वॉटर स्टीवर्डशिप के लिए नेशनल पहचान
18 नवंबर 2025 को, भारत ने वॉटर गवर्नेंस में एक बड़ा पल मनाया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में छठा नेशनल वॉटर अवॉर्ड्स और जल संचय-जन भागीदारी पहचान दी। इस सेरेमनी में पानी बचाने के लिए साइंटिफिक, कम्युनिटी-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भारत की लगातार कोशिशों पर ज़ोर दिया गया।
इन अवॉर्ड्स में उन इंस्टीट्यूशन्स, इंडस्ट्रीज़, ज़िलों और लोगों को पहचान दी गई जिन्होंने सस्टेनेबल वॉटर मैनेजमेंट के लिए मेज़रेबल, इनोवेटिव तरीकों को दिखाया।
स्टैटिक GK फैक्ट: जल शक्ति मंत्रालय ने पूरे भारत में बेस्ट तरीकों को बढ़ावा देने के लिए 2018 में नेशनल वॉटर अवॉर्ड्स शुरू किए थे। भारत में पानी का कल्चरल महत्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के कल्चरल वैल्यूज़ पानी की जगहों का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बंकिम चंद्र चटर्जी के नेशनल सॉन्ग का ज़िक्र किया, जिसका पहला शब्द, “सुजलम,” पानी की बहुत ज़्यादा मात्रा को दिखाता है, जो दिखाता है कि खुशहाली का आइडिया नदियों, झीलों और ग्राउंडवाटर से कैसे जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि इस पारंपरिक समझ को आज के वॉटर एथिक्स को गाइड करना चाहिए, खासकर जब पॉपुलेशन ग्रोथ और क्लाइमेट वेरिएबिलिटी देश के हाइड्रोलॉजिकल बैलेंस पर असर डाल रही है।
कमी और क्लाइमेट चेंज से बढ़ती चुनौतियाँ
क्लाइमेट चेंज से जुड़ी बढ़ती डिमांड और अनियमित मॉनसून की वजह से भारत में प्रति व्यक्ति पानी की अवेलेबिलिटी लगातार कम हो रही है। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि पानी के रिसोर्स पर दबाव के लिए सभी एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर मिलकर काम करने की ज़रूरत है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम लोगों, किसानों और इंडस्ट्रीज़ को माइक्रो-इरिगेशन से लेकर वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग तक, पानी के इस्तेमाल की अच्छी टेक्नोलॉजी अपनानी चाहिए।
स्टैटिक GK टिप: भारत को फाल्कनमार्क इंडेक्स क्राइटेरिया के तहत “वॉटर-स्ट्रेस्ड” देश के तौर पर क्लासिफाई किया गया है। जल संचय-जन भागीदारी पहल की उपलब्धियां
इस इवेंट की एक खास बात यह थी कि जल संचय-जन भागीदारी (JSJB) प्रोग्राम के तहत सिर्फ़ एक साल के अंदर 35 लाख से ज़्यादा ग्राउंडवॉटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए गए। ये स्ट्रक्चर भारत की आर्टिफिशियल रिचार्ज कैपेसिटी को मज़बूत करते हैं और कमज़ोर इलाकों में ग्राउंडवॉटर लेवल को फिर से ऊपर उठाने में मदद करते हैं।
इंडस्ट्रीज़ की भी सर्कुलर वॉटर इकॉनमी सिस्टम अपनाने के लिए तारीफ़ की गई, जिसमें ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) भी शामिल है, जिससे यह साबित होता है कि इंडस्ट्रियल एफिशिएंसी और एनवायरनमेंटल ज़िम्मेदारी असरदार तरीके से एक साथ आ सकती हैं।
कम्युनिटीज़ और इंस्टीट्यूशन्स की मिली-जुली भूमिका
राष्ट्रपति ने दोहराया कि पानी की सुरक्षा सिर्फ़ सरकारी फ्रेमवर्क पर ही नहीं, बल्कि पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस पर भी निर्भर करती है। गांव की पंचायतों, म्युनिसिपल बॉडीज़, NGOs और स्टूडेंट्स से अवेयरनेस कैंपेन और लोकल वॉटर हार्वेस्टिंग पहलों में योगदान देने की अपील की गई।
उन्होंने नेचुरल रिसोर्सेज़ के साथ आदिवासी कम्युनिटीज़ के सम्मानजनक रिश्ते की तारीफ़ की, और उनके तरीकों को पूरे देश में सस्टेनेबल लिविंग के लिए एक मॉडल बताया।
विजेताओं का जश्न
2024 के विजेताओं ने अलग-अलग इलाकों और सेक्टर्स को रिप्रेजेंट किया। महाराष्ट्र ने बेस्ट स्टेट कैटेगरी जीती, जबकि राजनांदगांव, खरगोन, तिरुनेलवेली, मिर्ज़ापुर और सिपाहीजला जैसे ज़िले अपने-अपने ज़ोन में टॉप पर रहे।
IIT गांधीनगर, ICAR-CCARI गोवा और BITS पिलानी जैसे इंस्टीट्यूशन ने कैंपस-लेवल वॉटर मैनेजमेंट के लिए टॉप रैंक हासिल की।
आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों को ऐसे कम्युनिटी मॉडल के लिए पहचान मिली जिन्हें दोहराया जा सके। अपोलो टायर्स, हीरो मोटोकॉर्प और झज्जर पावर लिमिटेड जैसी इंडस्ट्रीज़ को सस्टेनेबल, मेज़रेबल वॉटर प्रैक्टिस अपनाने के लिए पहचान मिली।
स्टैटिक GK फैक्ट: ग्राम पंचायतें ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान (GPDP) फ्रेमवर्क के तहत वॉटर कंज़र्वेशन स्कीम लागू करती हैं।
नेशनल वॉटर अवार्ड्स का महत्व
इन अवार्ड्स का मकसद वॉटर सिक्योरिटी, इनोवेशन और क्लाइमेट अडैप्टेशन पर फोकस करने वाले देश भर में एक मूवमेंट को इंस्पायर करना है। ये ऐसे स्केलेबल सॉल्यूशन दिखाने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म देते हैं जो भविष्य में पानी से जुड़ी चुनौतियों के लिए भारत की तैयारी को मज़बूत करते हैं।
स्टैटिक उस्तादियन करेंट अफेयर्स टेबल
| विषय | विवरण |
| कार्यक्रम | छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 |
| तिथि | 18 नवम्बर 2025 |
| स्थल | नई दिल्ली |
| प्रदान करने वाली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू |
| प्रमुख कार्यक्रम | जल संचय–जन भागीदारी |
| प्रमुख उपलब्धि | 35 लाख भू-जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण |
| सर्वश्रेष्ठ राज्य | महाराष्ट्र |
| सर्वश्रेष्ठ ज़िले | राजनांदगांव, खरगोन, तिरुनेलवेली, मिर्ज़ापुर, सिपाहीजला |
| प्रमुख क्षेत्र | जल संरक्षण, जलवायु सहनशीलता |
| औद्योगिक उपलब्धिकर्ता | अपोलो टायर्स, हीरो मोटोकॉर्प, झज्जर पावर लिमिटेड |





