लाना है।
  3. यह परियोजना निम्नपृथ्वी कक्षा (LEO) में सौर ऊर्जा से संचालित उपग्रहों का उपयोग करती है।
  4. LEO की ऊँचाई पृथ्वी से 500 से 2,000 किमी के बीच होती है।
  5. उपग्रह AI संगणन (Computation) के लिए टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPU) का उपयोग करेंगे।
  6. Google के TPU मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग कार्यों को गति प्रदान करते हैं।
  7. यह परियोजना अंतरिक्षआधारित स्थायी AI डेटा केंद्रों की संभावना का परीक्षण करती है।
  8. सौर ऊर्जा सभी उपग्रह संचालन को शक्ति प्रदान करेगी।
  9. पहले दो प्रोटोटाइप 2027 तक लॉन्च किए जाएंगे।
  10. परीक्षणों में ऊर्जा दक्षता, चिप प्रदर्शन और डेटा ट्रांसमिशन क्षमता शामिल हैं।
  11. वैनगार्ड 1 (1958) पहला सौर ऊर्जा से संचालित उपग्रह था।
  12. स्पुतनिक 1 (1957) ने अंतरिक्ष युग की शुरुआत की थी।
  13. यह प्रणाली पृथ्वीआधारित डेटा केंद्रों के ऊर्जा उपयोग को कम कर सकती है।
  14. यह परियोजना जलवायुअनुकूल AI विकास का समर्थन करती है।
  15. यह वास्तविक समय संचार और आपदा प्रबंधन प्रणालियों में सुधार कर सकती है।
  16. Google का मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफ़ोर्निया (U.S.) में स्थित है।
  17. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भी LEO (~408 किमी) में परिक्रमा करता है।
  18. प्रोजेक्ट सनकैचर AI, स्थिरता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के संयोजन का प्रतिनिधित्व करता है।
  19. सफल होने पर यह कक्षा में वैश्विक AI डेटा नेटवर्किंग को संभव बनाएगा।
  20. यह मिशन भविष्य के अंतरिक्षआधारित कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे को पुनर्परिभाषित कर सकता है।

Q1. किस कंपनी ने “प्रोजेक्ट सनकैचर” की शुरुआत की?


Q2. प्रोजेक्ट सनकैचर का मुख्य उद्देश्य क्या है?


Q3. प्रोटोटाइप उपग्रहों का प्रक्षेपण कब किया जाएगा?


Q4. इन उपग्रहों को संचालित करने वाला विशेष चिप कौन-सा होगा?


Q5. प्रोजेक्ट सनकैचर के उपग्रह किस ऊर्जा स्रोत से संचालित होंगे?


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